सहरसा में सात दिन का भागवत कथा शुरू:साध्वी किशोरी प्रिया ने कहा- पात्रता से ही मिलता है फल

सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल के चकभारो स्थित राम जानकी ठाकुरबाड़ी में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। मंगलवार को कलश यात्रा के साथ कथा का पहला दिन था, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। उत्तर प्रदेश के हरिद्वार से पधारीं साध्वी किशोरी प्रिया कथावाचन कर रही हैं। अपने प्रवचन में साध्वी किशोरी प्रिया ने भगवान और भक्त के बीच के भाव को समझाया। उन्होंने कहा कि भगवान किसी के घर आने में देरी नहीं करते, बल्कि पात्रता में कमी होने पर दर्शन नहीं देते। साध्वी ने जोर देकर कहा, “पात्र जैसा रहेगा, वैसा ही फल मिलेगा। यदि पात्र सही होगा तो अच्छे कर्मों के फल का घड़ा स्वयं भर जाएगा।” ”विदुर का भाव सच्चा था” उन्होंने आगे बताया कि जो भक्त सच्चे मन से भगवान को पुकारता है, उसे प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती। महाभारत का उदाहरण देते हुए साध्वी किशोरी प्रिया ने कहा कि विदुर का भाव सच्चा था, इसलिए भगवान श्रीकृष्ण ने उनके घर केले के छिलके तक ग्रहण किए। “राधे-राधे” भजन पर श्रद्धालु भक्ति में लीन हो गए कथा के दौरान हरिद्वार से आए मिथिलेश दास जी महाराज, परमेश्वर दास जी महाराज और टुनटुन दास जी महाराज ने भी भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने भक्ति, कर्म और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। प्रवचन के बाद “राधे-राधे” भजन पर श्रद्धालु भक्ति में लीन हो गए। हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे मंगलवार को आयोजित प्रवचन में हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन स्थल पर यज्ञकर्ता महंत रघुवर दास जी महाराज सहित कई संत-महात्मा मौजूद थे। व्यवस्था में स्थानीय श्रद्धालुओं और समिति के सदस्यों ने सहयोग किया। सात दिनों तक चलने वाली इस भागवत कथा के दौरान प्रतिदिन प्रवचन, भजन और आरती का आयोजन किया जाएगा। सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल के चकभारो स्थित राम जानकी ठाकुरबाड़ी में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। मंगलवार को कलश यात्रा के साथ कथा का पहला दिन था, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। उत्तर प्रदेश के हरिद्वार से पधारीं साध्वी किशोरी प्रिया कथावाचन कर रही हैं। अपने प्रवचन में साध्वी किशोरी प्रिया ने भगवान और भक्त के बीच के भाव को समझाया। उन्होंने कहा कि भगवान किसी के घर आने में देरी नहीं करते, बल्कि पात्रता में कमी होने पर दर्शन नहीं देते। साध्वी ने जोर देकर कहा, “पात्र जैसा रहेगा, वैसा ही फल मिलेगा। यदि पात्र सही होगा तो अच्छे कर्मों के फल का घड़ा स्वयं भर जाएगा।” ”विदुर का भाव सच्चा था” उन्होंने आगे बताया कि जो भक्त सच्चे मन से भगवान को पुकारता है, उसे प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती। महाभारत का उदाहरण देते हुए साध्वी किशोरी प्रिया ने कहा कि विदुर का भाव सच्चा था, इसलिए भगवान श्रीकृष्ण ने उनके घर केले के छिलके तक ग्रहण किए। “राधे-राधे” भजन पर श्रद्धालु भक्ति में लीन हो गए कथा के दौरान हरिद्वार से आए मिथिलेश दास जी महाराज, परमेश्वर दास जी महाराज और टुनटुन दास जी महाराज ने भी भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने भक्ति, कर्म और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। प्रवचन के बाद “राधे-राधे” भजन पर श्रद्धालु भक्ति में लीन हो गए। हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे मंगलवार को आयोजित प्रवचन में हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन स्थल पर यज्ञकर्ता महंत रघुवर दास जी महाराज सहित कई संत-महात्मा मौजूद थे। व्यवस्था में स्थानीय श्रद्धालुओं और समिति के सदस्यों ने सहयोग किया। सात दिनों तक चलने वाली इस भागवत कथा के दौरान प्रतिदिन प्रवचन, भजन और आरती का आयोजन किया जाएगा।  

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