मुजफ्फरपुर में खाद्यान्न आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने फैसला लिया है। उपभोक्ताओं के हित में अब रविवार को भी सभी गोदाम खुले रहेंगे। साथ ही चेतावनी दी गई है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले परिवहन अभिकर्ताओं पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी बैंक गारंटी और सिक्युरिटी मनी जब्त की जाएगी, एग्रीमेंट रद्द होगा और ब्लैकलिस्टिंग की जाएगी। खाद्यान्न उठाव की समीक्षा के दौरान कई जगहों पर अनियमितता पाए जाने के बाद डीएम ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उपभोक्ताओं के अधिकारों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। इसी के तहत रविवार सुबह 7 बजे से सभी गोदाम खुले रखने और समय पर खाद्यान्न उठाव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। डीएम ने एसएफसी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी और दोनों अनुमंडल पदाधिकारियों को 31 मार्च तक 100 प्रतिशत खाद्यान्न उठाव सुनिश्चित करने का टास्क दिया है। साथ ही अधिकारियों को खुद मौके पर मौजूद रहकर निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। लापवाही पर पर 30 लाख रुपये तक होंगे जब्त डोर स्टेप डिलीवरी (DSD) से जुड़े परिवहन अभिकर्ताओं को भी कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे तय मानकों का पालन करें। किसी भी तरह की लापरवाही या आदेश उल्लंघन की स्थिति में संबंधित एजेंसी की 20 लाख रुपये की बैंक गारंटी और 30 लाख रुपये की सिक्युरिटी डिपॉजिट जब्त कर ली जाएगी। डीएम ने खाद्यान्न की कालाबाजारी पर भी जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए कहा कि इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण, भौतिक सत्यापन और ऑनलाइन मॉनिटरिंग के जरिए पूरी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने का निर्देश दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी खाद्यान्न का एक-एक दाना गरीब और जरूरतमंदों के लिए है, इसलिए वितरण व्यवस्था में किसी भी तरह की गड़बड़ी गंभीर अपराध मानी जाएगी। मुजफ्फरपुर में खाद्यान्न आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने फैसला लिया है। उपभोक्ताओं के हित में अब रविवार को भी सभी गोदाम खुले रहेंगे। साथ ही चेतावनी दी गई है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले परिवहन अभिकर्ताओं पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी बैंक गारंटी और सिक्युरिटी मनी जब्त की जाएगी, एग्रीमेंट रद्द होगा और ब्लैकलिस्टिंग की जाएगी। खाद्यान्न उठाव की समीक्षा के दौरान कई जगहों पर अनियमितता पाए जाने के बाद डीएम ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उपभोक्ताओं के अधिकारों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। इसी के तहत रविवार सुबह 7 बजे से सभी गोदाम खुले रखने और समय पर खाद्यान्न उठाव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। डीएम ने एसएफसी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी और दोनों अनुमंडल पदाधिकारियों को 31 मार्च तक 100 प्रतिशत खाद्यान्न उठाव सुनिश्चित करने का टास्क दिया है। साथ ही अधिकारियों को खुद मौके पर मौजूद रहकर निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। लापवाही पर पर 30 लाख रुपये तक होंगे जब्त डोर स्टेप डिलीवरी (DSD) से जुड़े परिवहन अभिकर्ताओं को भी कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे तय मानकों का पालन करें। किसी भी तरह की लापरवाही या आदेश उल्लंघन की स्थिति में संबंधित एजेंसी की 20 लाख रुपये की बैंक गारंटी और 30 लाख रुपये की सिक्युरिटी डिपॉजिट जब्त कर ली जाएगी। डीएम ने खाद्यान्न की कालाबाजारी पर भी जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए कहा कि इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण, भौतिक सत्यापन और ऑनलाइन मॉनिटरिंग के जरिए पूरी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने का निर्देश दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी खाद्यान्न का एक-एक दाना गरीब और जरूरतमंदों के लिए है, इसलिए वितरण व्यवस्था में किसी भी तरह की गड़बड़ी गंभीर अपराध मानी जाएगी।


