सारण जिले में रसोई गैस के पारदर्शी वितरण और कालाबाजारी रोकने के लिए जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले की सभी गैस एजेंसियों की निगरानी के लिए 69 मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। ये सभी दंडाधिकारी संबंधित गैस एजेंसियों के भंडारण और वितरण पर प्रतिदिन नजर रखेंगे। वे अपनी दैनिक रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपेंगे। जिले में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति में कोई समस्या नहीं इस संबंध में जिलाधिकारी ने एलपीजी आपूर्ति कंपनियों के प्रतिनिधियों, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारियों और मार्केटिंग ऑफिसर्स के साथ बैठक की। कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि जिले में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति में कोई समस्या नहीं है और वितरण नियंत्रित व पारदर्शी तरीके से हो रहा है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं को सही जानकारी देने के लिए सभी गैस एजेंसियों के बाहर बैनर लगाए जाएं। इन बैनरों पर यह स्पष्ट किया जाए कि गैस की कोई कमी नहीं है। फील्ड में रहकर गैस वितरण की निगरानी करने का भी निर्देश उन्होंने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों और मार्केटिंग ऑफिसर्स को लगातार फील्ड में रहकर गैस वितरण की निगरानी करने का भी निर्देश दिया। मार्केटिंग ऑफिसर्स को अपने क्षेत्र की प्रत्येक गैस एजेंसी का प्रतिदिन निरीक्षण कर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है। इसके अतिरिक्त, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों और थाना प्रभारियों को भी गैस वितरण व्यवस्था पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया गया है। वहीं गैस वितरण के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले के विभिन्न गैस एजेंसियों पर 69 दंडाधिकारी और पुलिस बल की भी प्रतिनियुक्ति की गई है। इस संबंध में जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा संयुक्त आदेश जारी किया गया है। जिला स्तर पर एक नियंत्रण कक्ष भी बनाया गया रसोई गैस से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए जिला स्तर पर एक नियंत्रण कक्ष भी बनाया गया है। यह नियंत्रण कक्ष सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक सक्रिय रहेगा। लोग दूरभाष संख्या 06152-245023 पर कॉल कर गैस से संबंधित किसी भी समस्या की जानकारी दे सकते हैं। नियंत्रण कक्ष में दो पालियों में नोडल अधिकारी और कर्मियों की तैनाती की गई है। सारण जिले में रसोई गैस के पारदर्शी वितरण और कालाबाजारी रोकने के लिए जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले की सभी गैस एजेंसियों की निगरानी के लिए 69 मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। ये सभी दंडाधिकारी संबंधित गैस एजेंसियों के भंडारण और वितरण पर प्रतिदिन नजर रखेंगे। वे अपनी दैनिक रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपेंगे। जिले में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति में कोई समस्या नहीं इस संबंध में जिलाधिकारी ने एलपीजी आपूर्ति कंपनियों के प्रतिनिधियों, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारियों और मार्केटिंग ऑफिसर्स के साथ बैठक की। कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि जिले में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति में कोई समस्या नहीं है और वितरण नियंत्रित व पारदर्शी तरीके से हो रहा है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं को सही जानकारी देने के लिए सभी गैस एजेंसियों के बाहर बैनर लगाए जाएं। इन बैनरों पर यह स्पष्ट किया जाए कि गैस की कोई कमी नहीं है। फील्ड में रहकर गैस वितरण की निगरानी करने का भी निर्देश उन्होंने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों और मार्केटिंग ऑफिसर्स को लगातार फील्ड में रहकर गैस वितरण की निगरानी करने का भी निर्देश दिया। मार्केटिंग ऑफिसर्स को अपने क्षेत्र की प्रत्येक गैस एजेंसी का प्रतिदिन निरीक्षण कर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है। इसके अतिरिक्त, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों और थाना प्रभारियों को भी गैस वितरण व्यवस्था पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया गया है। वहीं गैस वितरण के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले के विभिन्न गैस एजेंसियों पर 69 दंडाधिकारी और पुलिस बल की भी प्रतिनियुक्ति की गई है। इस संबंध में जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा संयुक्त आदेश जारी किया गया है। जिला स्तर पर एक नियंत्रण कक्ष भी बनाया गया रसोई गैस से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए जिला स्तर पर एक नियंत्रण कक्ष भी बनाया गया है। यह नियंत्रण कक्ष सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक सक्रिय रहेगा। लोग दूरभाष संख्या 06152-245023 पर कॉल कर गैस से संबंधित किसी भी समस्या की जानकारी दे सकते हैं। नियंत्रण कक्ष में दो पालियों में नोडल अधिकारी और कर्मियों की तैनाती की गई है।


