1.79 करोड़ का पशु शवदाह प्लांट 4 माह में बंद:मृत गायों के ढेर लगने पर हंगामा, तब चंडीगढ़ नगर निगम जागा, 25 कर्मचारियों पर सस्पेंशन की तलवार

चंडीगढ़ मेयर हरप्रीत कौर बबला और नगर निगम कमिश्नर ने जिस एनिमल कारकस इनसिनरेशन प्लांट का उद्घाटन किया, वह चार माह बाद ही बंद हो गया। नतीजा यह निकला कि सात दिन से यहां पर आस पास से आने वाली करीबन 50 मृतक गाय का संस्कार नहीं हो सका। कारकस प्लांट के बरामदे में मृत गाय के शव लावारिस पड़े होने पर मौके पर पहुंचे समाज सेवियों ने खूब हंगामा किया। सोया हुआ प्रशासन जागा, मेयर हरप्रीत कौर बबला, नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार और डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव मौके पर पहुंचे। पूरा दिन बीत जाने के बाद भी कई सवाल ऐसे हैं, जिनके जवाब के लिए अब जांच कमेटी बना दी गई है। प्रशासक यह पता लगाने के लिए कि गाय की मौत कैसे हुई, गाय का पोस्टमॉर्टम करवाएगा ओर आगे की जांच की जाएगी। बहरहाल देर रात तक मखनमाजरा की गोशाला और कारकस प्लांट पर काम करने वाले 23-25 कर्मचारियों को सस्पेंड करने की कार्रवाई होने का दावा मेयर हरप्रीत कौर बबला की तरफ से किया गया। मगर इसके लिखित में ऑर्डर जारी नहीं किए गए हैं। सवाल जिनके जवाब अभी भी नहीं मिले मशीन खराब हुई मुंबई से पार्ट का इंतजार करते रहे अधिकारी
विभागीय सूत्रों अनुसार मशीन में 300 किलो के पशु का शव रखकर उसे जलाया जा सकता है। मगर यह बात सामने आ रही है कि बड़ो पशु को रखने की वजह से इसकी प्लेट टूट गईं और यह प्लेट मुंबई से ही मिलती हैं। अगर सात दिन से मशीन बंद थी तो इसके अधिकारी किस चीज का इंतजार कर रहे थे। अब बात सामने आ रही है कि प्लेटें मुंबई से बाय एयर आ रही हैं, तो पहले इसका इंतजाम क्यों नहीं किया जा रहा है। मखनमाजरा की गौ शाला के प्रबंध पर भी सवाल
कारकस प्लांट के साथ साथ अब मखनमाजरा की गौशाला के प्रबंध पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जब समाज सेवी मौके पर पहुंचे तो पता चला कि मखन माजरा की गोशाला में भी गौ को रखने के प्रबंध ठीक नहीं थे। वहां 800 में से 400 गायब गायब हो चुकी हैं। बची हुई गाय गौबर के बीच में पड़ी हुई थीं और ठंड से कांप रही थीं। कुछेक गाय तो समाज सेवियों के सामने ही दम तोड़ रही थीं। कहीं यह गाय इसी गौ शाला में तो नहीं मरी हैं। इसकी भी जांच की मांग समाज सेवियों की तरफ से उठाई जा रही है। गाय की मौत के कारणों और इतने शव कहां से आए जांच होगी
डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव का कहना है कि कारकस प्लांट की मशीन कब से खराब थी, क्यों खराब थी और इसे ठीक क्यों नहीं करवाया गया। यह तो जांच का विष्य है हीं, हम यह भी जांच करवा रहे हैं कि इन गाय की मौत कैसे हुई है। कहां पर हुई। हम गाय का पहले पोस्टमॉर्टम करवाएंगे और इनकी मौत का कारण पता लगने के बाद ही इनका संस्कार किया जाएगा। यही नहीं हम नगर निगम की कार्य प्रणाली की भी जांच करवा रहे हैं।
मशीन कब से बंद थी और क्यों बंद थी हमें नहीं बताया, मेयर
सवाल- कारकस प्लांट का उदघाटन आपने किया, मशीन बंद कैसे हुई
जवाब- यही तो हम पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं
सवाल- कब बंद हुई
जवाब- इसकी जानकारी भी कर्मचारियों ने हमें नहीं दी
सवाल- अब क्या पता चला, हल क्या होगा
जवाब- कोई कर्मचारी दो दिन, कोई तीन और कोई सात दिन बता रहा है
सवाल- मशीन की समस्या दूर कब होगी
जवाब- मशीन की कुछ पलेट्स मुंबई से आनी हैं, हम इसे बाय ऐयर मंगवा रहे हैं
सवाल- गाय के इतने शव कहां से आए और मौत कैसे हुई
जवाब- यही तो जांच का विष्य है, डिप्टी कमिश्नर साहिब ने कहा है कि पोस्टमार्टम होंगे और जांच करवाई जाएगी।
सवाल- मखन माजरा गौ शाला नगर निगम के अधीन है, वहां भी हालत ठीक नहीं थे
जवाब देने से पहले ही फोन कट गया।

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