भागलपुर में स्वास्थ्य विभाग ने अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। भीखनपुर इलाके में एक क्लिनिक को सील कर दिया गया, जहां से बड़ी मात्रा में एक्सपायर दवाएं बरामद हुई हैं। सदर अस्पताल के प्रभारी डॉ. राजू कुमार और अस्पताल प्रबंधक आशुतोष कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने भीखनपुर स्थित ‘मां दुर्गा पॉली क्लीनिक’ पर छापेमारी की। जांच के दौरान, कई एक्सपायर दवाएं मिलीं, जिन्हें मरीजों को दिए जाने की आशंका जताई जा रही है। टीम ने मौके से भारी मात्रा में दवाएं जब्त कर उनका रिकॉर्ड तैयार किया। छापेमारी में ‘मां दुर्गा पॉली क्लीनिक’ के नाम से मरीजों को लिखी जा रही पर्चियां भी बरामद हुईं। इन पर्चियों पर डॉ. प्रीति कुमारी, डॉ. नीतीश कुमार और डॉ. अरविंद कुमार के नाम दर्ज थे। स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों का एंट्री रजिस्टर भी जब्त कर लिया है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि कितने मरीजों का इलाज हुआ और उन्हें कौन सी दवाएं दी गईं। अधिकारियों के अनुसार, क्लीनिक के संचालन से संबंधित कोई वैध कागजात मौके पर उपलब्ध नहीं थे। प्रथम दृष्टया यह क्लिनिक बिना अनुमति के चलाया जा रहा था। अनियमितताओं और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए टीम ने क्लिनिक को तत्काल सील कर दिया।
अवैध क्लीनिकों के खिलाफ अभियान जारी सदर अस्पताल के प्रभारी डॉ. राजू कुमार ने बताया कि जिले में अवैध क्लीनिकों के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे इलाज के लिए केवल पंजीकृत और मान्यता प्राप्त चिकित्सकों के पास ही जाएं। भागलपुर में स्वास्थ्य विभाग ने अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। भीखनपुर इलाके में एक क्लिनिक को सील कर दिया गया, जहां से बड़ी मात्रा में एक्सपायर दवाएं बरामद हुई हैं। सदर अस्पताल के प्रभारी डॉ. राजू कुमार और अस्पताल प्रबंधक आशुतोष कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने भीखनपुर स्थित ‘मां दुर्गा पॉली क्लीनिक’ पर छापेमारी की। जांच के दौरान, कई एक्सपायर दवाएं मिलीं, जिन्हें मरीजों को दिए जाने की आशंका जताई जा रही है। टीम ने मौके से भारी मात्रा में दवाएं जब्त कर उनका रिकॉर्ड तैयार किया। छापेमारी में ‘मां दुर्गा पॉली क्लीनिक’ के नाम से मरीजों को लिखी जा रही पर्चियां भी बरामद हुईं। इन पर्चियों पर डॉ. प्रीति कुमारी, डॉ. नीतीश कुमार और डॉ. अरविंद कुमार के नाम दर्ज थे। स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों का एंट्री रजिस्टर भी जब्त कर लिया है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि कितने मरीजों का इलाज हुआ और उन्हें कौन सी दवाएं दी गईं। अधिकारियों के अनुसार, क्लीनिक के संचालन से संबंधित कोई वैध कागजात मौके पर उपलब्ध नहीं थे। प्रथम दृष्टया यह क्लिनिक बिना अनुमति के चलाया जा रहा था। अनियमितताओं और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए टीम ने क्लिनिक को तत्काल सील कर दिया।
अवैध क्लीनिकों के खिलाफ अभियान जारी सदर अस्पताल के प्रभारी डॉ. राजू कुमार ने बताया कि जिले में अवैध क्लीनिकों के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे इलाज के लिए केवल पंजीकृत और मान्यता प्राप्त चिकित्सकों के पास ही जाएं।


