नगर निगम मानसून की तैयारी में जुट गया है। बुधवार को नगर आयुक्त ने अंतरविभागीय बैठक बुलाई। बैठक में शहर को जलजमाव की समस्या से मुक्त रखने और जलनिकासी के सिस्टम को बेहतर करने पर जोर दिया गया। जहां-जहां कार्य पूर्ण होना संभव नहीं है, वहां जलनिकासी की वैकल्पिक व्यवस्था होगी। इस दौरान प्रत्येक अंचल के प्रमुख और सहायक नालों की जलनिकासी के प्रवाह की गहन समीक्षा की गई। साथ ही, संभावित जलजमाव वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां की जलनिकासी व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर विशेष जोर दिया गया। अतिरिक्त पंपिंग व्यवस्था, संवेदनशील स्थलों की निगरानी और तकनीकी सुधार के उपायों पर विस्तार से चर्चा कर अग्रिम कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया। नगर आयुक्त स्वयं स्थल भ्रमण कर तैयारियों का जायजा लेंगे। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाएगी। नगर आयुक्त ने कहा कि शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। नगर आयुक्त ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि जिन स्थलों पर मेट्रो, सड़क, पुल, नाला, पाइपलाइन अथवा अन्य आधारभूत संरचना से संबंधित कार्य प्रगति पर हैं, वहां जलनिकासी के लिए विशेष उपाय किए जाएंगे। जलापूर्ति व्यवस्था के लिए 2.27 लाख आवंटित नगर निगम द्वारा शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारु और प्रभावी बनाए रखने के उद्देश्य से रखरखाव कार्यों के लिए 2.27 लाख रुपए की राशि आवंटित की गई है। इस निर्णय का उद्देश्य नागरिकों को निर्बाध, स्वच्छ एवं नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करना है। आवंटित राशि का उपयोग जलापूर्ति से संबंधित पाइपलाइन की मरम्मती, लीकेज की रोकथाम, खराब वाल्व एवं पंपों को बदलने, जलमीनारों की सफाई तथा मोटर एवं अन्य उपकरणों के अनुरक्षण कार्यों पर किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, आपात स्थिति में त्वरित मरम्मत कार्य सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। नगर आयुक्त द्वारा जलापूर्ति शाखा के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जलापूर्ति तंत्र का नियमित निरीक्षण करें तथा किसी भी प्रकार की समस्या की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। नगर निगम मानसून की तैयारी में जुट गया है। बुधवार को नगर आयुक्त ने अंतरविभागीय बैठक बुलाई। बैठक में शहर को जलजमाव की समस्या से मुक्त रखने और जलनिकासी के सिस्टम को बेहतर करने पर जोर दिया गया। जहां-जहां कार्य पूर्ण होना संभव नहीं है, वहां जलनिकासी की वैकल्पिक व्यवस्था होगी। इस दौरान प्रत्येक अंचल के प्रमुख और सहायक नालों की जलनिकासी के प्रवाह की गहन समीक्षा की गई। साथ ही, संभावित जलजमाव वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां की जलनिकासी व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर विशेष जोर दिया गया। अतिरिक्त पंपिंग व्यवस्था, संवेदनशील स्थलों की निगरानी और तकनीकी सुधार के उपायों पर विस्तार से चर्चा कर अग्रिम कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया। नगर आयुक्त स्वयं स्थल भ्रमण कर तैयारियों का जायजा लेंगे। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाएगी। नगर आयुक्त ने कहा कि शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। नगर आयुक्त ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि जिन स्थलों पर मेट्रो, सड़क, पुल, नाला, पाइपलाइन अथवा अन्य आधारभूत संरचना से संबंधित कार्य प्रगति पर हैं, वहां जलनिकासी के लिए विशेष उपाय किए जाएंगे। जलापूर्ति व्यवस्था के लिए 2.27 लाख आवंटित नगर निगम द्वारा शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारु और प्रभावी बनाए रखने के उद्देश्य से रखरखाव कार्यों के लिए 2.27 लाख रुपए की राशि आवंटित की गई है। इस निर्णय का उद्देश्य नागरिकों को निर्बाध, स्वच्छ एवं नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करना है। आवंटित राशि का उपयोग जलापूर्ति से संबंधित पाइपलाइन की मरम्मती, लीकेज की रोकथाम, खराब वाल्व एवं पंपों को बदलने, जलमीनारों की सफाई तथा मोटर एवं अन्य उपकरणों के अनुरक्षण कार्यों पर किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, आपात स्थिति में त्वरित मरम्मत कार्य सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। नगर आयुक्त द्वारा जलापूर्ति शाखा के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जलापूर्ति तंत्र का नियमित निरीक्षण करें तथा किसी भी प्रकार की समस्या की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।


