सलौना में चैती दुर्गा मेला समिति ने रविवार को होली मिलन समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में आपसी भाईचारा, सौहार्द और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना था। समारोह में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक तरीके से हुआ, जिसमें उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। मंच से वक्ताओं ने होली को प्रेम, सद्भाव और एकता का पर्व बताया, जो समाज को जोड़ने का काम करता है। समिति के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि चैती दुर्गा मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह सामाजिक एकजुटता का भी प्रतीक है। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। स्थानीय कलाकारों ने होली गीत और लोक संगीत से दर्शकों का मनोरंजन किया। बच्चों, युवाओं और महिलाओं ने भी इन प्रस्तुतियों में सक्रिय रूप से भाग लिया, जो कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा। समिति के अध्यक्ष ने सभी अतिथियों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और आपसी संबंधों को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम का समापन सामूहिक जलपान के साथ हुआ, जिसे सफल बनाने में समिति सदस्यों और स्थानीय ग्रामीणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सलौना में चैती दुर्गा मेला समिति ने रविवार को होली मिलन समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में आपसी भाईचारा, सौहार्द और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना था। समारोह में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक तरीके से हुआ, जिसमें उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। मंच से वक्ताओं ने होली को प्रेम, सद्भाव और एकता का पर्व बताया, जो समाज को जोड़ने का काम करता है। समिति के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि चैती दुर्गा मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह सामाजिक एकजुटता का भी प्रतीक है। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। स्थानीय कलाकारों ने होली गीत और लोक संगीत से दर्शकों का मनोरंजन किया। बच्चों, युवाओं और महिलाओं ने भी इन प्रस्तुतियों में सक्रिय रूप से भाग लिया, जो कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा। समिति के अध्यक्ष ने सभी अतिथियों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और आपसी संबंधों को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम का समापन सामूहिक जलपान के साथ हुआ, जिसे सफल बनाने में समिति सदस्यों और स्थानीय ग्रामीणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


