कोडरमा में बंद खदान में डूबी महिला:कपड़ा धोते समय पैर फिसला, 60 फीट गहरे पानी में समाई, NDRF की टीम पहुंची

कोडरमा जिले के डोमचांच थाना क्षेत्र के काराखुट में शनिवार सुबह एक बंद पड़ी पत्थर खदान में डूबने से 50 वर्षीय महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान संगीता देवी, पति विजय सिंह के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार संगीता देवी रोज की तरह खदान में कपड़े धोने गई थीं। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर उनकी छोटी बेटी उन्हें खोजते हुए खदान के पास पहुंची। वहां कपड़े तो किनारे पड़े मिले, लेकिन संगीता देवी नजर नहीं आईं। घबराई बेटी ने तुरंत घर जाकर पिता और अन्य परिजनों को सूचना दी। परिजन दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे और आसपास तलाश शुरू की। 60-70 फीट गहरा पानी, NDRF पहुंची परिजनों ने आशंका जताई कि कपड़े धोते समय उनका पैर फिसल गया होगा और वह सीधे गहरे पानी में जा गिरी होंगी। सूचना मिलने पर डोमचांच थाना प्रभारी अभिमन्यु पड़िहार दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि खदान काफी समय से बंद है। इसकी गहराई लगभग 60 से 70 फीट है। पानी से भरे इस खदान में उतरना जोखिम भरा है। शव की तलाश के लिए चौपारण से गोताखोरों को बुलाया गया है। इसके अलावा राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीम को भी सूचना दी गई है। पुलिस ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही शव को बाहर निकाल लिया जाएगा। घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुटी रही और पूरे इलाके में शोक का माहौल है। बंद खदानें बनीं खतरा, पहले भी हो चुके हैं हादसे कोडरमा जिले में कई पत्थर खदान वर्षों से बंद पड़े हैं, जिनमें बरसाती पानी भर चुका है। सुरक्षा इंतजाम न होने के कारण ये खदानें ग्रामीणों के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं। पूर्व में भी ऐसे कई हादसे सामने आ चुके हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बंद खदानों को चिन्हित कर घेराबंदी की जाए और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को अपूरणीय क्षति न झेलनी पड़े। कोडरमा जिले के डोमचांच थाना क्षेत्र के काराखुट में शनिवार सुबह एक बंद पड़ी पत्थर खदान में डूबने से 50 वर्षीय महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान संगीता देवी, पति विजय सिंह के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार संगीता देवी रोज की तरह खदान में कपड़े धोने गई थीं। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर उनकी छोटी बेटी उन्हें खोजते हुए खदान के पास पहुंची। वहां कपड़े तो किनारे पड़े मिले, लेकिन संगीता देवी नजर नहीं आईं। घबराई बेटी ने तुरंत घर जाकर पिता और अन्य परिजनों को सूचना दी। परिजन दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे और आसपास तलाश शुरू की। 60-70 फीट गहरा पानी, NDRF पहुंची परिजनों ने आशंका जताई कि कपड़े धोते समय उनका पैर फिसल गया होगा और वह सीधे गहरे पानी में जा गिरी होंगी। सूचना मिलने पर डोमचांच थाना प्रभारी अभिमन्यु पड़िहार दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि खदान काफी समय से बंद है। इसकी गहराई लगभग 60 से 70 फीट है। पानी से भरे इस खदान में उतरना जोखिम भरा है। शव की तलाश के लिए चौपारण से गोताखोरों को बुलाया गया है। इसके अलावा राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीम को भी सूचना दी गई है। पुलिस ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही शव को बाहर निकाल लिया जाएगा। घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुटी रही और पूरे इलाके में शोक का माहौल है। बंद खदानें बनीं खतरा, पहले भी हो चुके हैं हादसे कोडरमा जिले में कई पत्थर खदान वर्षों से बंद पड़े हैं, जिनमें बरसाती पानी भर चुका है। सुरक्षा इंतजाम न होने के कारण ये खदानें ग्रामीणों के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं। पूर्व में भी ऐसे कई हादसे सामने आ चुके हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बंद खदानों को चिन्हित कर घेराबंदी की जाए और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को अपूरणीय क्षति न झेलनी पड़े।  

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