कोडरमा से लापता 10 आदिवासी बच्चे गयाजी में बरामद:बाल संरक्षण गृहों में सुरक्षित, परिवार के साथ भोज खाने गए थे; भटक कर अलग हुए

कोडरमा से लापता 10 आदिवासी बच्चे गयाजी में बरामद:बाल संरक्षण गृहों में सुरक्षित, परिवार के साथ भोज खाने गए थे; भटक कर अलग हुए

झारखंड के कोडरमा जिले के जयनगर थाना क्षेत्र के बिरहोर कॉलोनी से 31 जनवरी को लापता हुए 10 आदिवासी बच्चों को गयाजी में सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। हालांकि जब बच्चे बरामद किए गए थे तब तक यह पता नहीं था कि वे कोडरमा के रहने वाले हैं। शुक्रवार को कोडरमा पुलिस से संपर्क हुआ तो पता चला कि सभी बरामद बच्चे कोडरमा के ही हैं। कोडरमा पुलिस शुक्रवार की शाम गया पहुंची और बच्चों की पहचान से संबंधित वैधानिक कार्रवाई की गई। अब सभी बच्चे बाल न्यायालय में पेश किए जाएंगे और कोर्ट के आदेश पर उन्हें सुरक्षित भेजा जाएगा। शादी समारोह में बच्चों को ग्रामीणों ने खाना खाते देखा सहायक सामाजिक सुरक्षा कोषांग के अधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि इनमें से 7 बच्चे मुफस्सिल थाना क्षेत्र से और 3 बच्चे परैया थाना क्षेत्र से रेस्क्यू किए गए थे। बाद में इन्हें जिला बाल संरक्षण कार्यालय के माध्यम से चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस मामले में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर भी शिकायत दर्ज कराई गई थी। अधिकारी ने बताया कि सभी बच्चे भटके हुए थे। वे अपने परिजनों के साथ जयनगर के पास ही भोज खाने गए थे पर वे भटक गए थे और फिर ट्रेन से कुछ गया आ गए तो कुछ परैया स्टेशन उतर गए। ग्रामीणों ने इन्हें एक शादी समारोह के दौरान खाना खाते देखा और संदेह होने पर बच्चों को सुरक्षित अपने पास रखकर पुलिस को सूचना दी।
विभिन्न संरक्षण गृहों में रखा गया शुरुआती पूछताछ में भाषा की समस्या के कारण जानकारी जुटाने में कठिनाई हुई, हालांकि काउंसलिंग के दौरान बच्चों ने बताया कि उनके पिता ईंट-भट्ठे पर काम करते हैं और संभवतः ट्रेन में सफर के दौरान वे गलत ट्रेन में चढ़ गए और अलग-अलग जगह उतर गए।
अविनाश कुमार ने बताया कि उम्र के आधार पर बच्चों को विभिन्न संरक्षण गृहों में रखा गया है। पांच छोटे बच्चों को गया स्थित विशेषीकृत दत्तक ग्रहण संस्था में, दो बड़े बच्चों को औरंगाबाद के बालगृह और तीन बच्चियों को नवादा के बालिका गृह में भेजा गया है। वर्तमान में कोडरमा पुलिस से संपर्क कर बच्चों की पहचान की प्रक्रिया चल रही है। सत्यापन के बाद जेजेबी एक्ट के तहत नियमानुसार बच्चों को उनके परिजनों को सौंपा जाएगा। झारखंड के कोडरमा जिले के जयनगर थाना क्षेत्र के बिरहोर कॉलोनी से 31 जनवरी को लापता हुए 10 आदिवासी बच्चों को गयाजी में सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। हालांकि जब बच्चे बरामद किए गए थे तब तक यह पता नहीं था कि वे कोडरमा के रहने वाले हैं। शुक्रवार को कोडरमा पुलिस से संपर्क हुआ तो पता चला कि सभी बरामद बच्चे कोडरमा के ही हैं। कोडरमा पुलिस शुक्रवार की शाम गया पहुंची और बच्चों की पहचान से संबंधित वैधानिक कार्रवाई की गई। अब सभी बच्चे बाल न्यायालय में पेश किए जाएंगे और कोर्ट के आदेश पर उन्हें सुरक्षित भेजा जाएगा। शादी समारोह में बच्चों को ग्रामीणों ने खाना खाते देखा सहायक सामाजिक सुरक्षा कोषांग के अधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि इनमें से 7 बच्चे मुफस्सिल थाना क्षेत्र से और 3 बच्चे परैया थाना क्षेत्र से रेस्क्यू किए गए थे। बाद में इन्हें जिला बाल संरक्षण कार्यालय के माध्यम से चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस मामले में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर भी शिकायत दर्ज कराई गई थी। अधिकारी ने बताया कि सभी बच्चे भटके हुए थे। वे अपने परिजनों के साथ जयनगर के पास ही भोज खाने गए थे पर वे भटक गए थे और फिर ट्रेन से कुछ गया आ गए तो कुछ परैया स्टेशन उतर गए। ग्रामीणों ने इन्हें एक शादी समारोह के दौरान खाना खाते देखा और संदेह होने पर बच्चों को सुरक्षित अपने पास रखकर पुलिस को सूचना दी।
विभिन्न संरक्षण गृहों में रखा गया शुरुआती पूछताछ में भाषा की समस्या के कारण जानकारी जुटाने में कठिनाई हुई, हालांकि काउंसलिंग के दौरान बच्चों ने बताया कि उनके पिता ईंट-भट्ठे पर काम करते हैं और संभवतः ट्रेन में सफर के दौरान वे गलत ट्रेन में चढ़ गए और अलग-अलग जगह उतर गए।
अविनाश कुमार ने बताया कि उम्र के आधार पर बच्चों को विभिन्न संरक्षण गृहों में रखा गया है। पांच छोटे बच्चों को गया स्थित विशेषीकृत दत्तक ग्रहण संस्था में, दो बड़े बच्चों को औरंगाबाद के बालगृह और तीन बच्चियों को नवादा के बालिका गृह में भेजा गया है। वर्तमान में कोडरमा पुलिस से संपर्क कर बच्चों की पहचान की प्रक्रिया चल रही है। सत्यापन के बाद जेजेबी एक्ट के तहत नियमानुसार बच्चों को उनके परिजनों को सौंपा जाएगा।  

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