बेगूसराय में गुरुवार देर रात प्राइवेट बैंक कर्मी की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। पिता ने बहू पर हत्या का आरोप लगाया है। मृतक की पहचान तेघड़ा के अंबा गांव निवासी रामाशीष सिंह के पुत्र राजीव कुमार (35) के तौर पर हुई है। इंडसइंड बैंक में काम करता था। किराए के घर में पत्नी और बच्चे के साथ रहता था। फिलहाल पत्नी पूर्वी(30) कुछ स्पष्ट रूप से बता नहीं रही है। पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। घटना सिंघौल थाना क्षेत्र के इटवा मोहल्ले की है। बहू ने सिर फोड़ दिया था मृतक के पिता रामाशीष सिंह ने बहू पर बार-बार मारपीट करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बहू ने प्राइवेट पार्ट दबाकर मेरे बेटे को मार डाला। कुछ दिन पहले राजीव अपनी पत्नी के साथ इटवा मोहल्ले में किराए के घर में शिफ्ट हुआ था। यहीं बैंक में काम करता था। उसकी पत्नी गांव में बहुत झगड़ा करती थी। बेगूसराय में भी बराबर झगड़ा करती थी। मारपीट कर पहले भी सिर फोड़ दिया था। एक बार नाक और कान में टांका भी लगा था। राजीव ने कई बार मुझसे कहा था कि ये जिंदा नहीं रहने देगी। हमेशा पैसा मांगती थी। इसको लेकर झगड़ा भी होता था। उसके चक्कर में जमीन भी बेच दिया था। बेटे को बहुत टॉर्चर करती थी रामाशीष सिंह ने आगे कहा कि मेरा बेटा बैंक में काम करता था तो कस्टमर का पैसा पास में रहता था, वह पैसा भी ले लेती थी। पता नहीं पैसा का क्या करती थी। गांव में भी बराबर झगड़ा करती थी। झगड़ा होने पर 112 को फोन कर देती थी। यहां भी बराबर महिला थाना को फोन करके बुला लेती थी। राजीव को बहुत टॉर्चर करती थी। गुरुवार रात उसने प्राइवेट पार्ट दबाकर उसकी हत्या कर दी। मायके वाले हस्तक्षेप नहीं करते थे वहीं, मृतक के साला चंदन ने बताया कि पारिवारिक टेंशन था, पति-पत्नी में बराबर झगड़ा होते रहता था। लेकिन मामले में हम लोग कोई इंटरफेयर नहीं करते थे। रात में राजीव ड्रिंक करके आए थे, हो सकता है कि इसमें पति-पत्नी के बीच को झगड़ा हुआ होगा। बच्चा रो रहा था, मेरी बहन सुलाने में लग गई और राजीव घर से बाहर निकल गए। 15-20 मिनट तक अंदर नहीं आए तो मेरी बहन बाहर देखने गई। बरामदा पर गिरे थे और गले में गमछा लगा था। गमछा हटाकर मेरी बहन ने भांप दिया तो लगा कि जिंदा हैं। आधे घंटे तक मदद के लिए चिल्लाती रही, लेकिन लोग मदद करने नहीं आए। आधे घंटे के बाद अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। अब तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौते के सही कारणों का पता चल सकेगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज मामले की सूचना पर रतनपुर पुलिस मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही कुछ स्पष्ट हो सकेगा। परिजनों का बयान लिया गया है। आत्महत्या है या सोची-समझी हत्या। सभी पहलुओं पर छानबीन जारी है। बेगूसराय में गुरुवार देर रात प्राइवेट बैंक कर्मी की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। पिता ने बहू पर हत्या का आरोप लगाया है। मृतक की पहचान तेघड़ा के अंबा गांव निवासी रामाशीष सिंह के पुत्र राजीव कुमार (35) के तौर पर हुई है। इंडसइंड बैंक में काम करता था। किराए के घर में पत्नी और बच्चे के साथ रहता था। फिलहाल पत्नी पूर्वी(30) कुछ स्पष्ट रूप से बता नहीं रही है। पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। घटना सिंघौल थाना क्षेत्र के इटवा मोहल्ले की है। बहू ने सिर फोड़ दिया था मृतक के पिता रामाशीष सिंह ने बहू पर बार-बार मारपीट करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बहू ने प्राइवेट पार्ट दबाकर मेरे बेटे को मार डाला। कुछ दिन पहले राजीव अपनी पत्नी के साथ इटवा मोहल्ले में किराए के घर में शिफ्ट हुआ था। यहीं बैंक में काम करता था। उसकी पत्नी गांव में बहुत झगड़ा करती थी। बेगूसराय में भी बराबर झगड़ा करती थी। मारपीट कर पहले भी सिर फोड़ दिया था। एक बार नाक और कान में टांका भी लगा था। राजीव ने कई बार मुझसे कहा था कि ये जिंदा नहीं रहने देगी। हमेशा पैसा मांगती थी। इसको लेकर झगड़ा भी होता था। उसके चक्कर में जमीन भी बेच दिया था। बेटे को बहुत टॉर्चर करती थी रामाशीष सिंह ने आगे कहा कि मेरा बेटा बैंक में काम करता था तो कस्टमर का पैसा पास में रहता था, वह पैसा भी ले लेती थी। पता नहीं पैसा का क्या करती थी। गांव में भी बराबर झगड़ा करती थी। झगड़ा होने पर 112 को फोन कर देती थी। यहां भी बराबर महिला थाना को फोन करके बुला लेती थी। राजीव को बहुत टॉर्चर करती थी। गुरुवार रात उसने प्राइवेट पार्ट दबाकर उसकी हत्या कर दी। मायके वाले हस्तक्षेप नहीं करते थे वहीं, मृतक के साला चंदन ने बताया कि पारिवारिक टेंशन था, पति-पत्नी में बराबर झगड़ा होते रहता था। लेकिन मामले में हम लोग कोई इंटरफेयर नहीं करते थे। रात में राजीव ड्रिंक करके आए थे, हो सकता है कि इसमें पति-पत्नी के बीच को झगड़ा हुआ होगा। बच्चा रो रहा था, मेरी बहन सुलाने में लग गई और राजीव घर से बाहर निकल गए। 15-20 मिनट तक अंदर नहीं आए तो मेरी बहन बाहर देखने गई। बरामदा पर गिरे थे और गले में गमछा लगा था। गमछा हटाकर मेरी बहन ने भांप दिया तो लगा कि जिंदा हैं। आधे घंटे तक मदद के लिए चिल्लाती रही, लेकिन लोग मदद करने नहीं आए। आधे घंटे के बाद अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। अब तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौते के सही कारणों का पता चल सकेगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज मामले की सूचना पर रतनपुर पुलिस मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही कुछ स्पष्ट हो सकेगा। परिजनों का बयान लिया गया है। आत्महत्या है या सोची-समझी हत्या। सभी पहलुओं पर छानबीन जारी है।


