जहानाबाद में 11 अवैध मकान ध्वस्त:सरकारी जमीन और जल स्रोत पर प्रशासन की कार्रवाई

जहानाबाद में 11 अवैध मकान ध्वस्त:सरकारी जमीन और जल स्रोत पर प्रशासन की कार्रवाई

जहानाबाद जिला मुख्यालय के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत पूर्वी ऊंटा मोहल्ले में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत सरकारी एवं जल स्रोत की भूमि पर बने 11 अवैध मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई अंचलाधिकारी स्नेहा सत्यम के नेतृत्व में की गई। हटाने के बावजूद अतिक्रमणकारियों ने दोबारा बनाए थे मकान प्रशासन के अनुसार तोड़े गए ये मकान पईन की भूमि पर अवैध रूप से निर्मित किए गए थे। इस मामले को लेकर पूर्व में न्यायालय में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके आदेश पर पहले भी अतिक्रमण हटाया गया था। हालांकि, अतिक्रमणकारियों ने दोबारा उसी भूमि पर मकान बना लिए थे, जिसके बाद प्रशासन को पुनः सख्त कदम उठाना पड़ा। अतिक्रमण हटाने के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी संख्या में महिला और पुरुष पुलिस बल तैनात किया गया था। मोहल्ले की संकरी गलियों के कारण जेसीबी मशीन मौके तक नहीं पहुंच सकी। ऐसे में, प्रशासन ने मजदूरों की मदद से हथौड़े और अन्य औजारों का उपयोग कर कच्चे और पक्के मकानों को ध्वस्त कराया। अंचलाधिकारी स्नेहा सत्यम ने बताया कि अतिक्रमणकारियों को पहले ही नोटिस जारी कर मकान खाली करने का निर्देश दिया गया था। नोटिस के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाने के कारण यह कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी और जल स्रोत की जमीन पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ प्रशासन सख्त अंचलाधिकारी ने यह भी कहा कि अवैध अतिक्रमण से न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान होता है, बल्कि जल निकासी और पर्यावरण पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस कार्रवाई के बाद शहरी और ग्रामीण इलाकों में एक स्पष्ट संदेश गया है कि अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई बिना किसी ढिलाई के जारी रहेगी। जहानाबाद जिला मुख्यालय के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत पूर्वी ऊंटा मोहल्ले में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत सरकारी एवं जल स्रोत की भूमि पर बने 11 अवैध मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई अंचलाधिकारी स्नेहा सत्यम के नेतृत्व में की गई। हटाने के बावजूद अतिक्रमणकारियों ने दोबारा बनाए थे मकान प्रशासन के अनुसार तोड़े गए ये मकान पईन की भूमि पर अवैध रूप से निर्मित किए गए थे। इस मामले को लेकर पूर्व में न्यायालय में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके आदेश पर पहले भी अतिक्रमण हटाया गया था। हालांकि, अतिक्रमणकारियों ने दोबारा उसी भूमि पर मकान बना लिए थे, जिसके बाद प्रशासन को पुनः सख्त कदम उठाना पड़ा। अतिक्रमण हटाने के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी संख्या में महिला और पुरुष पुलिस बल तैनात किया गया था। मोहल्ले की संकरी गलियों के कारण जेसीबी मशीन मौके तक नहीं पहुंच सकी। ऐसे में, प्रशासन ने मजदूरों की मदद से हथौड़े और अन्य औजारों का उपयोग कर कच्चे और पक्के मकानों को ध्वस्त कराया। अंचलाधिकारी स्नेहा सत्यम ने बताया कि अतिक्रमणकारियों को पहले ही नोटिस जारी कर मकान खाली करने का निर्देश दिया गया था। नोटिस के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाने के कारण यह कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी और जल स्रोत की जमीन पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ प्रशासन सख्त अंचलाधिकारी ने यह भी कहा कि अवैध अतिक्रमण से न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान होता है, बल्कि जल निकासी और पर्यावरण पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस कार्रवाई के बाद शहरी और ग्रामीण इलाकों में एक स्पष्ट संदेश गया है कि अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई बिना किसी ढिलाई के जारी रहेगी।  

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