जौनपुर के भंडारी स्टेशन रोड स्थित सब्जी मंडी के मुहाने पर अतिक्रमण एक गंभीर समस्या बन गया है। सब्जी मंडी से उर्दू बाजार की ओर जाने वाला मार्ग अवैध ठेला, खुमचा, पटरी दुकानों और साइकिल स्टैंड के कारण रोजाना जाम का शिकार हो रहा है। इससे आम जनता परेशान है और प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं। यह 10 से 12 फीट चौड़ा मार्ग दिनभर व्यस्त रहता है। इस समस्या को लेकर पहले भी खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं, लेकिन उपजिलाधिकारी (एसडीएम), नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) या नगर पालिका अध्यक्ष की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे स्थानीय लोगों में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सब्जी मंडी के मुहाने पर ठेला और खुमचा लगाने वालों को खुली छूट मिली हुई है। अवैध कब्जों के कारण सड़क संकरी हो गई है। इसी मार्ग पर कई डॉक्टरों के क्लीनिक, नर्सिंग होम और पैथोलॉजी सेंटर भी हैं, जहां मरीजों और एंबुलेंस का लगातार आना-जाना लगा रहता है। इसके बावजूद जाम की समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। सबसे गंभीर आरोप अवैध साइकिल स्टैंड को लेकर हैं, जहां खुलेआम शुल्क वसूला जा रहा है। नागरिकों का मानना है कि यह सब प्रशासन की जानकारी के बिना संभव नहीं है। इस कारण नगर पालिका और प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका पर सीधे सवाल खड़े हो रहे हैं। जाम के कारण ठेला संचालकों, दुकानदारों और राहगीरों के बीच आए दिन झगड़े होते रहते हैं। कई बार स्थिति इतनी बिगड़ जाती है कि कानून-व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा पैदा हो जाता है। इसके बावजूद एसडीएम, नगर पालिका ईओ और अध्यक्ष की निष्क्रियता लोगों की समझ से परे है। नगरवासियों का कहना है कि यदि शीघ्र अतिक्रमण हटाकर ठेला-खुमचा वालों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई और अवैध साइकिल स्टैंड पर रोक नहीं लगी तो जनता को सड़क पर उतरकर विरोध करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। अब सवाल यह नहीं है कि समस्या क्या है, सवाल यह है कि प्रशासन आखिर कब जागेगा


