गोरखपुर के गीडा क्षेत्र में हनुमान चौहान (40) की मौत के बाद परिजनों को भड़काने और भीड़ जुटाकर पुलिस टीम पर पथराव कराने के आरोपी विशाल यादव की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी ने 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। आरोपी के उकसावे पर भीड़ ने पुलिस टीम पर पथराव किया था। जिसमें महिला कांस्टेबल समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। स्थिति ऐसी बन गई थी कि पुलिसकर्मियों को जान बचाकर मौके से भागना पड़ा। कुछ पुलिसकर्मियों ने दंगा नियंत्रण वाली गाड़ी में छिपकर खुद का बचाया था। हमले में घायल युवक की लखनऊ में हुई थी मौत
गीडा के जवाहर चक निवासी हनुमान चौहान (40) 4 अक्तूबर 2025 को दुर्गा पूजा के दौरान हुए विवाद में घायल हो गए थे। परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए लखनऊ में भर्ती कराया, जहां 20 अक्तूबर को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव को खाट पर रखकर गोरखपुर-वाराणसी हाईवे को सुबह करीब तीन घंटे तक जाम रखा। शाम करीब पांच बजे पोस्टमार्टम के बाद शव गांव लाए जाने पर एक बार फिर हंगामा शुरू हो गया। सांसद रवि किशन को मौके पर बुलाने की मांग को लेकर भीड़ उग्र हो गई और पुलिस टीम पर पथराव कर दिया। अचानक हुए पथराव से पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई और वे जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान किसी ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जाली लगे वाहन में फंसे पुलिसकर्मियों ने किसी तरह खुद को सुरक्षित निकाला। सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा और लाठी पटककर भीड़ को खदेड़ा गया। घंटों लगा था लंबा जाम करीब तीन घंटे तक चले उपद्रव के दौरान नौसड़ चौराहे से जवाहर चक तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और वाराणसी व लखनऊ मार्ग पर यात्री घंटों जाम में फंसे रहे। देर रात स्थिति सामान्य होने के बाद यातायात बहाल कराया जा सका। चौकी इंचार्ज कमलेश प्रताप सिंह की तहरीर पर बांसगांव-बरौली निवासी अंगद, सोमनाथ, बुगनी देवी, अनिल और विशाल यादव समेत 40-50 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया था। घटना के बाद से ही हमले का एक आरोपी विशाल यादव फरार चल रहा है। जिसकी गिरफ्तारी के लिए अब 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।


