पूर्णिया GMCH में 24 घंटे में 130 मरीज एडमिट:90 प्रतिशत पेशेंट सड़क हादसे में घायल, बाकी को फूड प्वाइजनिंग और दूसरी बीमारी

पूर्णिया GMCH में 24 घंटे में 130 मरीज एडमिट:90 प्रतिशत पेशेंट सड़क हादसे में घायल, बाकी को फूड प्वाइजनिंग और दूसरी बीमारी

पूर्णिया में होली के मौके पर इस साल बड़ी संख्या में लोग सड़क हादसे से घायल हुए। 24 घंटे के अंदर GMCH की इमरजेंसी में 130 घायल मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इमरजेंसी वार्ड के पेशेंट रजिस्टर के मुताबिक इनमें 90 फीसदी मामले सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े थे। वहीं, करीब 10 फीसदी मामलों में मारपीट, आंखों में केमिकल वाला रंग चले जाने और फूड पॉइजनिंग जैसी शिकायतें शामिल रहीं। होली पर 24 घंटे में 130 मरीज इमरजेंसी वार्ड में इलाज के लिए एडमिट हुए। इनमें 50 से अधिक मरीज गंभीर रूप से घायल हैं। इन मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर डॉक्टरों की विशेष निगरानी में इलाज किया जा रहा है। कई मरीजों के सिर, हाथ-पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। सड़क हादसों से जुड़े अधिकतर मामले पूर्णिया सदर और कसबा इलाके से सामने आए। 80 फीसदी एक्सीडेंट शहरी क्षेत्र में हुए, जबकि करीब 20 फीसदी हादसे अन्य प्रखंडों से जुड़े रहे। तेज रफ्तार की वजह से हादसा
डॉक्टरों का कहना है कि ज्यादातर दुर्घटनाओं की वजह तेज रफ्तार, नशे की हालत में वाहन चलाना और हेलमेट का इस्तेमाल नहीं करना रही। होली के दौरान कई लोग बाइक तेज गति से चलाते हैं, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है।

सड़क हादसों के अलावा कुछ मरीज ऐसे भी अस्पताल पहुंचे, जिनकी आंखों में केमिकल वाला रंग चले जाने से जलन, सूजन और दर्द की शिकायत थी। कुछ लोग होली के हुड़दंग के दौरान आपसी विवाद और मारपीट में घायल हो गए। इसके अलावा फूड पॉइजनिंग के भी कुछ मामले सामने आए, जिनमें लोगों को उल्टी, पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत के बाद इलाज दिया गया।

गुरुवार को भी अलग-अलग जगहों पर हादसा होली को देखते हुए GMCH प्रबंधन पहले से ही अलर्ट मोड में था। अस्पताल का इमरजेंसी वार्ड पूरे 24 घंटे मरीजों से भरा रहा। मरीजों की संख्या ज्यादा होने के कारण डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और बेड की अतिरिक्त व्यवस्था भी की गई थी, ताकि सभी मरीजों का तुरंत इलाज हो सके। होली के बाद भी हादसों का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। गुरुवार को भी करीब 30 लोग अलग-अलग हादसों में घायल होकर इलाज के लिए GMCH पहुंचे। इनमें भी ज्यादातर मामले सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े बताए जा रहे हैं। डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि त्योहार के दौरान ट्रैफिक नियमों का पालन करें, हेलमेट पहनें और नशे की हालत में वाहन न चलाएं, ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके। पूर्णिया में होली के मौके पर इस साल बड़ी संख्या में लोग सड़क हादसे से घायल हुए। 24 घंटे के अंदर GMCH की इमरजेंसी में 130 घायल मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इमरजेंसी वार्ड के पेशेंट रजिस्टर के मुताबिक इनमें 90 फीसदी मामले सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े थे। वहीं, करीब 10 फीसदी मामलों में मारपीट, आंखों में केमिकल वाला रंग चले जाने और फूड पॉइजनिंग जैसी शिकायतें शामिल रहीं। होली पर 24 घंटे में 130 मरीज इमरजेंसी वार्ड में इलाज के लिए एडमिट हुए। इनमें 50 से अधिक मरीज गंभीर रूप से घायल हैं। इन मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर डॉक्टरों की विशेष निगरानी में इलाज किया जा रहा है। कई मरीजों के सिर, हाथ-पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। सड़क हादसों से जुड़े अधिकतर मामले पूर्णिया सदर और कसबा इलाके से सामने आए। 80 फीसदी एक्सीडेंट शहरी क्षेत्र में हुए, जबकि करीब 20 फीसदी हादसे अन्य प्रखंडों से जुड़े रहे। तेज रफ्तार की वजह से हादसा
डॉक्टरों का कहना है कि ज्यादातर दुर्घटनाओं की वजह तेज रफ्तार, नशे की हालत में वाहन चलाना और हेलमेट का इस्तेमाल नहीं करना रही। होली के दौरान कई लोग बाइक तेज गति से चलाते हैं, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है।

सड़क हादसों के अलावा कुछ मरीज ऐसे भी अस्पताल पहुंचे, जिनकी आंखों में केमिकल वाला रंग चले जाने से जलन, सूजन और दर्द की शिकायत थी। कुछ लोग होली के हुड़दंग के दौरान आपसी विवाद और मारपीट में घायल हो गए। इसके अलावा फूड पॉइजनिंग के भी कुछ मामले सामने आए, जिनमें लोगों को उल्टी, पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत के बाद इलाज दिया गया।

गुरुवार को भी अलग-अलग जगहों पर हादसा होली को देखते हुए GMCH प्रबंधन पहले से ही अलर्ट मोड में था। अस्पताल का इमरजेंसी वार्ड पूरे 24 घंटे मरीजों से भरा रहा। मरीजों की संख्या ज्यादा होने के कारण डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और बेड की अतिरिक्त व्यवस्था भी की गई थी, ताकि सभी मरीजों का तुरंत इलाज हो सके। होली के बाद भी हादसों का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। गुरुवार को भी करीब 30 लोग अलग-अलग हादसों में घायल होकर इलाज के लिए GMCH पहुंचे। इनमें भी ज्यादातर मामले सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े बताए जा रहे हैं। डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि त्योहार के दौरान ट्रैफिक नियमों का पालन करें, हेलमेट पहनें और नशे की हालत में वाहन न चलाएं, ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *