Indore News: भागीरथपुरा में मंगलवार को दो वर्षीय सिया पिता सूरज प्रजापति और 76 वर्षीय शालिग्राम ठाकुर की इलाज के दौरान मौत हो गई। हालांकि प्रशासन इन्हें दूषित जल पीने से मौत नहीं मान रहा। अभी तक 21 के परिजन को मुआवजा मिला, जबकि कुल 35 की मौत हो चुकी है। सिया ने सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में दम तोड़ा। सूरज ऑटो रिक्शा चलाते हैं। परिवार में पत्नी व सिया से बड़ा बेटा है। सूरज बताया सिया 27 दिसंबर से बीमार थी। अलग-अलग अस्पतालों में इलाज कराया।
आयुष्मान भी नहीं आया काम
ऱूआंसा चेहरा और रूंधते गले से जब पिता की आवाज निकली तो दर्दभरी दास्तां बन गई। सूरज ने कहा कि, ‘मेरी तो बेटी चली गई, किसे दोष दूं…। आयुष्मान के लिए ई-केवायसी कराई, लेकिन पेंडिंग दिखाता रहा। हालांकि अस्पताल में इलाज हुआ, लेकिन रिपोर्ट नहीं सौंपी गई। बेटी चली गई। किसी ने मदद नहीं की। अब किसे दोष दूं…। पत्नी भी बीमार थी, लेकिन वह ठीक हो गई।
डॉक्टर ने कहा लिवर में पस और निमोनिया था
उधर, इंदौर के एमवाय हॉस्पिटल के पीडियाट्रिक सर्जरी के विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक लड्ढा ने स्पष्टीकरण में कहा है कि बच्ची को 5 फरवरी को भर्ती किया गया था। लिवर में पस और निमोनिया था। ऑपरेशन द्वारा लिवर से पस निकाला गया। संक्रमण बढऩे एवं मिर्गी के दौरे आने की वजह से बच्ची की मृत्यु हो गई।
उल्टी-दस्त से बिगड़ी हालत
शालिग्राम के परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं। परिजन ने बताया, उन्हें कुछ साल पहले लकवा लगा था, लेकिन धीरे-धीरे सामान्य हो गए थे। दो जनवरी को उल्टी-दस्त हुए और हालत बिगड़ रही थी। पहले भागीरथपुरा में ही आरोग्य केंद्र ले गए। वहां से निजी अस्पताल रेफर कर दिया। हालत नहीं सुधरी तो बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती कराया। बेटे कपिल ने दावा किया कि इंदौर दौरे में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पिता से हॉस्पिटल में मिलकर तबीयत और इलाज की जानकारी ली थी।
घर लाने के दो घंटे बाद मौत
कपिल का कहना है, बॉम्बे हॉस्पिटल से कुछ दिन पहले छुट्टी कर दी गई थी।


