बिहार के बेतिया में प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन ने अपना 13वां वर्षगांठ समारोह आयोजित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसमें जेडीयू के वरिष्ठ नेता डॉ. एन.एन. शाही, बेतिया की महापौर गरिमा देवी शिकारिया, चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन और प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद समायल अहमद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। समारोह को संबोधित करते हुए चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन ने कहा कि वे भले ही विपक्ष के विधायक हों, लेकिन सबसे पहले जनता के प्रतिनिधि हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए। आज सरकारी स्कूल कई समस्याओं से जूझ रहे
विधायक रंजन ने सरकारी विद्यालयों की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज सरकारी स्कूल कई समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार इन समस्याओं के समाधान के लिए कोई सकारात्मक या प्रगतिशील नीति नहीं अपना रही है। उन्होंने सदन की स्थिति पर भी चिंता जताई, यह कहते हुए कि विपक्ष कमजोर है और सत्ता पक्ष के विधायक भी शिक्षा की वास्तविक समस्याओं को प्रभावी ढंग से नहीं उठा पा रहे हैं। विधायक ने सरकारी विद्यालयों में कक्षाओं, शिक्षकों और अन्य संसाधनों की कमी का मुद्दा उठाया और सरकार से इस दिशा में ठोस पहल करने की मांग की। बिहार के बेतिया में प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन ने अपना 13वां वर्षगांठ समारोह आयोजित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसमें जेडीयू के वरिष्ठ नेता डॉ. एन.एन. शाही, बेतिया की महापौर गरिमा देवी शिकारिया, चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन और प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद समायल अहमद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। समारोह को संबोधित करते हुए चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन ने कहा कि वे भले ही विपक्ष के विधायक हों, लेकिन सबसे पहले जनता के प्रतिनिधि हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए। आज सरकारी स्कूल कई समस्याओं से जूझ रहे
विधायक रंजन ने सरकारी विद्यालयों की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज सरकारी स्कूल कई समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार इन समस्याओं के समाधान के लिए कोई सकारात्मक या प्रगतिशील नीति नहीं अपना रही है। उन्होंने सदन की स्थिति पर भी चिंता जताई, यह कहते हुए कि विपक्ष कमजोर है और सत्ता पक्ष के विधायक भी शिक्षा की वास्तविक समस्याओं को प्रभावी ढंग से नहीं उठा पा रहे हैं। विधायक ने सरकारी विद्यालयों में कक्षाओं, शिक्षकों और अन्य संसाधनों की कमी का मुद्दा उठाया और सरकार से इस दिशा में ठोस पहल करने की मांग की।


