गयाजी के डीएम शशांक शुभंकर के नाम से फर्जी वाट्सएप अकाउंट बनाए जाने का मामला सामने आया है। यह अकाउंट किसी असामाजिक तत्व ने बनाया है। +84 582798131 नंबर से बनाए गए इस अकाउंट में प्रोफाइल फोटो के रूप में जिला पदाधिकारी की तस्वीर का भी उपयोग किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी तरह फर्जी है। इस नंबर से जिले के कुछ पदाधिकारियों को भी मैसेज भेजे गए हैं। डीएम ने सभी पदाधिकारियों और आम लोगों से अपील की है कि इस फर्जी वाट्सएप अकाउंट से आने वाले किसी भी मैसेज का जवाब न दें। ऐसे फर्जी अकाउंट बनाकर लोगों को ठगने या प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश की जा सकती है। सतर्क रहिए और कोई जानकारी भी साझा मत कीजिए।
लोगों से सतर्क रहने की अपील साथ ही पुलिस उपाधीक्षक(साइबर सिक्योरिटी) को जांच कर दोषियों केखिलाफ कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सरकारी पदाधिकारियों के नाम से आने वाले किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की तुरंत पुष्टि कर लें। जरूरत पड़ने पर इसकी सूचना साइबर सेल या पुलिस को दें, ताकि समय रहते ऐसे साइबर अपराधियों पर कार्रवाई की जा सके। गयाजी के डीएम शशांक शुभंकर के नाम से फर्जी वाट्सएप अकाउंट बनाए जाने का मामला सामने आया है। यह अकाउंट किसी असामाजिक तत्व ने बनाया है। +84 582798131 नंबर से बनाए गए इस अकाउंट में प्रोफाइल फोटो के रूप में जिला पदाधिकारी की तस्वीर का भी उपयोग किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी तरह फर्जी है। इस नंबर से जिले के कुछ पदाधिकारियों को भी मैसेज भेजे गए हैं। डीएम ने सभी पदाधिकारियों और आम लोगों से अपील की है कि इस फर्जी वाट्सएप अकाउंट से आने वाले किसी भी मैसेज का जवाब न दें। ऐसे फर्जी अकाउंट बनाकर लोगों को ठगने या प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश की जा सकती है। सतर्क रहिए और कोई जानकारी भी साझा मत कीजिए।
लोगों से सतर्क रहने की अपील साथ ही पुलिस उपाधीक्षक(साइबर सिक्योरिटी) को जांच कर दोषियों केखिलाफ कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सरकारी पदाधिकारियों के नाम से आने वाले किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की तुरंत पुष्टि कर लें। जरूरत पड़ने पर इसकी सूचना साइबर सेल या पुलिस को दें, ताकि समय रहते ऐसे साइबर अपराधियों पर कार्रवाई की जा सके।


