वंदेभारत के खाने में कीड़ा, IRCTC पर 10 लाख जुर्माना:फूड सर्विस प्रोवाइडर पर भी 50 लाख का फाइन, पैसेंजर ने की थी शिकायत

वंदेभारत के खाने में कीड़ा, IRCTC पर 10 लाख जुर्माना:फूड सर्विस प्रोवाइडर पर भी 50 लाख का फाइन, पैसेंजर ने की थी शिकायत

भारतीय रेलवे ने अपनी ही कैटरिंग इकाई इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) और संबंधित फूड सर्विस प्रोवाइडर पर कार्रवाई की है। किसी पैसेंजर ने वंदे भारत एक्सप्रेस में खराब क्वालिटी के खाने की शिकायत की थी, जिसके बाद IRCTC पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा संबंधित फूड सर्विस प्रावाइडर पर 50 लाख का जुर्माना लगाया गया है। ठेकेदार का कॉन्ट्रैक्ट तत्काल प्रभाव से समाप्त कर गिया गया है। रेलवे ने ये जानकारी आधिकारिक ‘X’ हैंडल पर पोस्ट कर दी। मामला 16 मार्च 2026 का है, जब ट्रेन संख्या 21896 पटना-टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे एक यात्री ने भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। यात्री ने आरोप लगाया था कि परोसा गया भोजन न केवल घटिया था, बल्कि उसमें साफ-सफाई के मानकों का भी पालन नहीं किया गया था। खाने में कीड़े मिलने की बात भी कही गई थी। जांच में शिकायत सही मिली शिकायत सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन तुरंत हरकत में आया और मामले की जांच के आदेश दिए। जांच के दौरान यात्री की शिकायत सही पाई गई। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि ट्रेन में परोसा जा रहा भोजन तय मानकों के अनुरूप नहीं था। जांच में गुणवत्ता, स्वच्छता और पैकेजिंग से जुड़े कई गंभीर उल्लंघन सामने आए। रेलवे ने इस लापरवाही को यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ मानते हुए कड़ा कदम उठाया। वहीं, IRCTC पटना ने बताया, हम लोगों पर कारवाई नहीं हुई। रेलवे अधिकारी ने बताया कि IRCTC सभी स्टेट से पैनल होती है। तो all over IRCTC पर जुर्माना लगाया गया है।

दाल-दही में कीड़े मिले जानकारी के अनुसार, 16 मार्च 2026 को पटना निवासी रितेश कुमार सिंह अपने साथियों के साथ पर पटना से जमशेदपुर जा रहे थे। रीतेश सिंह वंदे भारत ट्रेन संख्या – 21896 बोगी नंबर C-6 , बर्थ संख्या – 71 पर यात्रा कर रहे थे। यात्रा के दौरान रात में परोसे गए भोजन की गुणवत्ता पर गंभीर शिकायत दर्ज कराई थी। रितेश सिंह ने बताया कि दाल में कीड़ा था, दही भी खराब था। उन्होंने आरोप लगाया कि परोसी गई दाल और दही में कीड़े पाए गए। यात्रियों के भरोसे का कत्ल है सोशल मीडिया पर एक यूजर ब्रजेश कुमरा ने लिखा है पटना-टाटानगर वंदे भारत में जो हुआ, वह केवल ‘अनियमितता’ नहीं, बल्कि यात्रियों के भरोसे का कत्ल है। वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेन का टिकट लेकर यात्री क्या ‘जहर’ जैसा खाना खाने के लिए मजबूर है? IRCTC पर ₹10 लाख का जुर्माना, यह आपकी ढीली निगरानी का प्रमाण है। सर्विस प्रोवाइडर पर ₹50 लाख का दंड और टर्मिनेशन, यह सजा भी कम है। जब बात मासूमों की जान और सेहत की हो। सफेद चादरें और चमचमाती ट्रेनें तब तक बेकार हैं, जब तक आपकी थाली में परोसा जाने वाला भोजन गुणवत्ता की कसौटी पर फेल है। यात्रियों की सुरक्षा आपकी ‘सर्वोच्च प्राथमिकता’ केवल कागजों पर क्यों रहती है? धरातल पर सुधार लाइए, वरना यह जुर्माने भी आपकी साख नहीं बचा पाएंगे।

RCTC की जिम्मेदारी है कि अच्छा खाना दे रेलवे अधिकारियों के अनुसार, IRCTC की जिम्मेदारी थी कि वह यात्रियों को उच्च गुणवत्ता वाला भोजन उपलब्ध कराए और सेवा प्रदाताओं की नियमित निगरानी करे। इस मामले में IRCTC अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रही, जिसके चलते उस पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। ट्रेन में भोजन उपलब्ध कराने वाली निजी कंपनी की भूमिका को अधिक गंभीर माना गया। जांच में पाया गया कि कंपनी ने अनुबंध की शर्तों का घोर उल्लंघन किया है।
रेलवे की यात्रियों से अपील, समस्या होने पर शिकायत करें

अधिकारियों ने कहा कि वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों में सेवा का स्तर उच्चतम होना चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की कमी को गंभीरता से लिया जाएगा। इस कार्रवाई को रेलवे की सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। हाल के दिनों में यात्रियों की ओर से खाने की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर कई शिकायतें सामने आई थीं। ऐसे में यह कदम अन्य सेवा प्रदाताओं के लिए भी एक चेतावनी माना जा रहा है।

रेलवे ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जाएगा। साथ ही, यात्रियों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
ऐसे में स्टेशनों और ट्रेनों में फूड इंस्पेक्शन बढ़ा दिया गया है, वेंडर्स की रेटिंग और मॉनिटरिंग सिस्टम सख्त किया गया है। शिकायत मिलने पर तुरंत एक्शन की नीति लागू की गई है। भारतीय रेलवे ने अपनी ही कैटरिंग इकाई इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) और संबंधित फूड सर्विस प्रोवाइडर पर कार्रवाई की है। किसी पैसेंजर ने वंदे भारत एक्सप्रेस में खराब क्वालिटी के खाने की शिकायत की थी, जिसके बाद IRCTC पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा संबंधित फूड सर्विस प्रावाइडर पर 50 लाख का जुर्माना लगाया गया है। ठेकेदार का कॉन्ट्रैक्ट तत्काल प्रभाव से समाप्त कर गिया गया है। रेलवे ने ये जानकारी आधिकारिक ‘X’ हैंडल पर पोस्ट कर दी। मामला 16 मार्च 2026 का है, जब ट्रेन संख्या 21896 पटना-टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे एक यात्री ने भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। यात्री ने आरोप लगाया था कि परोसा गया भोजन न केवल घटिया था, बल्कि उसमें साफ-सफाई के मानकों का भी पालन नहीं किया गया था। खाने में कीड़े मिलने की बात भी कही गई थी। जांच में शिकायत सही मिली शिकायत सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन तुरंत हरकत में आया और मामले की जांच के आदेश दिए। जांच के दौरान यात्री की शिकायत सही पाई गई। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि ट्रेन में परोसा जा रहा भोजन तय मानकों के अनुरूप नहीं था। जांच में गुणवत्ता, स्वच्छता और पैकेजिंग से जुड़े कई गंभीर उल्लंघन सामने आए। रेलवे ने इस लापरवाही को यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ मानते हुए कड़ा कदम उठाया। वहीं, IRCTC पटना ने बताया, हम लोगों पर कारवाई नहीं हुई। रेलवे अधिकारी ने बताया कि IRCTC सभी स्टेट से पैनल होती है। तो all over IRCTC पर जुर्माना लगाया गया है।

दाल-दही में कीड़े मिले जानकारी के अनुसार, 16 मार्च 2026 को पटना निवासी रितेश कुमार सिंह अपने साथियों के साथ पर पटना से जमशेदपुर जा रहे थे। रीतेश सिंह वंदे भारत ट्रेन संख्या – 21896 बोगी नंबर C-6 , बर्थ संख्या – 71 पर यात्रा कर रहे थे। यात्रा के दौरान रात में परोसे गए भोजन की गुणवत्ता पर गंभीर शिकायत दर्ज कराई थी। रितेश सिंह ने बताया कि दाल में कीड़ा था, दही भी खराब था। उन्होंने आरोप लगाया कि परोसी गई दाल और दही में कीड़े पाए गए। यात्रियों के भरोसे का कत्ल है सोशल मीडिया पर एक यूजर ब्रजेश कुमरा ने लिखा है पटना-टाटानगर वंदे भारत में जो हुआ, वह केवल ‘अनियमितता’ नहीं, बल्कि यात्रियों के भरोसे का कत्ल है। वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेन का टिकट लेकर यात्री क्या ‘जहर’ जैसा खाना खाने के लिए मजबूर है? IRCTC पर ₹10 लाख का जुर्माना, यह आपकी ढीली निगरानी का प्रमाण है। सर्विस प्रोवाइडर पर ₹50 लाख का दंड और टर्मिनेशन, यह सजा भी कम है। जब बात मासूमों की जान और सेहत की हो। सफेद चादरें और चमचमाती ट्रेनें तब तक बेकार हैं, जब तक आपकी थाली में परोसा जाने वाला भोजन गुणवत्ता की कसौटी पर फेल है। यात्रियों की सुरक्षा आपकी ‘सर्वोच्च प्राथमिकता’ केवल कागजों पर क्यों रहती है? धरातल पर सुधार लाइए, वरना यह जुर्माने भी आपकी साख नहीं बचा पाएंगे।

RCTC की जिम्मेदारी है कि अच्छा खाना दे रेलवे अधिकारियों के अनुसार, IRCTC की जिम्मेदारी थी कि वह यात्रियों को उच्च गुणवत्ता वाला भोजन उपलब्ध कराए और सेवा प्रदाताओं की नियमित निगरानी करे। इस मामले में IRCTC अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रही, जिसके चलते उस पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। ट्रेन में भोजन उपलब्ध कराने वाली निजी कंपनी की भूमिका को अधिक गंभीर माना गया। जांच में पाया गया कि कंपनी ने अनुबंध की शर्तों का घोर उल्लंघन किया है।
रेलवे की यात्रियों से अपील, समस्या होने पर शिकायत करें

अधिकारियों ने कहा कि वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों में सेवा का स्तर उच्चतम होना चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की कमी को गंभीरता से लिया जाएगा। इस कार्रवाई को रेलवे की सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। हाल के दिनों में यात्रियों की ओर से खाने की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर कई शिकायतें सामने आई थीं। ऐसे में यह कदम अन्य सेवा प्रदाताओं के लिए भी एक चेतावनी माना जा रहा है।

रेलवे ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जाएगा। साथ ही, यात्रियों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
ऐसे में स्टेशनों और ट्रेनों में फूड इंस्पेक्शन बढ़ा दिया गया है, वेंडर्स की रेटिंग और मॉनिटरिंग सिस्टम सख्त किया गया है। शिकायत मिलने पर तुरंत एक्शन की नीति लागू की गई है।  

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