मेट्रो के नाम पर दफ़न कर दी 125 साल पुरानी ‘धरोहर’, पुलिस थाने में केस दर्ज

मेट्रो के नाम पर दफ़न कर दी 125 साल पुरानी ‘धरोहर’, पुलिस थाने में केस दर्ज

MP News: इंदौर के दिल में चल रहे एक बड़े प्रोजेक्ट के बीच अचानक ऐसा खुलासा हुआ, जिसने पर्यावरण प्रेमियों को सड़क पर ला खड़ा किया। 125 साल पुरानी धरोहर पर चली कार्रवाई से सवालों का तूफान खड़ा हो गया। इंदौर के रानी सराय परिसर में स्थित करीब 125 पुरानी बावड़ी को मिट्टी डालकर मेट्रो रेल काॅर्पोरेशन ने बंद कर दिया है। इंदौर मेट्रो (Indore Metro) के अंडरग्राउंड स्टेशन का निर्माण करने के लिए बावड़ी को बंद कर तोड़ रहे थे, पर्यावरणविदों ने मौके पर पहुंचकर विरोध करते हुए काम रुकवाया। कार्रवाई के लिए पुलिस को शिकायत भी की है।

अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन के लिए पेड़ काटने की तैयारी भी की गई थी। यहां अंदर बावड़ी थी उसे मिट्टी, मलबा भरकर बंद कर दिया। बुधवार को उसकी बाउंड्री तोड़ी जा रही थी। सूचना मिलने पर जनहित पार्टी व पर्यावरण प्रेमी मंच के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे। पदाधिकारी डॉ. दिलीप वाघेला के मुताबिक, बावड़ी करीब 125 साल पुरानी थी। इसमें पानी था, जिससे आसपास का जल स्तर भी अच्छा हो गया था।

हॉस्टल के छात्रों को सप्लाय होता था पानी

मेट्रो काॅर्पोरेशन ने इसे खुदाई से निकली बावड़ी बताया, पदाधिकारियों का कहना है कि काॅर्पोरेशन झूठे दावे कर रहा है। पहले रानी सराय में एसजीएसआइटीएस का हॉस्टल था और छात्रों को इसी बावड़ी (कुएं) का पानी सप्लाय होता था। विरोध करने पर काम रोक दिया गया। बाद में पदाधिकारियों ने छोटी ग्वालटोली थाने पहुंचकर कार्रवाई के लिए आवेदन दिया। मेट्रो रेल काॅर्पोरेशन के ऑफिस में भी आपत्ति लगाई।

पदाधिकारी बोले- हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना

पदाधिकारियों का कहना था कि हाईकोर्ट ने प्रदेश में सभी प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण करने के लिए कहा है। बावड़ी बंद होना इसकी अवहेलना है। बावड़ी पर पहुंंचकर जनहित पार्टी के अभय जैन, डॉ. सुभाष बारोड़, डॉ. दिलीप वाघेला, प्रमोद नामदेव, अजय लागू एवं अन्य लोगों ने विरोध जताया। (MP News)

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