गोपालगंज के विजयीपुर थाना क्षेत्र के परसा गांव में पूर्व के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट हुई। इस घटना में एक महिला सहित चार लोग घायल हो गए। घायलों में एक महिला की स्थिति गंभीर बनी हुई है। सभी घायलों को इलाज के लिए मॉडल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है। घायलों की पहचान परसा गांव निवासी स्व. तपेश्वर राम की पत्नी भगिया देवी, लाल वचन राम के बेटे अंशु राम, अभिषेक राम और उनकी पत्नी पूनम देवी के रूप में हुई है। विरोध करने पर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ घायल पूनम देवी ने बताया कि जून माह में आरोपियों के मवेशी उनके खेत में घुसकर फसल नष्ट कर दिए थे। इसका विरोध करने पर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। एक बार फिर आरोपियों के मवेशी उनके दरवाजे पर पहुंच गए थे। जब वे उन्हें हटाने के लिए गए, तो आरोपी गाली-गलौज करने लगे और फिर मारपीट शुरू कर दी। बीच-बचाव करने आए परिवार के अन्य सदस्यों को भी घायल कर दिया गया। बेहतर इलाज के लिए मॉडल अस्पताल रेफर सभी घायलों को तत्काल कटेया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए मॉडल अस्पताल रेफर कर दिया। गोपालगंज के विजयीपुर थाना क्षेत्र के परसा गांव में पूर्व के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट हुई। इस घटना में एक महिला सहित चार लोग घायल हो गए। घायलों में एक महिला की स्थिति गंभीर बनी हुई है। सभी घायलों को इलाज के लिए मॉडल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है। घायलों की पहचान परसा गांव निवासी स्व. तपेश्वर राम की पत्नी भगिया देवी, लाल वचन राम के बेटे अंशु राम, अभिषेक राम और उनकी पत्नी पूनम देवी के रूप में हुई है। विरोध करने पर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ घायल पूनम देवी ने बताया कि जून माह में आरोपियों के मवेशी उनके खेत में घुसकर फसल नष्ट कर दिए थे। इसका विरोध करने पर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। एक बार फिर आरोपियों के मवेशी उनके दरवाजे पर पहुंच गए थे। जब वे उन्हें हटाने के लिए गए, तो आरोपी गाली-गलौज करने लगे और फिर मारपीट शुरू कर दी। बीच-बचाव करने आए परिवार के अन्य सदस्यों को भी घायल कर दिया गया। बेहतर इलाज के लिए मॉडल अस्पताल रेफर सभी घायलों को तत्काल कटेया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए मॉडल अस्पताल रेफर कर दिया।


