सुपौल के निर्मली प्रखंड अंतर्गत मझारी पंचायत में पंचायत सरकार भवन की कार्यप्रणाली को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। मौके पर मौजूद सरपंच और वार्ड सदस्य ने आरोप लगाया कि भवन में तैनात कोई भी कर्मी समय पर नहीं पहुंचता, जिससे आम जनता को जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र सहित अन्य जरूरी कार्यों में काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। भवन के अंदर ग्राम पंचायत और कचहरी संचालित हो स्थानीय सरपंच रामानंद यादव ने बताया कि पंचायत सरकार भवन के अंदर ग्राम पंचायत और ग्राम कचहरी संचालित होनी चाहिए, लेकिन स्थिति यह है कि यहां एक भी पदाधिकारी नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते। उन्होंने कहा कि पंचायत सेवक, विकास मित्र, किसान सलाहकार और न्याय मित्र की ड्यूटी निर्धारित है, फिर भी ये लोग सप्ताह में एक दिन भी नहीं आते हैं। निरीक्षण के दौरान भवन के अधिकांश कार्यालय बंद मिले और कई कमरों में ताला लटका हुआ पाया गया। शिकायत के बाद नहीं हुई कोई ठोस कार्रवाई वार्ड संख्या 8 के वार्ड सदस्य ने भी सरपंच की बातों की पुष्टि करते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर कई बार शिकायत की गई, लेकिन संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि अब जिलाधिकारी से औपचारिक शिकायत करने की तैयारी की जा रही है, ताकि समस्या का स्थायी समाधान हो सके। परिसर में गंदगी, पौधे देखरेख के अभाव में सूखे इधर पंचायत सरकार भवन परिसर की हालत भी बदहाल दिखी। परिसर में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जबकि पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से लगाए गए कई पौधे और वृक्ष देखरेख के अभाव में सूख चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पंचायत सरकार भवन में कर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए और परिसर की साफ-सफाई के साथ सूख चुके पौधों के स्थान पर नए पौधे लगाए जाएं, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके। सुपौल के निर्मली प्रखंड अंतर्गत मझारी पंचायत में पंचायत सरकार भवन की कार्यप्रणाली को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। मौके पर मौजूद सरपंच और वार्ड सदस्य ने आरोप लगाया कि भवन में तैनात कोई भी कर्मी समय पर नहीं पहुंचता, जिससे आम जनता को जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र सहित अन्य जरूरी कार्यों में काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। भवन के अंदर ग्राम पंचायत और कचहरी संचालित हो स्थानीय सरपंच रामानंद यादव ने बताया कि पंचायत सरकार भवन के अंदर ग्राम पंचायत और ग्राम कचहरी संचालित होनी चाहिए, लेकिन स्थिति यह है कि यहां एक भी पदाधिकारी नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते। उन्होंने कहा कि पंचायत सेवक, विकास मित्र, किसान सलाहकार और न्याय मित्र की ड्यूटी निर्धारित है, फिर भी ये लोग सप्ताह में एक दिन भी नहीं आते हैं। निरीक्षण के दौरान भवन के अधिकांश कार्यालय बंद मिले और कई कमरों में ताला लटका हुआ पाया गया। शिकायत के बाद नहीं हुई कोई ठोस कार्रवाई वार्ड संख्या 8 के वार्ड सदस्य ने भी सरपंच की बातों की पुष्टि करते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर कई बार शिकायत की गई, लेकिन संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि अब जिलाधिकारी से औपचारिक शिकायत करने की तैयारी की जा रही है, ताकि समस्या का स्थायी समाधान हो सके। परिसर में गंदगी, पौधे देखरेख के अभाव में सूखे इधर पंचायत सरकार भवन परिसर की हालत भी बदहाल दिखी। परिसर में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जबकि पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से लगाए गए कई पौधे और वृक्ष देखरेख के अभाव में सूख चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पंचायत सरकार भवन में कर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए और परिसर की साफ-सफाई के साथ सूख चुके पौधों के स्थान पर नए पौधे लगाए जाएं, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।


