किशनगंज जिले के बहादुरगंज प्रखंड स्थित लौचा गांव में भीषण आग लगने से करीब 10 परिवारों के घर जलकर राख हो गए। शॉर्ट सर्किट को आग लगने का कारण बताया जा रहा है, जिससे लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। वार्ड नंबर 07 के तेघरिया गांव में आग लगने की खबर फैलते ही ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और प्रशासन को सूचित किया। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड और ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। 10 लाख रुपए का नुकसान इस अग्निकांड में रिजवान आलम, झरिमन निशां, सलीमउद्दीन, रेहान, गुलफन निशां, खातिब आलम, हसीब, मोहिउद्दीन, अनवारूल और शाइस्ता बेगम सहित लगभग 10 परिवारों के घर पूरी तरह जल गए। इन परिवारों का सब कुछ खाक हो गया, जिससे अनुमानित 8 से 10 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। बिजली विभाग से की गई थी शिकायत अग्नि पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने बिजली विभाग को शॉर्ट सर्किट की समस्या के बारे में पहले भी कई बार सूचित किया था, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इस संबंध में बिजली विभाग से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई। पीड़ितों ने अब प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की है। किशनगंज जिले के बहादुरगंज प्रखंड स्थित लौचा गांव में भीषण आग लगने से करीब 10 परिवारों के घर जलकर राख हो गए। शॉर्ट सर्किट को आग लगने का कारण बताया जा रहा है, जिससे लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। वार्ड नंबर 07 के तेघरिया गांव में आग लगने की खबर फैलते ही ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और प्रशासन को सूचित किया। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड और ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। 10 लाख रुपए का नुकसान इस अग्निकांड में रिजवान आलम, झरिमन निशां, सलीमउद्दीन, रेहान, गुलफन निशां, खातिब आलम, हसीब, मोहिउद्दीन, अनवारूल और शाइस्ता बेगम सहित लगभग 10 परिवारों के घर पूरी तरह जल गए। इन परिवारों का सब कुछ खाक हो गया, जिससे अनुमानित 8 से 10 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। बिजली विभाग से की गई थी शिकायत अग्नि पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने बिजली विभाग को शॉर्ट सर्किट की समस्या के बारे में पहले भी कई बार सूचित किया था, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इस संबंध में बिजली विभाग से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई। पीड़ितों ने अब प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की है।


