प्रदेश में गर्भवती महिलाओं को घर से सरकारी हॉस्पिटल तक ले जाने के लिए शुरू की 104 जननी एक्सप्रेस सेवा (एम्बुलेंस) अब बंद हो गई है। ऐसे में अब आमजन 108 पर कॉल करके गर्भवती और प्रसव (डिलीवरी) बाद महिला को लाने, ले-जाने की सर्विस लेनी पड़ेगी। NHM निदेशक ने इसके लिए 108 की टेलीकॉल सर्विस देने वाली कंपनी को ये आदेश दिए है। दरअसल 104 जननी एक्सप्रेस सेवा का संचालन का जाे कॉन्ट्रेक्ट था वह मॉर्डन इमरजेंसी सर्विसेज के पास था। इस कंपनी का कॉन्ट्रेक्ट पिछले महीने 10 दिसंबर को खत्म हो गया। इस सर्विस के जरिए प्रदेशभर में 600 एम्बुलेंस संचालित की जाती थी। इन एम्बुलेंस में गर्भवती महिला को घर से हॉस्पिटल ले जाने और प्रसव के बाद उसे वापस घर लौटाने की सुविधा दी जाती थी। लेकिन पिछले कुछ दिनों से अब ये सर्विस बंद हो गई। इस कारण कुछ दिनों से गर्भवती महिलाओं को एम्बुलेंस की सेवाएं नहीं मिल रही। इसे देखते हुए अब नेशनल हैल्थ मिशन (NHM) ने अब 108 एम्बुलेंस सेवा पर इस सर्विस को टेम्प्रेरी तौर पर शुरू करने के आदेश दिए है। उन्होंने अति आवश्यक होने पर 108 पर एम्बुलेंस की सेवाएं इन गर्भवती महिलाओं के लिए देने के आदेश दिए है। ये सेवाएं तब तक जारी रखने के निर्देश दिए है जब तक 104 सेवा में लगी तमाम एम्बुलेंस गाड़ियां संबंधित जिलों के सीएमएचओ या संबंधित अधिकारी को हैंडओवर नहीं कर दी जाती। टेंडर में देरी पर उठे सवाल इधर NHM अधिकारियों की इस लापरवाही पर अब सवाल उठ रहे है। जब अधिकारियों को पहले से पता था कि दिसंबर 2025 में 104 जननी एक्सप्रेस सेवा का कॉन्ट्रेक्ट खत्म होने जा रहा है, तो ऐसे में समय रहते टेंडर की प्रक्रिया शुरू क्यों नहीं की गई। अधिकारियों ने इस सेवा के लिए नवंबर के आखिरी सप्ताह में टेंडर लगाए, जिसकी प्रक्रिया अब भी जारी है। ऐसे में जब तक टेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं होती और किसी दूसरी कंपनी को 104 एम्बुलेंस गाड़ियों का हैंडऑवर नहीं दिया जाता, तब तक ये समस्या बनी रहेगी।


