सूरतगढ़। शहर के वार्ड 37 निवासी एक व्यक्ति मंगलवार सुबह अपनी मांगों को लेकर एसडीएम कार्यालय के पास बनी पेयजल टंकी पर चढ़ गया। सूचना के बाद अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और उसे नीचे उतरने के लिए समझाने का प्रयास किया, लेकिन देर शाम तक वह टंकी से नीचे नहीं उतरा।
जानकारी के अनुसार वार्ड 37 निवासी राजेन्द्र शर्मा मंगलवार सुबह करीब सात बजे टंकी पर चढ़ गया। उसका कहना है कि पंचायत समिति ने उसका सामान जब्त कर लिया था और उसका मकान भी तोड़ दिया गया। इसी मामले में वह पांच लाख रुपए मुआवजा, जब्त सामान वापस दिलाने, टूटे मकान के बदले जमीन देने और उस समय के विकास अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है।

तेजाब की बोतल लेकर टंकी पर चढ़ा
बताया जा रहा है कि राजेन्द्र शर्मा अपने साथ एक लाउडस्पीकर और तेजाब से भरी बोतल भी लेकर टंकी पर चढ़ गया था। सूचना मिलते ही सिटी एएसआई सुमेर सिंह पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे। सुरक्षा को देखते हुए टंकी के आसपास जाल भी लगा दिए गए, ताकि किसी तरह की अनहोनी से बचाव किया जा सके।
समझाने का प्रयास असफल
पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और राजेन्द्र के परिचितों ने मोबाइल के माध्यम से उससे कई बार बात कर उसे समझाने की कोशिश की। अधिकारियों ने आश्वासन भी दिया, लेकिन वह अपनी मांगों पर अड़ा रहा। उसका कहना था कि जब तक उसकी मांगें पूरी नहीं होतीं और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों से बातचीत नहीं करवाई जाती, तब तक वह नीचे नहीं उतरेगा।
2019 में तोड़ दिया गया था मकान
राजेन्द्र शर्मा का आरोप है कि 30 मई 2019 को वह मजदूरी पर गया हुआ था। इसी दौरान पंचायत समिति के तत्कालीन विकास अधिकारी ने जेसीबी से उसका बंद मकान तुड़वा दिया। उसका कहना है कि नक्शे के अनुसार उसका मकान पंचायत समिति की जमीन में नहीं आता था। कार्रवाई के दौरान उसका घरेलू सामान और नकदी भी उठा ली गई थी।
ये लोग मौके पर पहुंचे
घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार विनोद कड़वासरा, नायब तहसीलदार अंकित गोदारा, विकास अधिकारी मेजर अली, पूर्व विधायक राजेन्द्र भादू और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। सभी ने उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन देर शाम तक वह टंकी पर ही डटा रहा। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी वह वर्ष 2023 में इसी टंकी पर चढ़कर विरोध जता चुका है।


