फर्रुखाबाद के रामनगरिया मेले में आस्था का अद्भुत समागम देखने को मिल रहा है, जहां संत और श्रद्धालु भक्ति में लीन हैं। इस दौरान वैष्णव संप्रदाय की शोभा यात्रा की तैयारियां जोरों पर हैं, जिसके लिए संत विभिन्न प्रकार के करतबों का अभ्यास कर रहे हैं। रात होते ही तंबुओं का यह शहर एक अलग ही छटा बिखेरता है। अखाड़ों में जलने वाली धुनियों के सामने संत और भक्त ढोलक, हारमोनियम तथा मजीरा के साथ राम नाम का जाप करते हुए भक्ति में लीन नजर आते हैं। देखें 4 तस्वीर… वैष्णव संप्रदाय के अखाड़ों से शोभा यात्राएं निकाली जाएंगी। बुधवार को एकादशी के उपलक्ष्य में वैष्णव संप्रदाय और निर्मोही अखाड़ा द्वारा शोभा यात्राएं निकाली जाएंगी। इन यात्राओं में संत तलवारबाजी सहित अन्य आकर्षक करतबों का प्रदर्शन करेंगे। वैष्णव संप्रदाय क्षेत्र में संतों ने शोभायात्रा के लिए लाठी, दंड, तलवारबाजी, लोहे के पटे से आलू काटने, हाथ की एक अंगुली पर थाली को चक्र की तरह घुमाने जैसे शारीरिक संतुलन से जुड़े करतबों का अभ्यास किया। संत मोहनदास के अनुसार, कलवास के दौरान शोभा यात्राएं निकालना एक पुरानी परंपरा है। इस अभ्यास में निर्मोही झाड़ियां अखाड़ा के जगदीश दास, अजयदास, विष्णुदास और गंगादास जैसे संत भी शामिल थे। वही रात में भी मेले के मनोरंजन क्षेत्र में भारी भीड़ आ रही है।मनोरंजन क्षेत्र में दुकानों पर भी ग्राहकों की लंबी लाइन लगी रहती है।इस दौरान पुलिस भी लगातार गश्त कर सीसीटीवी के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था संभालने में लगी रहती है।


