मतदाता सूचियां के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम SIR के तहत जिले की 6 विधानसभा में 1.59 लाख नाम कटे हैं। इनमें से 1 लाख से ज्यादा वोटर्स शिफ्ट हो चुके। ये आंकड़ा जिले की 6 विधानसभा सीट में कुल हार जीत के अंतर के बराबर है। जिले की 6 विधानसभा सीट पर जीत का कुल अंतर 1 लाख के पार था। ड्राफ्ट सूची में जिले की 6 विधानसभा में 10.4 फीसदी नाम हटे है। इनमें 7 फीसदी वोटर्स शिफ्ट हुए, 1.6 फीसदी वोटर की मौत हो चुकी। 1.7 फीसदी वोटर एब्सेंट, 0.5 फीसदी डबल वोटर है। सबसे ज्यादा 15 फीसदी नाम कोटा उत्तर विधानसभा में हटे है। उसके बाद लाडपुरा विधानसभा में 13 फीसदी, कोटा दक्षिण में 9 फीसदी, सांगोद व रामगंजमंडी में 8-8 फीसदी वोटर्स के नाम हटे है। पीपल्दा में सबसे कम 6.5 फीसदी नाम हटे है। कोटा जिले में कितने लोगों के नाम कटे……. वोटर्स के हिसाब से तीसरी से चौथी हुई कोटा उत्तर वोटर्स की संख्या के हिसाब से कोटा उत्तर जिले की तीसरी बड़ी विधानसभा थी। यहां 2,65,251 वोटर थे, ड्राफ्ट सूची में 40732 वोटर्स के नाम हटे है। जबकि साल 2023 के चुनाव में यहां हार जीत का अंतर 2486 वोट थे। अब 2,24,519 वोटर के साथ जिले की चौथी बड़ी विधानसभा हो गई। यहां से कांग्रेस के शांति धारीवाल विधायक है जो गहलोत सरकार में यूडीएच मंत्री रहे है। वोटर्स के हिसाब से चौथी से तीसरी हुई रामगंजमंडी वोटर्स की संख्या के हिसाब से रामगंजमंडी जिले की चौथी बड़ी विधानसभा थी। यहां 2,62,124 मतदाता थे। ड्राफ्ट सूची में 21,487 वोटर्स के नाम हटे है। जबकि साल 2023 के चुनाव में 18,422 वोट हार जीत का अंतर था। अब 2,40,637 वोटर के साथ जिले की तीसरी बड़ी विधानसभा हो गई। यहां से बीजेपी के मदन दिलावर विधायक है। भजनलाल सरकार में शिक्षा मंत्री है। सांगोद में अब 2 लाख से कम वोटर पहले जिले की सभी 6 विधानसभाओं में 2 लाख से ज्यादा वोटर थे। ड्राफ्ट सूची में सांगोद विधानसभा में 17,750 नाम हटे है। जबकि साल 2023 के चुनाव में यहां हार जीत का अंतर 25,586 वोट थे। अब सांगोद में 1,96,396 वोटर रह गए। वोटर्स के लिहाज से सांगोद जिले की सबसे छोटी विधानसभा है। यहां से बीजेपी के हीरालाल नागर विधायक है। भजनलाल सरकार में ऊर्जा मंत्री है। कोटा में उत्तर में सबसे ज्यादा, पीपल्दा में सबसे कम शिफ्ट हुए सबसे ज्यादा 29,914 वोटर कोटा उत्तर से शिफ्ट हुए। जबकि सबसे कम 9736 पीपल्दा विधानसभा से शिफ्ट हुए। लाडपुरा विधानसभा में सबसे ज्यादा 11,427 वोटर एब्सेंट (अनुपस्थित) मिले। जबकि पीपल्दा में ये आंकड़ा 1004 रहा। मृत वोटर की सबसे ज्यादा संख्या 5735 लाडपुरा विधानसभा में रही, जबकि पीपल्दा में 2908 नाम मौत की वजह से हटे। कोटा दक्षिण विधानसभा में डबल वोटर की संख्या की वजह से 2426 नाम हटे। सांगोद में 455 डबल वोटर के नाम हटे। कटने वाले नाम और जीत का अंतर……… 1200 वोटर पर एक बूथ, रामगंजमंडी में सबसे ज्यादा 55, सांगोद में 21 बूथ बढ़ाए गए जिले में 246 नए बूथ (16.5 फीसदी) बढ़ाए गए है। सबसे ज्यादा रामगंजमंडी में 55 बूथ, लाडपुरा में 52, कोटा दक्षिण में 50, पीपल्दा में 41,कोटा उत्तर में 27 व सांगोद में 21 बढ़ाए गए है। पहले 1400 वोटर पर एक बूथ हुआ करता था। पहले जिले में 1463 बूथ थे। अब 1200 वोटर पर एक बूथ बनाया गया है। इस हिसाब से जिले में अब बूथों की संख्या 1709 हो गई। ये खबर भी पढ़े- कोटा में 1.59 लाख नाम वोटर लिस्ट से कटे:कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री की विधानसभा में 40 हजार नाम, शिक्षा मंत्री के क्षेत्र से 21 हजार नाम हटे वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में जिन वोटर्स के नाम काटे गए हैं, उनकी लिस्ट जारी कर दी गई है। इसके अनुसार कोटा जिले में (कुल 6 विधानसभा क्षेत्र) 1 लाख 59 हजार 788 वोटर्स के नाम कटे हैं। इनमें 1 लाख 629 वोटर्स दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं। 25 हजार 65 की मौत हो चुकी। 7 हजार 6 डबल वोटर्स थे। इसके अलावा 26 हजार 153 संबंधित पते पर एब्सेंट (अनुपस्थित) मिले। 935 वोटर्स के नाम अन्य कारणों से कटे है। खबर पढ़े


