संरक्षित वन क्षेत्र से दो कछुए और शिकारी गिरफ्तार:मिहींपुरवा में नाव व शिकार उपकरण बरामद, वन्यजीव अधिनियम के तहत कार्रवाई

कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग में वन विभाग ने दो अलग-अलग कार्रवाई में दो कछुआ तस्करों और एक खैर लकड़ी काटने वाले को गिरफ्तार किया है। इन कार्रवाइयों के दौरान कछुए, नाव, शिकार के उपकरण और खैर की लकड़ी बरामद की गई। पहली घटना सुजौली रेंज के कोलियागौढ़ी बीट के कक्ष संख्या 1बी संरक्षित वन क्षेत्र की है। सुजौली वन क्षेत्राधिकारी रोहित कुमार के नेतृत्व में वन दारोगा मनोज कुमार श्रीवास्तव, मनोज कुमार पाठक और वाचरों की टीम गश्त कर रही थी। गश्त के दौरान टीम ने व्यापारिक उद्देश्य से कछुए का शिकार करते हुए दो व्यक्तियों को संदिग्ध अवस्था में देखा। घेराबंदी कर उन्हें पकड़ा गया। मौके से दो कछुए, एक नाव और शिकार करने के उपकरण बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों की पहचान कैलाश पुत्र मैकू निवासी सेमरी घटही और इंदल पुत्र बैजनाथ निवासी बदौलिया, थाना मुशाहरी, जिला मुजफ्फरनगर के रूप में हुई। दोनों के खिलाफ वन्य जीव अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत रेंज केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। दूसरी ओर, सोमवार को मुर्तिहा रेंज के बीट संख्या 21 में भी वन विभाग ने कार्रवाई की। मुर्तिहा वन क्षेत्राधिकारी रत्नेश कुमार के नेतृत्व में डिप्टी रेंजर ऋषभ प्रताप सिंह और वन्य जीव रक्षक प्रवेश कुमार की टीम बाघ संरक्षित वन क्षेत्र में गश्त कर रही थी। गश्त के दौरान टीम ने खैर के पेड़ की अवैध कटान करते हुए एक व्यक्ति को देखा और उसे घेराबंदी कर पकड़ लिया। उसके पास से खैर के 11 नग और कटान में इस्तेमाल होने वाला आरा बरामद किया गया। पकड़े गए आरोपी की पहचान कमलेश तिवारी पुत्र शत्रोहन निवासी निबियापुरवा, सेमरी घटही, थाना मुर्तिहा के रूप में हुई है। रेंजर रत्नेश कुमार ने वन्य जीव अधिनियम के तहत रेंज केस दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।

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