सहरसा नगर निगम क्षेत्र के पूरब बाजार स्थित राजकीय कन्या उच्च विद्यालय प्रांगण में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ शुक्रवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। इस धार्मिक आयोजन में 1000 से अधिक महिलाओं और कुमारी कन्याओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे शहर में भक्तिमय वातावरण बन गया। यह कलश यात्रा कथा स्थल से शुरू होकर शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरी और वापस आयोजन स्थल पर पहुंची। यात्रा के दौरान श्रद्धालु महिलाओं ने अपने सिर पर कलश रखकर भक्ति गीत गाए और जयघोष किए, जिससे पूरा माहौल आध्यात्मिक हो गया। मार्ग में लोगों ने श्रद्धालुओं का स्वागत भी किया। वृंदावन से आई कथा वाचिका डॉ. शिवानी कृष्णा शुक्ला वृंदावन से पधारीं प्रसिद्ध कथा वाचिका डॉ. शिवानी कृष्णा शुक्ला भी इस कलश यात्रा में शामिल हुईं, जिससे आयोजन की गरिमा और बढ़ गई। यह सात दिवसीय भागवत कथा 10 अप्रैल से 17 अप्रैल तक आयोजित की जाएगी, जिसमें डॉ. शुक्ला प्रतिदिन श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराएंगी। सहरसा आगमन पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कथा वाचिका डॉ. शिवानी कृष्णा शुक्ला ने कहा कि वह पहली बार इस शहर में आई हैं। उन्होंने यहां के लोगों, विशेषकर युवाओं में धर्म के प्रति गहरी आस्था देखकर संतोष व्यक्त किया। डॉ. शुक्ला ने युवाओं की धार्मिक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी को समाज के लिए एक सकारात्मक संकेत बताया। 5 सालों से किया जा रहा आयोजन आयोजकों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों से इस प्रकार के धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। हालांकि, इस बार लोगों का उत्साह और सहभागिता पहले से कहीं अधिक देखने को मिल रही है। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं। इस आयोजन से न केवल धार्मिक माहौल मजबूत हो रहा है, बल्कि समाज में एकता, श्रद्धा और संस्कारों का भी प्रसार हो रहा है। आने वाले दिनों में कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। सहरसा नगर निगम क्षेत्र के पूरब बाजार स्थित राजकीय कन्या उच्च विद्यालय प्रांगण में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ शुक्रवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। इस धार्मिक आयोजन में 1000 से अधिक महिलाओं और कुमारी कन्याओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे शहर में भक्तिमय वातावरण बन गया। यह कलश यात्रा कथा स्थल से शुरू होकर शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरी और वापस आयोजन स्थल पर पहुंची। यात्रा के दौरान श्रद्धालु महिलाओं ने अपने सिर पर कलश रखकर भक्ति गीत गाए और जयघोष किए, जिससे पूरा माहौल आध्यात्मिक हो गया। मार्ग में लोगों ने श्रद्धालुओं का स्वागत भी किया। वृंदावन से आई कथा वाचिका डॉ. शिवानी कृष्णा शुक्ला वृंदावन से पधारीं प्रसिद्ध कथा वाचिका डॉ. शिवानी कृष्णा शुक्ला भी इस कलश यात्रा में शामिल हुईं, जिससे आयोजन की गरिमा और बढ़ गई। यह सात दिवसीय भागवत कथा 10 अप्रैल से 17 अप्रैल तक आयोजित की जाएगी, जिसमें डॉ. शुक्ला प्रतिदिन श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराएंगी। सहरसा आगमन पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कथा वाचिका डॉ. शिवानी कृष्णा शुक्ला ने कहा कि वह पहली बार इस शहर में आई हैं। उन्होंने यहां के लोगों, विशेषकर युवाओं में धर्म के प्रति गहरी आस्था देखकर संतोष व्यक्त किया। डॉ. शुक्ला ने युवाओं की धार्मिक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी को समाज के लिए एक सकारात्मक संकेत बताया। 5 सालों से किया जा रहा आयोजन आयोजकों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों से इस प्रकार के धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। हालांकि, इस बार लोगों का उत्साह और सहभागिता पहले से कहीं अधिक देखने को मिल रही है। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं। इस आयोजन से न केवल धार्मिक माहौल मजबूत हो रहा है, बल्कि समाज में एकता, श्रद्धा और संस्कारों का भी प्रसार हो रहा है। आने वाले दिनों में कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है।


