दरभंगा जिले में लगातार हो रही कौओं की मौत के बाद प्रशासन और पशुपालन विभाग अलर्ट मोड में है। सबसे अधिक असर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड 31 के भिंगो इलाके में देखा गया है, जहां 20 दिन में एक हजार कौओं की मौत की सूचना है। पशुपालन विभाग की ओर से सैंपल 12 जनवरी को भोपाल लैब भेजे गए थे, जिसकी रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। प्रभावित इलाकों में सैनिटाइज कराया गया है। स्थानीय पार्षद और नगर निगम की टीम ने बताया कि पीपीई किट पहनकर सुरक्षित तरीके से मृत कौओं को एकत्र किया गया। इसके बाद जेसीबी की मदद से गड्ढा खोदकर जमीन में दफनाया गया। जिलाधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि नगर निगम, पशुपालन विभाग के अधिकारी और जिला प्रशासन की टीम संयुक्त रूप से स्थिति को नियंत्रित करने में लगी हुई है। इसके साथ ही एडवाइजरी भी जारी कर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
चिकन में बर्ड फ्लू की पुष्टि नहीं डीएम कौशल कुमार ने बताया कि फिलहाल स्थिति गंभीर नहीं है, लेकिन सतर्कता जरूरी है। एडवाइजरी का पालन करें और अफवाहों से बचें। मुर्गियों के सैंपल भी जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। अभी तक चिकन में बर्ड फ्लू की पुष्टि नहीं हुई है। पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने भी कहा कि घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। एहतियात के तौर पर सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं और भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार प्रभावित क्षेत्र में सैनिटाइजेशन समेत अन्य आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। अफवाह पर ध्यान देने की जरूरत नहीं पशुपालन विभाग के पदाधिकारी डॉ. मो. इंतखाब अख्तर ने बताया कि जिले के सभी पोल्ट्री फार्मों में डॉक्टरों की टीम भेजी जा रही है। सीरोलॉजिकल सर्वेलेंस के तहत मुर्गियों के खून में एंटी बॉडी की जांच की जा रही है, ताकि संक्रमण की समय रहते पहचान की जा सके। प्रशासन ने जिला वासियों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें, सतर्क रहें और अगर कहीं किसी पक्षी की संदिग्ध मौत होती है तो तुरंत प्रशासन या पशुपालन विभाग को सूचना दें। ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। दरभंगा जिले में लगातार हो रही कौओं की मौत के बाद प्रशासन और पशुपालन विभाग अलर्ट मोड में है। सबसे अधिक असर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड 31 के भिंगो इलाके में देखा गया है, जहां 20 दिन में एक हजार कौओं की मौत की सूचना है। पशुपालन विभाग की ओर से सैंपल 12 जनवरी को भोपाल लैब भेजे गए थे, जिसकी रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। प्रभावित इलाकों में सैनिटाइज कराया गया है। स्थानीय पार्षद और नगर निगम की टीम ने बताया कि पीपीई किट पहनकर सुरक्षित तरीके से मृत कौओं को एकत्र किया गया। इसके बाद जेसीबी की मदद से गड्ढा खोदकर जमीन में दफनाया गया। जिलाधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि नगर निगम, पशुपालन विभाग के अधिकारी और जिला प्रशासन की टीम संयुक्त रूप से स्थिति को नियंत्रित करने में लगी हुई है। इसके साथ ही एडवाइजरी भी जारी कर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
चिकन में बर्ड फ्लू की पुष्टि नहीं डीएम कौशल कुमार ने बताया कि फिलहाल स्थिति गंभीर नहीं है, लेकिन सतर्कता जरूरी है। एडवाइजरी का पालन करें और अफवाहों से बचें। मुर्गियों के सैंपल भी जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। अभी तक चिकन में बर्ड फ्लू की पुष्टि नहीं हुई है। पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने भी कहा कि घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। एहतियात के तौर पर सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं और भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार प्रभावित क्षेत्र में सैनिटाइजेशन समेत अन्य आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। अफवाह पर ध्यान देने की जरूरत नहीं पशुपालन विभाग के पदाधिकारी डॉ. मो. इंतखाब अख्तर ने बताया कि जिले के सभी पोल्ट्री फार्मों में डॉक्टरों की टीम भेजी जा रही है। सीरोलॉजिकल सर्वेलेंस के तहत मुर्गियों के खून में एंटी बॉडी की जांच की जा रही है, ताकि संक्रमण की समय रहते पहचान की जा सके। प्रशासन ने जिला वासियों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें, सतर्क रहें और अगर कहीं किसी पक्षी की संदिग्ध मौत होती है तो तुरंत प्रशासन या पशुपालन विभाग को सूचना दें। ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।


