झाबुआ जिले के करड़ावद में शीतला सप्तमी के मौके पर दो दिनों का मेला शुरू हुआ, जिसमें पहले ही दिन 50 से ज्यादा गांवों के लोग ढोल-मादल की थाप पर थिरकते हुए पहुंचे। भगोरिया पर्व खत्म होने के बाद यहां बिल्कुल वैसा ही ‘मिनी भगोरिया’ जैसा माहौल देखने को मिला। मेले में राजनीति का रंग भी जमा। कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही दलों ने अपनी-अपनी गेर (जुलूस) निकाली। कांग्रेस की गैर में पूर्व विधायक वालसिंह मेडा और अन्य नेता ढोल की थाप पर नाचते नजर आए। वहीं, मेले का उद्घाटन जनपद अध्यक्ष रमेश सोलंकी और मंडल अध्यक्ष संजय कहार ने किया। पुरानी परंपरा और भारी भीड़ सरपंच रामसिंग सिंगाड़ ने बताया कि यह सालों पुरानी परंपरा है जिसे निभाने के लिए दूर-दराज के गांवों से लोग यहां आते हैं। मेले में महिलाओं और बच्चों की भी बड़ी भीड़ रही। लोगों की सुरक्षा के लिए तहसीलदार, थाना प्रभारी और पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। मेले के खास आकर्षण मेले में रौनक बढ़ाने के लिए कई तरह की दुकानें सजी थीं- बड़े झूले और चकरी आकर्षण का केंद्र रहे। बर्फ के गोले, श्रृंगार का सामान और टैटू गुदवाने वालों के पास भीड़ दिखी। लड़कों में फैंसी चश्मे खरीदने और लड़कियों में सजने-संवरने का खासा उत्साह रहा। प्रशासन और ग्राम पंचायत ने श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे ताकि मेला शांति से संपन्न हो सके।


