‘जब अल्लाह बच्चे दे रहा है तो…’, AIMIM के दिग्गज नेता बोले- हम दो, हमारे 2 दर्जन, मुसलमानों से ज्यादा बच्चे पैदा करने की अपील

‘जब अल्लाह बच्चे दे रहा है तो…’, AIMIM के दिग्गज नेता बोले- हम दो, हमारे 2 दर्जन, मुसलमानों से ज्यादा बच्चे पैदा करने की अपील

AIMIM Leader Controversial Statement: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने मुरादाबाद में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए जनसंख्या बढ़ाने को लेकर विवादित बयान दिया।

UP News in Hindi: शौकत अली ने दिया विवादित बयान

मंच से उन्होंने नया नारा देते हुए कहा, “हम 2, हमारे 2 दर्जन।” शौकत अली ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि उनके खुद के 8 बच्चे हैं और उनके बड़े भाई के 16 बच्चे हैं। उन्होंने मुसलमानों से ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करने की अपील की।

Uttar Pradesh News in Hindi: ‘आबादी बढ़ने से देश मजबूत होगा’

शौकत अली ने कहा, ”जब अल्लाह बच्चे दे रहा है तो उन्हें स्वीकार करना चाहिए और जब तक देता रहे, लेते रहना चाहिए।” इस दौरान उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग मुस्लिम आबादी बढ़ने से परेशान हैं, लेकिन आबादी बढ़ने से देश मजबूत होगा। इसके अलावा, शौकत अली ने सपा पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने पूर्व कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर का नाम लेते हुए कहा कि वे मुरादाबाद में शराब बेचने का काम करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी वाले खुद शराब बेचते हैं और फिर AIMIM पर BJP की B टीम होने का इल्जाम लगाते हैं।

Lucknow News in Hindi: मॉब लिंचिंग और अन्य मुद्दों पर भी बोले

शौकत अली ने मंच से मॉब लिंचिंग और अन्य मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि अब हिंदू संगठनों की महिलाएं भी मुसलमानों के साथ बदतमीजी करने लगी हैं। मुरादाबाद में कई 100 मदरसे बंद कर दिए गए हैं और मदरसों को आतंकवाद का अड्डा बताया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम लड़कियों के सरेआम नकाब खींचे जाते हैं, गोश्त के नाम पर मोब लिंचिंग होती है, ट्रेन-बस में सफर भी सुरक्षित नहीं है, और दाढ़ी नोची जाती है।

UP Politics in Hindi: राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू

शौकत अली ने यह बयान मुरादाबाद की जनसभा में दिए। जहां भीड़ को आकर्षित करने के लिए शौकत अली ने अपने पारिवारिक उदाहरण दिए। AIMIM नेता के इस बयान से राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है। कई लोग इसे जनसंख्या नीति के खिलाफ बताते हैं, जबकि पार्टी समर्थक इसे धार्मिक और सामाजिक अधिकारों से जोड़कर देख रहे हैं।

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