बस्ती दरोगा मौत मिस्ट्री, बाइक लाने वाला युवक हिरासत में:पूछताछ जारी, अयोध्या की सरयू नदी में मिला था शव

बस्ती दरोगा मौत मिस्ट्री, बाइक लाने वाला युवक हिरासत में:पूछताछ जारी, अयोध्या की सरयू नदी में मिला था शव

बस्ती के परशुरामपुर थाने में तैनात एसएसआई अजय गोंड की मौत के मामले में पुलिस को अहम कामयाबी मिली है। दरोगा की बाइक बस्ती लाने वाले एक व्यक्ति को पुलिस ने हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ जारी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस ने जल्द ही पूरे मामले का खुलासा करने का दावा किया है। एसएसआई अजय कुमार गोंड का शव 8 फरवरी को अयोध्या की सरयू नदी में मिला था। वह 5 फरवरी की शाम ड्यूटी के दौरान परशुरामपुर थाने से निकले थे। जिसके बाद से उनका कोई पता नहीं चला था। अजय अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ बस्ती में रहते थे। लापता होने के अगले दिन, 6 फरवरी को दरोगा की बाइक बस्ती के कुआनो नदी के पास मिली थी। सीसीटीवी में दरोगा अजय को आखिरी बार एक सफाईकर्मी के साथ बाइक पर जाते हुए देखा गया था। दरोगा की पत्नी रंजीता गोंड ने बताया कि अजय 5 फरवरी को सुबह चाय-नाश्ता करके थाने के लिए निकले थे। परशुरामपुर थानाध्यक्ष विश्व मोहन राय के अवकाश पर होने के कारण अजय के पास ही थाने का प्रभार था। उन्होंने दोपहर करीब 3:30 बजे अपनी पत्नी से बात की थी। थाने में तैनात बावर्ची के साथ बाइक से निकले थाने के सिपाहियों के मुताबिक, शाम लगभग 5 बजे दरोगा अजय थाने में तैनात बावर्ची के साथ बाइक से कहीं निकले थे। थाने से बाहर जाते हुए उनका एक वीडियो भी सामने आया है। पत्नी ने रात 8 से 9 बजे के बीच उन्हें फोन किया, लेकिन उनका फोन बंद मिला था। इसके बाद पुलिस हरकत में आई। 6 फरवरी को दरोगा अजय की बाइक मिलने के बाद पुलिस को उनके नदी में डूबने की आशंका हुई थी। इसके मद्देनजर, पुलिस ने SDRF गोरखपुर की टीम के साथ कुआनो नदी में लगातार तीन दिनों तक सर्च अभियान चलाया। अमहट घाट से भद्रेश्वरनाथ तक करीब 2 किलोमीटर क्षेत्र में मोटर बोट से आठ राउंड तलाशी ली गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। यह अभियान 8 फरवरी की शाम करीब 4 बजे रोक दिया गया था। सर्च अभियान बंद होने के करीब 3 घंटे बाद शाम 7 बजे सूचना मिली कि अयोध्या के दर्शननगर चौकी क्षेत्र अंतर्गत तिघुरा माझा गांव में सरयू नदी में एक शव देखा गया है। शव की पहचान दरोगा अजय गोंड के रूप में हुई।
दरोगा की बाइक बस्ती के कुआनो नदी के किनारे मिली। जबकि शव बाइक मिलने की लोकेशन से 75 किमी दूर अयोध्या के बॉर्डर पर सरयू नदी में मिला। दोनों ही लोकेशन एक-दूसरे के उल्टा है। दोनों नदियां कहीं नहीं मिलती। बस यहीं से केस उलझ गया।

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