किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पिलर संख्या 153 के पास शुक्रवार शाम को माफीटोला और पेकटोला कैंप के जवानों ने संयुक्त अभियान चलाकर 17 मवेशियों को जब्त किया। एसएसबी को गुप्त सूचना मिली थी कि नेपाल से कुछ मवेशियों को अवैध रूप से भारतीय सीमा में लाया जा रहा है। इस सूचना पर माफीटोला और पेकटोला कैंप के जवानों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सीमावर्ती क्षेत्र में घेराबंदी की। जवानों की तत्परता के कारण सभी 17 मवेशियों को जब्त कर लिया गया, हालांकि तस्कर मौके से भागने में सफल रहे। भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी एसएसबी के कंपनी कमांडर सह असिस्टेंट कमांडेंट जगदेव सिंह ने बताया कि जब्त किए गए मवेशियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद टेढ़ागाछ थाना को सौंप दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि सीमा क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। स्थानीय लोगों ने एसएसबी की इस कार्रवाई की सराहना की है। ग्रामीणों का कहना है कि भारत-नेपाल की खुली सीमा का फायदा उठाकर आए दिन पशु तस्करी, शराब तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया जाता है। तस्कर अब अपने तौर-तरीकों में बदलाव कर रहे ग्रामीणों ने यह भी बताया कि तस्कर अब अपने तौर-तरीकों में बदलाव कर रहे हैं। वे छोटे बच्चों और महिलाओं का उपयोग ‘कैरियर’ के रूप में करते हैं, ताकि उन पर संदेह कम हो और तस्करी आसानी से की जा सके। पुराना टेढ़ागाछ, पेकटोला, माफीटोला, बैरिया और भोरहा वार्ड संख्या 8 मुंशी टोला सहित कई गांव इस समस्या से प्रभावित हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सीमा क्षेत्रों में निगरानी को और सख्त किया जाए। साथ ही, तस्करी में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि इस अवैध धंधे पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके। किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पिलर संख्या 153 के पास शुक्रवार शाम को माफीटोला और पेकटोला कैंप के जवानों ने संयुक्त अभियान चलाकर 17 मवेशियों को जब्त किया। एसएसबी को गुप्त सूचना मिली थी कि नेपाल से कुछ मवेशियों को अवैध रूप से भारतीय सीमा में लाया जा रहा है। इस सूचना पर माफीटोला और पेकटोला कैंप के जवानों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सीमावर्ती क्षेत्र में घेराबंदी की। जवानों की तत्परता के कारण सभी 17 मवेशियों को जब्त कर लिया गया, हालांकि तस्कर मौके से भागने में सफल रहे। भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी एसएसबी के कंपनी कमांडर सह असिस्टेंट कमांडेंट जगदेव सिंह ने बताया कि जब्त किए गए मवेशियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद टेढ़ागाछ थाना को सौंप दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि सीमा क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। स्थानीय लोगों ने एसएसबी की इस कार्रवाई की सराहना की है। ग्रामीणों का कहना है कि भारत-नेपाल की खुली सीमा का फायदा उठाकर आए दिन पशु तस्करी, शराब तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया जाता है। तस्कर अब अपने तौर-तरीकों में बदलाव कर रहे ग्रामीणों ने यह भी बताया कि तस्कर अब अपने तौर-तरीकों में बदलाव कर रहे हैं। वे छोटे बच्चों और महिलाओं का उपयोग ‘कैरियर’ के रूप में करते हैं, ताकि उन पर संदेह कम हो और तस्करी आसानी से की जा सके। पुराना टेढ़ागाछ, पेकटोला, माफीटोला, बैरिया और भोरहा वार्ड संख्या 8 मुंशी टोला सहित कई गांव इस समस्या से प्रभावित हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सीमा क्षेत्रों में निगरानी को और सख्त किया जाए। साथ ही, तस्करी में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि इस अवैध धंधे पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके।


