लोहरदगा|झारखंड नवनिर्माण दल तथा ननबैंकिंग कंपनी पीड़ित मंच लोहरदगा के संयुक्त तत्वावधान में 27 फरवरी 2026 को सेन्हा ब्लॉक के समीप एक बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक आगामी 17 मार्च 2026 को झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रस्तावित विधानसभा मार्च की तैयारी को लेकर बुलाई गई है। आयोजकों ने बताया कि बैठक में सेन्हा प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न ननबैंकिंग कंपनियों में अपनी जमा पूंजी फंसे जमाकर्ताओं तथा महिला मंडल की सदस्यों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। सहारा इंडिया, एपीलाइन, साईं प्रकाश, विश्वामित्र, पल्स, वेलफेयर सहित अन्य कंपनियों में लोगों की मेहनत की गाढ़ी कमाई के भुगतान में हो रही देरी को लेकर सरकार व संबंधित कंपनियों के खिलाफ आवाज बुलंद की जाएगी। जमाकर्ताओं का कहना है कि वर्षों से भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे लोगों को अब न्याय मिलना चाहिए। इसके साथ ही सात सूत्रीय मांगों में महिला सुरक्षा की गारंटी, महिला मंडलों को दिए गए सभी प्रकार के ऋण की माफी, स्वरोजगार के लिए इच्छुक महिलाओं को कम से कम 10 लाख रुपये तक ब्याज रहित पूंजी उपलब्ध कराने तथा पांच वर्षों की आसान अदायगी अवधि देने की मांग शामिल है। महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई जाएगी, ताकि उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके। इन मांगों को लेकर 17 मार्च 2026 को विधानसभा मार्च आयोजित किया जाएगा। लोहरदगा|झारखंड नवनिर्माण दल तथा ननबैंकिंग कंपनी पीड़ित मंच लोहरदगा के संयुक्त तत्वावधान में 27 फरवरी 2026 को सेन्हा ब्लॉक के समीप एक बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक आगामी 17 मार्च 2026 को झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रस्तावित विधानसभा मार्च की तैयारी को लेकर बुलाई गई है। आयोजकों ने बताया कि बैठक में सेन्हा प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न ननबैंकिंग कंपनियों में अपनी जमा पूंजी फंसे जमाकर्ताओं तथा महिला मंडल की सदस्यों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। सहारा इंडिया, एपीलाइन, साईं प्रकाश, विश्वामित्र, पल्स, वेलफेयर सहित अन्य कंपनियों में लोगों की मेहनत की गाढ़ी कमाई के भुगतान में हो रही देरी को लेकर सरकार व संबंधित कंपनियों के खिलाफ आवाज बुलंद की जाएगी। जमाकर्ताओं का कहना है कि वर्षों से भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे लोगों को अब न्याय मिलना चाहिए। इसके साथ ही सात सूत्रीय मांगों में महिला सुरक्षा की गारंटी, महिला मंडलों को दिए गए सभी प्रकार के ऋण की माफी, स्वरोजगार के लिए इच्छुक महिलाओं को कम से कम 10 लाख रुपये तक ब्याज रहित पूंजी उपलब्ध कराने तथा पांच वर्षों की आसान अदायगी अवधि देने की मांग शामिल है। महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई जाएगी, ताकि उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके। इन मांगों को लेकर 17 मार्च 2026 को विधानसभा मार्च आयोजित किया जाएगा।


