मनोज बाजपेयी की आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है। नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली इस फिल्म के शीर्षक को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि फिल्म का नाम ब्राह्मण समुदाय के प्रति अपमानजनक है। इसी विवाद के चलते ब्राह्मण रक्षा दल और राष्ट्रवादी जनसंग्रह पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कासिमाबाद में प्रदर्शन करते हुए ब्राह्मण रक्षा दल के संयोजक प्रेम शंकर मिश्र ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। मिश्र ने कहा कि फिल्म का शीर्षक और प्रचार सामग्री में ‘पंडित’ शब्द को जानबूझकर भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी से जोड़ा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह ब्राह्मण समाज की गरिमा और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाता है। उनका यह भी कहना था कि फिल्म का कंटेंट सांप्रदायिक रूप से आपत्तिजनक और मानहानिकारक है, जिससे सामाजिक सद्भाव बिगड़ने की आशंका है। प्रेम शंकर मिश्र ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे कंटेंट को नियंत्रित करने की मांग की। वहीं, राष्ट्रवादी जनसंग्रह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद पाण्डेय ने फिल्म के निर्माता-निर्देशक समेत पूरी टीम को जेल भेजने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने तीन प्रमुख मांगें रखीं: फिल्म की टीम पर कानूनी कार्रवाई की जाए, ब्राह्मण एट्रोसिटी एक्ट को तत्काल लागू किया जाए और सवर्ण आयोग का गठन किया जाए। इस प्रदर्शन में राजेश मिश्र, मिंटू पाण्डेय, पंकज पाण्डेय, मिथिलेश तिवारी, राम इच्छा पाण्डेय, संतोष कुमार पाण्डेय, संदीप दुबे, अभिषेक तिवारी, अजीत उपाध्याय, मिट्ठू पाण्डेय और झुन्नू उपाध्याय सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।


