संभल जनपद में गैस आपूर्ति में कमी के कारण 39 गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गैस की डिलीवरी अब ओटीपी आने के बाद ही की जा रही है। यह व्यवस्था पहले से लागू है, लेकिन अब ओटीपी 48 घंटे में आ रहा है, जबकि पहले बुकिंग के तुरंत बाद आता था। इसमें केवाईसी, ओटीपी और 24 घंटे में बुकिंग जैसे मामले शामिल हैं। संभल कोतवाली क्षेत्र की छह गैस एजेंसियों पर बुकिंग और डिलीवरी को लेकर उपभोक्ता परेशान हैं। दोपहर 2 बजे के बाद अचानक भीड़ जमा होना शुरू हो गई, जिसमें महिलाएं बच्चों को गोद में लेकर गैस लेने पहुंचीं। घंटों इंतजार के बाद कुछ उपभोक्ता खाली हाथ लौट गए। ईरान और इजरायल-अमेरिका युद्ध के बीच गैस की किल्लत की अफवाहों के कारण 15-20 साल पुराने उपभोक्ता सामने आए हैं, जो अपने कनेक्शन दूसरे नाम पर दर्ज कराना चाहते हैं। हालांकि, इस समय केवाईसी नहीं हो पा रही है, जिससे उन्हें गैस डिलीवरी के लिए भटकना पड़ रहा है। पिछले तीन दिनों से जनपद संभल की गैस एजेंसियों पर पीछे से गैस की आपूर्ति कम आने के कारण यह समस्या बढ़ गई है। हल्लू सराय निवासी लक्ष पंवार ने बताया कि वह अपने बड़े भाई नैतिक पंवार के साथ एचपी गैस एजेंसी पर सिलेंडर लेने आए थे। उन्हें एक घंटे से अधिक इंतजार करना पड़ा, लेकिन सिलेंडर नहीं मिला। उनके भाई अभी भी लाइन में लगे हुए हैं। गांव इकरौटिया के तौसीफ हैदर ने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि वह अपने 15 साल पुराने पेपर ट्रांसफर कराने आए थे, लेकिन अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। उन्हें बताया गया है कि ट्रांसफर अगले महीने से होंगे। घर में गैस की दिक्कत हो रही है और बच्चों को परेशानी हो रही है, जिसके चलते अब लकड़ी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। एजेंसियों के पास पहले से निर्धारित स्टॉक भी कम होने लगा है, हालांकि गैस एजेंसी मालिक और जिला पूर्ति अधिकारी शिवी गर्ग का कहना है कि जनपद में गैस की कोई परेशानी नहीं है दो दिन का स्टॉक है, लेकिन उनके दावे उपभोक्ता फैल कर रहे हैं क्योंकि कुछ उपभोक्ता का कहना है कि गैस काम आने की बात कहकर टाला जा रहा है। आपको बता दें जनपद संभल की 39 गैस एजेंसी ऊपर कुल 4,50,000 से अधिक उपभोक्ता है, 15,000 से अधिक प्रतिदिन बुकिंग हो रही है और 12,500 गैस सिलेंडरों की प्रतिदिन डिलीवरी की जा रही है। गैस किल्लत की अफवाहों के बीच सबसे ज्यादा ग्रामीण क्षेत्र के लोग परेशान हैं, इसके साथी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के उपभोक्ता इसलिए परेशान है कि उन्हें साथ डिलीवरी के बाद अपनी केवाईसी करनी होती है जिसमें बहुत सारे उपभोक्ताओं ने यह नहीं कराई है अब है सिलेंडर के लिए इधर-उधर घूम रहे हैं।


