ललितपुर में अधिवक्ता कृपाल सिंह के साथ मारपीट के आरोप में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) न्यायालय ने दो दरोगा और एक सिपाही के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। अधिवक्ता कृपाल सिंह ने कोर्ट में दिए शिकायत में बताया कि 7 दिसंबर 2023 की शाम एक विवाद की सूचना पर डायल-112 के माध्यम से चौकी प्रभारी दैलवारा, दरोगा ललित उज्जवल और दरोगा दीपक डागर उनके आवास पर पहुंचे थे। हवालात में बंद कर पीटा आरोप है कि पुलिसकर्मी उन्हें और उनके चचेरे भाई को जबरन कोतवाली ले गए और हवालात में बंद कर दिया। अधिवक्ता का कहना है कि कोतवाली परिसर में दोनों दरोगाओं और एक सिपाही ने मिलकर उनके साथ पट्टों, लात-घूंसों से बेरहमी से मारपीट की। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी पीड़ित ने आरोप लगाया कि उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। घटना का वीडियो बनाया गया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। गंभीर चोटों के बावजूद समय पर मेडिकल परीक्षण न कराए जाने की बात भी सामने आई है। मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने प्रथम दृष्टया अपराध मानते हुए कोतवाली प्रभारी को निर्देश दिया है कि दो दिनों के भीतर एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू की जाए। साथ ही जांच की प्रगति से कोर्ट को अवगत कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि उन्हें अभी तक कोर्ट का आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। कोर्ट के इस आदेश के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।


