सहरसा में 12 वर्षीय किशोर रेस्क्यू:दो दिनों से भटक रहा था, मां की हत्या का आरोप; डर से भागा

सहरसा में 12 वर्षीय किशोर रेस्क्यू:दो दिनों से भटक रहा था, मां की हत्या का आरोप; डर से भागा

सहरसा शहर के मल्लिक टोला से शनिवार को एक 12 वर्षीय नाबालिग किशोर को चाइल्ड हेल्पलाइन और डायल 112 पुलिस ने रेस्क्यू किया। किशोर पिछले दो दिनों से इलाके में भटक रहा था। चाइल्ड हेल्पलाइन की जिला कोऑर्डिनेटर टुसी कुमारी ने बताया कि उन्हें मल्लिक टोला में एक नाबालिग के अकेले रहने की सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि के बाद टीम ने डायल 112 पुलिस के सहयोग से बच्चे को सुरक्षित रेस्क्यू कर सदर थाना पहुंचाया। रेस्क्यू के दौरान पता चला कि किशोर के माता-पिता जीवित नहीं हैं। सदर थाना में दिए गए प्रारंभिक बयान में बच्चे ने आरोप लगाया कि उसकी मां की हत्या उसकी बड़ी मां (चाची) ने की है। उसने यह भी बताया कि उसकी जान को खतरा था, जिसके डर से वह घर से भागकर सहरसा आ गया। किशोर ने बताया कि वह पिछले दो दिनों से सहरसा के विभिन्न इलाकों और मेला परिसर में भटक रहा था। इस दौरान एक युवक ने उसे मल्लिक टोला में अस्थायी रूप से रहने और खाने की जगह दी थी। बच्चा मानसिक रूप से काफी डरा हुआ है। चाइल्ड हेल्पलाइन की जिला कोऑर्डिनेटर ने बताया कि बच्चे को बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। समिति के निर्देशानुसार उसे तत्काल बाल गृह में रखा जाएगा, ताकि उसे सुरक्षित वातावरण, काउंसलिंग और आवश्यक देखभाल मिल सके। पूरे मामले की जानकारी संबंधित विभागों और पुलिस प्रशासन को दी जा रही है। बालक के बयान के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। चाइल्ड हेल्पलाइन और जिला प्रशासन की प्राथमिकता बच्चे को पूर्ण सुरक्षा, न्याय और पुनर्वास उपलब्ध कराना है। सहरसा शहर के मल्लिक टोला से शनिवार को एक 12 वर्षीय नाबालिग किशोर को चाइल्ड हेल्पलाइन और डायल 112 पुलिस ने रेस्क्यू किया। किशोर पिछले दो दिनों से इलाके में भटक रहा था। चाइल्ड हेल्पलाइन की जिला कोऑर्डिनेटर टुसी कुमारी ने बताया कि उन्हें मल्लिक टोला में एक नाबालिग के अकेले रहने की सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि के बाद टीम ने डायल 112 पुलिस के सहयोग से बच्चे को सुरक्षित रेस्क्यू कर सदर थाना पहुंचाया। रेस्क्यू के दौरान पता चला कि किशोर के माता-पिता जीवित नहीं हैं। सदर थाना में दिए गए प्रारंभिक बयान में बच्चे ने आरोप लगाया कि उसकी मां की हत्या उसकी बड़ी मां (चाची) ने की है। उसने यह भी बताया कि उसकी जान को खतरा था, जिसके डर से वह घर से भागकर सहरसा आ गया। किशोर ने बताया कि वह पिछले दो दिनों से सहरसा के विभिन्न इलाकों और मेला परिसर में भटक रहा था। इस दौरान एक युवक ने उसे मल्लिक टोला में अस्थायी रूप से रहने और खाने की जगह दी थी। बच्चा मानसिक रूप से काफी डरा हुआ है। चाइल्ड हेल्पलाइन की जिला कोऑर्डिनेटर ने बताया कि बच्चे को बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। समिति के निर्देशानुसार उसे तत्काल बाल गृह में रखा जाएगा, ताकि उसे सुरक्षित वातावरण, काउंसलिंग और आवश्यक देखभाल मिल सके। पूरे मामले की जानकारी संबंधित विभागों और पुलिस प्रशासन को दी जा रही है। बालक के बयान के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। चाइल्ड हेल्पलाइन और जिला प्रशासन की प्राथमिकता बच्चे को पूर्ण सुरक्षा, न्याय और पुनर्वास उपलब्ध कराना है।  

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