बाड़मेर नगर परिषद कंगाली से गुजर रही है। भ्रष्टाचार और बंदरबांट के बाद अब खजाने में रुपए नहीं है। सरकार ने बजट घोषणा 2025-26 में बाड़मेर शहर के लिए 20 करोड़ रुपए की सीमेंट और डामर सड़कें बनाने की घोषणा की थी। इसके बाद नगर परिषद ने 54 सड़कों की सूची भेजी है, उसमें 15 सड़कें भाजपाई नेताओं के मोहल्लों और कॉलोनियों में बन रही है। हालांकि अब तक 54 में सिर्फ 11 सड़कों का ही काम शुरू हुआ है। इधर सरकार ने भी घोषणा के एक साल बीत जाने के बाद भी नगर परिषद बाड़मेर को बजट के रूप में फूटी कौड़ी तक नहीं दी है।
ऐसे में ठेकेदार अब सड़कों का काम करवाने से हाथ खड़े कर रहे है। भाजपा नेताओं के इलाकों की 15 सड़कों पर 5 करोड़ 5 लाख 26 हजार 965.32 रुपए खर्च किए जा रहे हैं। एक साल पहले घोषणा, बजट ही नहीं मिला सड़क निर्माण में एक तरफ जहां भाजपा नेता सड़कें बनाकर अपने इलाकों में वाहवाही लूट रहे है। वहीं दूसरी तरफ बजट की कमी ने विकास कार्यों की कमर तोड़ दी है। टेंडर के 4 माह बाद भी नगर परिषद खाली हाथ है। 20 अगस्त 2025 में 20 करोड़ की घोषणा के साथ ही 5 पैकेज स्वीकृत किए। 3 महीने पहले टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई थी, लेकिन अब तक नगरपरिषद को राज्य सरकार से एक रुपया भी नहीं मिला है। 54 सड़कों के काम दो फेज में शुरू होने थे, लेकिन बजट के अभाव में अब तक केवल 11 सड़कों पर ही काम शुरू हुआ है और बाकी 43 सड़कों का काम अभी तक शुरू भी नहीं हुआ है। “बजट घोषणा में 20 करोड़ की लागत से नई सड़कों के निर्माण कार्य को सुदृढ़ीकरण के लिए 5 फेज में काम शुरू किया। टेंडर में 11 सड़कों का काम शुरू कर दिया। सरकार ने 50% बजट मार्च से पहले और 50% बजट मार्च के बाद देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक भुगतान नहीं आया है।” – सूर्यप्रकाश संचेती, एक्सईएन


