IGIMS में 1200 बेड का मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल:दिसंबर 2026 से पहले पूरा करने का टारगेट, 12 मॉड्यूलर OT; 90 बेड ICU की मिलेगा सुविधा

IGIMS में 1200 बेड का मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल:दिसंबर 2026 से पहले पूरा करने का टारगेट, 12 मॉड्यूलर OT; 90 बेड ICU की मिलेगा सुविधा

पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में 1200 बेड का अत्याधुनिक मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल तेजी से निर्माणाधीन है। संस्थान प्रशासन और बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMSICL) इस परियोजना को दिसंबर 2026 से पहले पूरा करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। यह नया अस्पताल बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा। इसमें आपातकालीन सेवाओं से लेकर जटिल सर्जरी, गहन चिकित्सा इकाई (ICU), पुनर्वास और विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी विभागों की सुविधाएँ एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। 1200 बेड का अस्पताल स्वास्थ्य सेवाओं को देगा नई दिशा IGIMS के निदेशक प्रो. बिन्दे कुमार ने बताया कि यह 1200 बेड का अस्पताल राज्य में उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि अस्पताल के प्रत्येक तल पर अलग-अलग सुपर स्पेशियलिटी विभाग स्थापित किए जाएंगे। यह परियोजना सरकार और स्वास्थ्य विभाग की उच्च प्राथमिकता में शामिल है, जिसकी निगरानी भी उच्च स्तर पर की जा रही है। 12 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, 90 बेड का आईसीयू नए अस्पताल में मरीजों को कई प्रमुख सुविधाएँ मिलेंगी। इनमें परिसर में ही सुपर स्पेशियलिटी इलाज, 160 बेड की अत्याधुनिक आपातकालीन सुविधा, 12 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और 90 बेड का आईसीयू शामिल हैं। बच्चों, महिलाओं और मानसिक रोगियों के लिए अलग वार्ड की व्यवस्था भी होगी। अस्पताल में आधुनिक उपकरण और बेहतर संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। ऑपरेशन थिएटर (OT) और आईसीयू की संख्या बढ़ने से मरीजों को इलाज के लिए कम प्रतीक्षा करनी पड़ेगी। अस्पताल के भूतल (ग्राउंड फ्लोर) पर 164 बेड की अत्याधुनिक आपातकालीन इकाई और 6 ऑपरेशन थिएटर होंगे। यहां गंभीर रोगियों के आपातकालीन उपचार और तुरंत सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सेंट्रल स्टरलाइजेशन सर्विस डिपार्टमेंट (CSSD) भी भूतल पर ही स्थापित होगा। अस्पताल के प्रथम तल पर मिलेगी ये सुविधाएं पेट संबंधी जटिल ऑपरेशन, महिलाओं की सर्जरी और गंभीर मरीजों की निगरानी की व्यवस्था। अस्पताल के द्वितीय तल पर मिलेगी ये सुविधाएं बच्चों, मानसिक रोगियों और गैस्ट्रो मरीजों के लिए अलग-अलग विशिष्ट सुविधाएं।
अस्पताल के तृतीय तल पर मिलेगी ये सुविधाएं लंबी बीमारी और पुनर्वास वाले मरीजों को विशेष देखभाल मिलेगी। अस्पताल के चौथा तल पर मिलेगी ये सुविधाएं किडनी, नसों और सामान्य सर्जरी के मरीजों के लिए अलग उपचार सुविधा। अस्पताल के पांचवां तल पर मिलेगी ये सुविधाएं 30 बेड का आईसीयू दिमाग, रीढ़ और हड्डी से जुड़े जटिल ऑपरेशन यहां किए जाएंगे। अस्पताल के छठा तल पर मिलेगी ये सुविधाएं बड़ी और जटिल सर्जरी की तैयारी से लेकर ऑपरेशन के बाद गहन निगरानी तक की पूरी व्यवस्था इस तल पर होगी। बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को मिलेगा बड़ा सहारा आईजीआईएमएस का यह 1200 बेड का मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल तैयार होने के बाद गंभीर रोगियों को राज्य से बाहर जाने की जरूरत कम होगी। अत्याधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ यह परियोजना बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में 1200 बेड का अत्याधुनिक मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल तेजी से निर्माणाधीन है। संस्थान प्रशासन और बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMSICL) इस परियोजना को दिसंबर 2026 से पहले पूरा करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। यह नया अस्पताल बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा। इसमें आपातकालीन सेवाओं से लेकर जटिल सर्जरी, गहन चिकित्सा इकाई (ICU), पुनर्वास और विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी विभागों की सुविधाएँ एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। 1200 बेड का अस्पताल स्वास्थ्य सेवाओं को देगा नई दिशा IGIMS के निदेशक प्रो. बिन्दे कुमार ने बताया कि यह 1200 बेड का अस्पताल राज्य में उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि अस्पताल के प्रत्येक तल पर अलग-अलग सुपर स्पेशियलिटी विभाग स्थापित किए जाएंगे। यह परियोजना सरकार और स्वास्थ्य विभाग की उच्च प्राथमिकता में शामिल है, जिसकी निगरानी भी उच्च स्तर पर की जा रही है। 12 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, 90 बेड का आईसीयू नए अस्पताल में मरीजों को कई प्रमुख सुविधाएँ मिलेंगी। इनमें परिसर में ही सुपर स्पेशियलिटी इलाज, 160 बेड की अत्याधुनिक आपातकालीन सुविधा, 12 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और 90 बेड का आईसीयू शामिल हैं। बच्चों, महिलाओं और मानसिक रोगियों के लिए अलग वार्ड की व्यवस्था भी होगी। अस्पताल में आधुनिक उपकरण और बेहतर संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। ऑपरेशन थिएटर (OT) और आईसीयू की संख्या बढ़ने से मरीजों को इलाज के लिए कम प्रतीक्षा करनी पड़ेगी। अस्पताल के भूतल (ग्राउंड फ्लोर) पर 164 बेड की अत्याधुनिक आपातकालीन इकाई और 6 ऑपरेशन थिएटर होंगे। यहां गंभीर रोगियों के आपातकालीन उपचार और तुरंत सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सेंट्रल स्टरलाइजेशन सर्विस डिपार्टमेंट (CSSD) भी भूतल पर ही स्थापित होगा। अस्पताल के प्रथम तल पर मिलेगी ये सुविधाएं पेट संबंधी जटिल ऑपरेशन, महिलाओं की सर्जरी और गंभीर मरीजों की निगरानी की व्यवस्था। अस्पताल के द्वितीय तल पर मिलेगी ये सुविधाएं बच्चों, मानसिक रोगियों और गैस्ट्रो मरीजों के लिए अलग-अलग विशिष्ट सुविधाएं।
अस्पताल के तृतीय तल पर मिलेगी ये सुविधाएं लंबी बीमारी और पुनर्वास वाले मरीजों को विशेष देखभाल मिलेगी। अस्पताल के चौथा तल पर मिलेगी ये सुविधाएं किडनी, नसों और सामान्य सर्जरी के मरीजों के लिए अलग उपचार सुविधा। अस्पताल के पांचवां तल पर मिलेगी ये सुविधाएं 30 बेड का आईसीयू दिमाग, रीढ़ और हड्डी से जुड़े जटिल ऑपरेशन यहां किए जाएंगे। अस्पताल के छठा तल पर मिलेगी ये सुविधाएं बड़ी और जटिल सर्जरी की तैयारी से लेकर ऑपरेशन के बाद गहन निगरानी तक की पूरी व्यवस्था इस तल पर होगी। बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को मिलेगा बड़ा सहारा आईजीआईएमएस का यह 1200 बेड का मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल तैयार होने के बाद गंभीर रोगियों को राज्य से बाहर जाने की जरूरत कम होगी। अत्याधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ यह परियोजना बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।  

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