गोपालगंज में डिलीवरी के बाद महिला की मौत:ऑपरेशन के बाद महिला का पेशाब रुका, डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप, परिजन ने किया हंगामा

गोपालगंज में डिलीवरी के बाद महिला की मौत:ऑपरेशन के बाद महिला का पेशाब रुका, डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप, परिजन ने किया हंगामा

गोपालगंज के नगर थाना क्षेत्र स्थित बंजारी के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया। आक्रोशित परिजनों ने शव को अस्पताल के सामने रखकर विरोध प्रदर्शन किया और डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतका की पहचान थावे थाना क्षेत्र के चौराव गांव निवासी आफिया परवीन के रूप में हुई है। ऑपरेशन के बाद महिला की बिगड़ी तबीयत घटना के संबंध में बताया गया कि आफिया परवीन पिछले नौ महीनों से बंजारी के सुमन हॉस्पिटल में ही अपना इलाज करा रही थीं। परिवार के सदस्यों का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच और दवाइयां इसी अस्पताल से चल रही थीं, और डॉक्टरों ने लगातार सब कुछ सामान्य बताया था। 11 तारीख को आफिया परवीन की डिलीवरी के लिए ऑपरेशन की तारीख तय की गई थी। मृतका के भाई फैज राजा ने बताया कि सभी रिपोर्ट सामान्य थीं और डॉक्टरों ने किसी तरह की जटिलता की बात नहीं कही थी। 11 तारीख को शाम करीब 5 बजकर 32 मिनट पर आफिया का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के तुरंत बाद ही महिला की तबीयत बिगड़ने लगी। पेशाब रुकने के बाद दर्द हो गया था शुरू परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद आफिया को लगातार ब्लीडिंग हो रही थी और उसकी हालत तेजी से खराब हो रही थी। परिवार के अनुसार, ऑपरेशन के बाद महिला को पेशाब भी नहीं हो रहा था और दर्द भी लगातार बढ़ता जा रहा था। फैज राजा ने बताया कि अस्पताल की ओर से अचानक कहा गया कि मरीज को तुरंत खून की जरूरत है, जिसके बाद परिजन आनन-फानन में खून का इंतजाम करने में जुट गए। परिजन से बिना पूछे दोबारा किया ऑपरेशन इसी दौरान, परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने बिना सही जानकारी दिए और बिना उनकी अनुमति के महिला का दोबारा ऑपरेशन कर दिया। दूसरे ऑपरेशन के बाद भी महिला की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। ब्लीडिंग लगातार जारी रही और दर्द भी कम नहीं हुआ। इसके बाद परिवार ने डॉक्टर से मरीज को किसी बड़े अस्पताल में रेफर करने की मांग की। मृतका के भाई ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने डॉक्टर से रेफर करने की बात कही तो डॉक्टर ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि डॉक्टर ने कहा कि “मैं एमबीबीएस डॉक्टर हूं, मुझे पता है क्या करना है।” परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें डांटकर चुप कराने की कोशिश की। जब परिवार के लोग बार-बार मरीज को रेफर करने की मांग करने लगे तो अस्पताल में मौजूद कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट भी की और अस्पताल का गेट बंद कर दिया गया। हालांकि किसी तरह परिवार के लोग महिला को वहां से लेकर निकले और तुरंत गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। लगातार खून बहने से हालत बिगड़ी गोरखपुर के रचित हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने मरीज की गंभीर हालत देखकर परिजनों को बताया कि महिला के बचने की संभावना बेहद कम है। डॉक्टरों ने कहा कि मरीज की हालत बहुत नाजुक है और लगातार खून बहने के कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर हो चुकी है। नकाफी कोशिशों के बावजूद आखिरकार आफिया परवीन ने दम तोड़ दिया। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई। हॉस्पिटल के सामने किया विरोध प्रदर्शन इसके बाद आक्रोशित परिजन शव लेकर वापस गोपालगंज पहुंचे और सुमन हॉस्पिटल के सामने रखकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया।

परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते मरीज को किसी बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी। उनका आरोप है कि अस्पताल की लापरवाही और गलत इलाज की वजह से आफिया की मौत हुई है।

बताया जा रहा है कि मृतका आफिया परवीन का मायका थावे थाना क्षेत्र के चौराव गांव में है, जबकि उसकी शादी बरौली थाना क्षेत्र के बखरौल बाजार में हुई थी। आफिया की मौत के बाद दोनों परिवारों में मातम का माहौल है।

घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराने की कोशिश की। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। गोपालगंज के नगर थाना क्षेत्र स्थित बंजारी के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया। आक्रोशित परिजनों ने शव को अस्पताल के सामने रखकर विरोध प्रदर्शन किया और डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतका की पहचान थावे थाना क्षेत्र के चौराव गांव निवासी आफिया परवीन के रूप में हुई है। ऑपरेशन के बाद महिला की बिगड़ी तबीयत घटना के संबंध में बताया गया कि आफिया परवीन पिछले नौ महीनों से बंजारी के सुमन हॉस्पिटल में ही अपना इलाज करा रही थीं। परिवार के सदस्यों का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच और दवाइयां इसी अस्पताल से चल रही थीं, और डॉक्टरों ने लगातार सब कुछ सामान्य बताया था। 11 तारीख को आफिया परवीन की डिलीवरी के लिए ऑपरेशन की तारीख तय की गई थी। मृतका के भाई फैज राजा ने बताया कि सभी रिपोर्ट सामान्य थीं और डॉक्टरों ने किसी तरह की जटिलता की बात नहीं कही थी। 11 तारीख को शाम करीब 5 बजकर 32 मिनट पर आफिया का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के तुरंत बाद ही महिला की तबीयत बिगड़ने लगी। पेशाब रुकने के बाद दर्द हो गया था शुरू परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद आफिया को लगातार ब्लीडिंग हो रही थी और उसकी हालत तेजी से खराब हो रही थी। परिवार के अनुसार, ऑपरेशन के बाद महिला को पेशाब भी नहीं हो रहा था और दर्द भी लगातार बढ़ता जा रहा था। फैज राजा ने बताया कि अस्पताल की ओर से अचानक कहा गया कि मरीज को तुरंत खून की जरूरत है, जिसके बाद परिजन आनन-फानन में खून का इंतजाम करने में जुट गए। परिजन से बिना पूछे दोबारा किया ऑपरेशन इसी दौरान, परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने बिना सही जानकारी दिए और बिना उनकी अनुमति के महिला का दोबारा ऑपरेशन कर दिया। दूसरे ऑपरेशन के बाद भी महिला की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। ब्लीडिंग लगातार जारी रही और दर्द भी कम नहीं हुआ। इसके बाद परिवार ने डॉक्टर से मरीज को किसी बड़े अस्पताल में रेफर करने की मांग की। मृतका के भाई ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने डॉक्टर से रेफर करने की बात कही तो डॉक्टर ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि डॉक्टर ने कहा कि “मैं एमबीबीएस डॉक्टर हूं, मुझे पता है क्या करना है।” परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें डांटकर चुप कराने की कोशिश की। जब परिवार के लोग बार-बार मरीज को रेफर करने की मांग करने लगे तो अस्पताल में मौजूद कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट भी की और अस्पताल का गेट बंद कर दिया गया। हालांकि किसी तरह परिवार के लोग महिला को वहां से लेकर निकले और तुरंत गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। लगातार खून बहने से हालत बिगड़ी गोरखपुर के रचित हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने मरीज की गंभीर हालत देखकर परिजनों को बताया कि महिला के बचने की संभावना बेहद कम है। डॉक्टरों ने कहा कि मरीज की हालत बहुत नाजुक है और लगातार खून बहने के कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर हो चुकी है। नकाफी कोशिशों के बावजूद आखिरकार आफिया परवीन ने दम तोड़ दिया। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई। हॉस्पिटल के सामने किया विरोध प्रदर्शन इसके बाद आक्रोशित परिजन शव लेकर वापस गोपालगंज पहुंचे और सुमन हॉस्पिटल के सामने रखकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया।

परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते मरीज को किसी बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी। उनका आरोप है कि अस्पताल की लापरवाही और गलत इलाज की वजह से आफिया की मौत हुई है।

बताया जा रहा है कि मृतका आफिया परवीन का मायका थावे थाना क्षेत्र के चौराव गांव में है, जबकि उसकी शादी बरौली थाना क्षेत्र के बखरौल बाजार में हुई थी। आफिया की मौत के बाद दोनों परिवारों में मातम का माहौल है।

घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराने की कोशिश की। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।  

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