मुंगेर में मछली विक्रेता महिलाएं DM ऑफिस पहुंचीं:जिलाधिकारी से मुलाकात नहीं होने पर लौटीं, रोजगार बंद होने से परेशानी बताई

मुंगेर में 100 से अधिक मछली विक्रेता महिलाएं अपनी समस्या लेकर डीएम कार्यालय पहुंचीं। डीएम से मुलाकात न हो पाने के कारण वे निराश होकर वापस लौट गईं। महिलाओं ने बताया कि वे लगभग 50 वर्षों से जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल जाने वाले मुख्य मार्ग, जिला स्कूल के समीप, लल्लू पोखर, खान काह, जमालपुर, धरहरा और बरियारपुर सहित विभिन्न चिन्हित स्थलों पर मछली बेचने का कारोबार करती आ रही हैं। 5 मार्च तक खुले में मछली बेचना बंद करने का निर्देश नगर परिषद निगम के अधिकारियों ने उन्हें नोटिस भेजा है। इसमें 5 मार्च तक खुले में मछली बेचना बंद करने का निर्देश दिया गया है। चेतावनी दी गई है कि 5 मार्च के बाद खुले में मछली बेचते पाए जाने पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इन महिलाओं ने बताया कि वे प्रतिदिन 1 से 5 किलोग्राम तक मछली बेचती हैं। इसी से उनके परिवारों का भरण-पोषण होता है। वे सहनी समाज से आती हैं और यह उनका मुख्य रोजगार है। स्टॉल बनाकर मछली बेचने की अनुमति देने की मांग की प्रशासन द्वारा खुले में मछली बेचने पर रोक लगाए जाने के बाद, इन महिलाओं ने डीएम से मुलाकात कर कहीं पर स्टॉल बनाकर मछली बेचने की अनुमति देने की मांग की। उनका कहना है कि इससे वे अपना रोजगार जारी रख सकेंगी और अपने परिवार का गुजारा कर पाएंगी। आज डीएम से मुलाकात न हो पाने के कारण, सभी महिलाएं शुक्रवार को डीएम और नगर आयुक्त के जनता दरबार में अपनी समस्या लेकर जाएंगी। मुंगेर में 100 से अधिक मछली विक्रेता महिलाएं अपनी समस्या लेकर डीएम कार्यालय पहुंचीं। डीएम से मुलाकात न हो पाने के कारण वे निराश होकर वापस लौट गईं। महिलाओं ने बताया कि वे लगभग 50 वर्षों से जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल जाने वाले मुख्य मार्ग, जिला स्कूल के समीप, लल्लू पोखर, खान काह, जमालपुर, धरहरा और बरियारपुर सहित विभिन्न चिन्हित स्थलों पर मछली बेचने का कारोबार करती आ रही हैं। 5 मार्च तक खुले में मछली बेचना बंद करने का निर्देश नगर परिषद निगम के अधिकारियों ने उन्हें नोटिस भेजा है। इसमें 5 मार्च तक खुले में मछली बेचना बंद करने का निर्देश दिया गया है। चेतावनी दी गई है कि 5 मार्च के बाद खुले में मछली बेचते पाए जाने पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इन महिलाओं ने बताया कि वे प्रतिदिन 1 से 5 किलोग्राम तक मछली बेचती हैं। इसी से उनके परिवारों का भरण-पोषण होता है। वे सहनी समाज से आती हैं और यह उनका मुख्य रोजगार है। स्टॉल बनाकर मछली बेचने की अनुमति देने की मांग की प्रशासन द्वारा खुले में मछली बेचने पर रोक लगाए जाने के बाद, इन महिलाओं ने डीएम से मुलाकात कर कहीं पर स्टॉल बनाकर मछली बेचने की अनुमति देने की मांग की। उनका कहना है कि इससे वे अपना रोजगार जारी रख सकेंगी और अपने परिवार का गुजारा कर पाएंगी। आज डीएम से मुलाकात न हो पाने के कारण, सभी महिलाएं शुक्रवार को डीएम और नगर आयुक्त के जनता दरबार में अपनी समस्या लेकर जाएंगी।  

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