मोतिहारी सदर अस्पताल परिसर में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत आयोजित दो दिवसीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण शनिवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। समापन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार सिंह ने कहा कि आरबीएसके के अंतर्गत कार्यरत चलंत चिकित्सा टीम ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि यह टीम गांव-गांव जाकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करती है और विभिन्न बीमारियों की समय पर पहचान कर उन्हें उचित उपचार उपलब्ध कराती है। उन्होंने बताया कि इन टीमों की सक्रियता के कारण दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले बच्चों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल पा रही हैं। सिविल सर्जन ने चलंत चिकित्सा दल के सभी सदस्यों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण से बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार लाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। 13 प्रखंडों की टीमों ने लिया हिस्सा आरबीएसके के जिला नोडल पदाधिकारी डॉ. शशि मिश्रा ने बताया कि राज्य मुख्यालय से प्राप्त निर्देश के आलोक में जिले के 13 प्रखंडों में कार्यरत चलंत चिकित्सा दल के सदस्यों को यह रिफ्रेशर प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण में चिकित्सक, फार्मासिस्ट और एएनएम सहित स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य टीमों को नई जानकारियों से अपडेट करना और उनकी कार्यक्षमता को और बेहतर बनाना था। 42 प्रकार की बीमारियों की पहचान पर प्रशिक्षण प्रशिक्षण के दौरान आरबीएसके के तहत निःशुल्क इलाज की जाने वाली 42 प्रकार की बीमारियों की पहचान और बच्चों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही गंभीर मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर करने की व्यवस्था तथा उपचार से संबंधित प्रोटोकॉल पर भी विशेष प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण से बढ़ेगी कार्यक्षमता स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के रिफ्रेशर प्रशिक्षण से स्वास्थ्यकर्मियों की कार्यक्षमता में वृद्धि होती है। इससे बच्चों की बीमारियों की समय पर पहचान संभव होती है और उन्हें सही समय पर उचित इलाज उपलब्ध कराया जा सकता है। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि इस प्रशिक्षण के बाद जिले में बाल स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूती मिलेगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। मोतिहारी सदर अस्पताल परिसर में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत आयोजित दो दिवसीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण शनिवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। समापन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार सिंह ने कहा कि आरबीएसके के अंतर्गत कार्यरत चलंत चिकित्सा टीम ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि यह टीम गांव-गांव जाकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करती है और विभिन्न बीमारियों की समय पर पहचान कर उन्हें उचित उपचार उपलब्ध कराती है। उन्होंने बताया कि इन टीमों की सक्रियता के कारण दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले बच्चों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल पा रही हैं। सिविल सर्जन ने चलंत चिकित्सा दल के सभी सदस्यों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण से बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार लाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। 13 प्रखंडों की टीमों ने लिया हिस्सा आरबीएसके के जिला नोडल पदाधिकारी डॉ. शशि मिश्रा ने बताया कि राज्य मुख्यालय से प्राप्त निर्देश के आलोक में जिले के 13 प्रखंडों में कार्यरत चलंत चिकित्सा दल के सदस्यों को यह रिफ्रेशर प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण में चिकित्सक, फार्मासिस्ट और एएनएम सहित स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य टीमों को नई जानकारियों से अपडेट करना और उनकी कार्यक्षमता को और बेहतर बनाना था। 42 प्रकार की बीमारियों की पहचान पर प्रशिक्षण प्रशिक्षण के दौरान आरबीएसके के तहत निःशुल्क इलाज की जाने वाली 42 प्रकार की बीमारियों की पहचान और बच्चों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही गंभीर मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर करने की व्यवस्था तथा उपचार से संबंधित प्रोटोकॉल पर भी विशेष प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण से बढ़ेगी कार्यक्षमता स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के रिफ्रेशर प्रशिक्षण से स्वास्थ्यकर्मियों की कार्यक्षमता में वृद्धि होती है। इससे बच्चों की बीमारियों की समय पर पहचान संभव होती है और उन्हें सही समय पर उचित इलाज उपलब्ध कराया जा सकता है। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि इस प्रशिक्षण के बाद जिले में बाल स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूती मिलेगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।


