प्रयागराज में वकीलों ने बाराबंकी के हैदरगढ़ टोल प्लाजा पर एक अधिवक्ता के साथ हुई मारपीट के विरोध में प्रदर्शन किया। शुक्रवार को बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने एडीएम सिटी को राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने दोषी टोल कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, पीड़ित को न्याय और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की। यह घटना 14 जनवरी को लखनऊ-सुलतानपुर हाईवे स्थित हैदरगढ़ टोल प्लाजा पर हुई थी। प्रयागराज हाईकोर्ट के अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला का टोल कर्मियों से भुगतान को लेकर विवाद हो गया था। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर टोल कर्मियों ने अधिवक्ता को घेरकर पीटा और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसके बाद घायल वकील को अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद विभिन्न वकील संगठनों ने इसे कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल बताते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। बाराबंकी में भी अधिवक्ताओं ने थाने का घेराव किया था। पुलिस ने इस मामले में चार नामजद और कई अज्ञात टोल कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। प्रयागराज में प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने कहा कि वकीलों के साथ ऐसी हिंसा न्याय व्यवस्था का अपमान है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। एडीएम सिटी को सौंपे गए ज्ञापन में पीड़ित अधिवक्ता को सुरक्षा देने, दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर कठोर सजा दिलाने और टोल प्लाजा पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की गई। प्रशासन ने वकीलों को आश्वासन दिया है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, उनका संघर्ष जारी रहेगा।


