स्पेन के एंजेल मातेओस का जुनून बना मिसाल:27 साल पहले लिया था संन्यास, अब 70 की उम्र में फुटबॉल मैदान पर करेंगे वापसी

स्पेन के एंजेल मातेओस का जुनून बना मिसाल:27 साल पहले लिया था संन्यास, अब 70 की उम्र में फुटबॉल मैदान पर करेंगे वापसी

स्पेन में फुटबॉल के लिए लोगों में अलग ही जुनून देखने को मिलता है और इस जुनून की कोई उम्र नहीं होती। ऐसी ही कहानी है उस खिलाड़ी की, जिसका खेल के प्रति जुनून और समर्पण पूरी दुनिया में मिसाल बन गया है। 70 वर्षीय एंजेल मातेओस गोंजालेज, जो 27 साल पहले प्रतिस्पर्धी फुटबॉल से संन्यास ले चुके थे, अब एक बार फिर मैदान पर उतरने जा रहे हैं। मातेओस रविवार को स्पेनिश फुटबॉल के पांचवें डिवीजन टूर्नामेंट में एस्टूरियन क्लब सीडी कोलुंगा के लिए गोलकीपर के रूप में खेल सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो वह स्पेन में आधिकारिक मैच खेलने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन जाएंगे। मातेओस इस सीजन में टीम के गोलकीपर्स की मदद कर रहे थे। हालांकि, मातेओस ने खुद कहा है कि अभी यह तय नहीं है कि वे पूरे 90 मिनट खेलेंगे या सिर्फ पहला हाफ। उन्होंने स्थानीय अखबार ‘एल कोमर्सियो’ से बातचीत में कहा, ‘मैंने इस हफ्ते टीम के साथ अभ्यास किया, लेकिन अभी यह तय नहीं है कि मैं पूरा मैच खेलूंगा या नहीं।’ क्लब ने साफ किया कि यह कोई दिखावा या प्रचार का तरीका नहीं है। यह एक ऐसे खिलाड़ी को सम्मान देने का प्रयास है, जिसने अपने जीवन में कड़ी मेहनत और खेल के प्रति सच्ची लगन दिखाई है। क्लब के बयान में कहा गया, ‘मातेओस हमारे क्लब के मूल्यों को दर्शाते हैं, जुनून, निरंतरता और खेल के प्रति सम्मान। उम्र मायने नहीं रखती, असली बात है समर्पण और प्रतिबद्धता।’ क्लब का कहना है कि मातेओस सिर्फ 70 साल के होने की वजह से नहीं खेल रहे हैं, बल्कि इसलिए खेल रहे हैं क्योंकि उन्होंने इसे अपनी मेहनत से हासिल किया है। मातेओस ने बताया, ‘जब मैंने खेलना शुरू किया था, तब खेल काफी अलग था। उस समय के मैदान और गेंदें आज से बिल्कुल अलग थीं। मुझे याद है कि बारिश के समय मैदान में पानी भर जाता था, तो मैं गोलपोस्ट के पास एक बाल्टी रखता था ताकि पानी निकाल सकूं।’ सीडी कोलुंगा के अनुसार, यह मैच सिर्फ उम्र का नहीं, बल्कि खेल की असली भावना का जश्न है। यह कहानी दिखाती है कि अगर जुनून और समर्पण हो, तो उम्र सिर्फ एक संख्या बनकर रह जाती है। फिट रहने के लिए रोज खेलें या टहलें: मातेओस एंजेल मातेओस पहले एक खदान में काम करते थे। मातेओस ने कहा, ‘आपको हमेशा सक्रिय रहना चाहिए, चाहे खेल खेलें या रोज टहलें।’ उन्होंने यह भी बताया कि वे बचपन से ही खेल के प्रति समर्पित रहे हैं और आज भी खुद को फिट रखते हैं। मातेओस ने कहा कि उनका वजन अब भी लगभग करीब 68-69 किलो ही है, जितना 18 साल की उम्र में था। वे अब भी प्रतिस्पर्धा में विश्वास रखते हैं और हारना पसंद नहीं करते। स्पेन में फुटबॉल के लिए लोगों में अलग ही जुनून देखने को मिलता है और इस जुनून की कोई उम्र नहीं होती। ऐसी ही कहानी है उस खिलाड़ी की, जिसका खेल के प्रति जुनून और समर्पण पूरी दुनिया में मिसाल बन गया है। 70 वर्षीय एंजेल मातेओस गोंजालेज, जो 27 साल पहले प्रतिस्पर्धी फुटबॉल से संन्यास ले चुके थे, अब एक बार फिर मैदान पर उतरने जा रहे हैं। मातेओस रविवार को स्पेनिश फुटबॉल के पांचवें डिवीजन टूर्नामेंट में एस्टूरियन क्लब सीडी कोलुंगा के लिए गोलकीपर के रूप में खेल सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो वह स्पेन में आधिकारिक मैच खेलने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन जाएंगे। मातेओस इस सीजन में टीम के गोलकीपर्स की मदद कर रहे थे। हालांकि, मातेओस ने खुद कहा है कि अभी यह तय नहीं है कि वे पूरे 90 मिनट खेलेंगे या सिर्फ पहला हाफ। उन्होंने स्थानीय अखबार ‘एल कोमर्सियो’ से बातचीत में कहा, ‘मैंने इस हफ्ते टीम के साथ अभ्यास किया, लेकिन अभी यह तय नहीं है कि मैं पूरा मैच खेलूंगा या नहीं।’ क्लब ने साफ किया कि यह कोई दिखावा या प्रचार का तरीका नहीं है। यह एक ऐसे खिलाड़ी को सम्मान देने का प्रयास है, जिसने अपने जीवन में कड़ी मेहनत और खेल के प्रति सच्ची लगन दिखाई है। क्लब के बयान में कहा गया, ‘मातेओस हमारे क्लब के मूल्यों को दर्शाते हैं, जुनून, निरंतरता और खेल के प्रति सम्मान। उम्र मायने नहीं रखती, असली बात है समर्पण और प्रतिबद्धता।’ क्लब का कहना है कि मातेओस सिर्फ 70 साल के होने की वजह से नहीं खेल रहे हैं, बल्कि इसलिए खेल रहे हैं क्योंकि उन्होंने इसे अपनी मेहनत से हासिल किया है। मातेओस ने बताया, ‘जब मैंने खेलना शुरू किया था, तब खेल काफी अलग था। उस समय के मैदान और गेंदें आज से बिल्कुल अलग थीं। मुझे याद है कि बारिश के समय मैदान में पानी भर जाता था, तो मैं गोलपोस्ट के पास एक बाल्टी रखता था ताकि पानी निकाल सकूं।’ सीडी कोलुंगा के अनुसार, यह मैच सिर्फ उम्र का नहीं, बल्कि खेल की असली भावना का जश्न है। यह कहानी दिखाती है कि अगर जुनून और समर्पण हो, तो उम्र सिर्फ एक संख्या बनकर रह जाती है। फिट रहने के लिए रोज खेलें या टहलें: मातेओस एंजेल मातेओस पहले एक खदान में काम करते थे। मातेओस ने कहा, ‘आपको हमेशा सक्रिय रहना चाहिए, चाहे खेल खेलें या रोज टहलें।’ उन्होंने यह भी बताया कि वे बचपन से ही खेल के प्रति समर्पित रहे हैं और आज भी खुद को फिट रखते हैं। मातेओस ने कहा कि उनका वजन अब भी लगभग करीब 68-69 किलो ही है, जितना 18 साल की उम्र में था। वे अब भी प्रतिस्पर्धा में विश्वास रखते हैं और हारना पसंद नहीं करते।

​स्पोर्ट्स | दैनिक भास्कर

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