मोतिहारी से जदयू विधायक विशाल साह ने शराबबंदी कानून को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। नरकटिया विधानसभा से विधायक साह ने दावा किया कि शराबबंदी पर विपक्ष की ‘उलूल-जुलूल’ बयानबाजी को बिहार की जनता देख रही है। विधायक साह ने कहा कि 2025 के चुनाव में जनता ने विपक्ष को 25 सीटों पर ला दिया था। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विपक्ष ने अपनी बयानबाजी में सुधार नहीं किया, तो आगामी चुनावों में वे केवल पांच सीटों पर सिमट सकते हैं। शराबबंदी कानून को समाप्त करने की मांग विशाल साह ने जोर देकर कहा कि बिहार की जनता समाज को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी सोच को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि बिहार विधानसभा में विपक्ष के विधायकों ने शराबबंदी कानून को समाप्त करने की मांग को लेकर हंगामा किया था। विपक्ष का आरोप है कि यह कानून पूरी तरह विफल हो चुका है, राज्य में शराब आसानी से उपलब्ध है, और इससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसी आधार पर विपक्ष शराब बिक्री की अनुमति देने की मांग कर रहा है। प्रतिबंधित पदार्थों को कर देना चाहिए था वैध विपक्ष के इन आरोपों का खंडन करते हुए विधायक साह ने कहा कि शराबबंदी को लेकर उनके तर्क पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने उदाहरण दिया कि देश भर में गांजा, हेरोइन और चरस जैसे नशीले पदार्थ भी प्रतिबंधित हैं, फिर भी उनकी तस्करी होती है और लोग पकड़े जाते हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या इसका मतलब यह है कि इन प्रतिबंधित पदार्थों को भी वैध कर दिया जाना चाहिए? साह ने स्पष्ट किया कि नशा करना एक अपराध है और नशा करने वाला व्यक्ति जानता है कि वह कानून का उल्लंघन कर रहा है। उन्होंने कहा कि समाज और राज्य के हित में शराबबंदी कानून पूरी तरह से उचित है और इसे समाप्त करने की मांग बिहार के हित में नहीं है। विधायक ने अंत में कहा कि यह कानून बिहार के कल्याण के लिए आवश्यक है और सरकार इसे सख्ती से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। मोतिहारी से जदयू विधायक विशाल साह ने शराबबंदी कानून को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। नरकटिया विधानसभा से विधायक साह ने दावा किया कि शराबबंदी पर विपक्ष की ‘उलूल-जुलूल’ बयानबाजी को बिहार की जनता देख रही है। विधायक साह ने कहा कि 2025 के चुनाव में जनता ने विपक्ष को 25 सीटों पर ला दिया था। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विपक्ष ने अपनी बयानबाजी में सुधार नहीं किया, तो आगामी चुनावों में वे केवल पांच सीटों पर सिमट सकते हैं। शराबबंदी कानून को समाप्त करने की मांग विशाल साह ने जोर देकर कहा कि बिहार की जनता समाज को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी सोच को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि बिहार विधानसभा में विपक्ष के विधायकों ने शराबबंदी कानून को समाप्त करने की मांग को लेकर हंगामा किया था। विपक्ष का आरोप है कि यह कानून पूरी तरह विफल हो चुका है, राज्य में शराब आसानी से उपलब्ध है, और इससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसी आधार पर विपक्ष शराब बिक्री की अनुमति देने की मांग कर रहा है। प्रतिबंधित पदार्थों को कर देना चाहिए था वैध विपक्ष के इन आरोपों का खंडन करते हुए विधायक साह ने कहा कि शराबबंदी को लेकर उनके तर्क पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने उदाहरण दिया कि देश भर में गांजा, हेरोइन और चरस जैसे नशीले पदार्थ भी प्रतिबंधित हैं, फिर भी उनकी तस्करी होती है और लोग पकड़े जाते हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या इसका मतलब यह है कि इन प्रतिबंधित पदार्थों को भी वैध कर दिया जाना चाहिए? साह ने स्पष्ट किया कि नशा करना एक अपराध है और नशा करने वाला व्यक्ति जानता है कि वह कानून का उल्लंघन कर रहा है। उन्होंने कहा कि समाज और राज्य के हित में शराबबंदी कानून पूरी तरह से उचित है और इसे समाप्त करने की मांग बिहार के हित में नहीं है। विधायक ने अंत में कहा कि यह कानून बिहार के कल्याण के लिए आवश्यक है और सरकार इसे सख्ती से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।


