कभी सचिवालय का अधिकारी, कभी ड्रग इंस्पेक्टर बनकर ठगी:पुलिस पकड़ने गई तो जहर का ड्रामा, ईनो खाकर मुंह से निकाले झाग

कभी सचिवालय का अधिकारी, कभी ड्रग इंस्पेक्टर बनकर ठगी:पुलिस पकड़ने गई तो जहर का ड्रामा, ईनो खाकर मुंह से निकाले झाग

जयपुर पुलिस ने शातिर ठग अरुण कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी डिग्री बना चुका है। कभी सचिवालय का अधिकारी बनकर नौकरी लगाने के नाम पर ठगी की तो कभी ड्रग ऑफिसर बनकर मेडिकल स्टोर संचालकों को ठगा। 5 साल पहले पुलिस पकड़ने गई तो इनो खा लिया। मुंह से झाग निकलने लगे। पुलिस को लगा जहर खा लिया। इसी गलफतल का फायदा उठाकर आरोपी फरार हो गया। डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा ने बताया कि जयपुर कमिश्नरेट के ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने 10 मार्च 2026 को आरोपी अरुण कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर 10 हजार का इनाम घोषित था। 17 फरवरी 2025 को सुभाष कुमार की ओर से आरोपी अरुण के खिलाफ ठगी की एफआईआर दर्ज कराई गई थी। एक साल से पुलिस उसे ढूंढ रही थी। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पीड़ित दीपक कुमार ने बताया कि उनके बेटे सुभाष की नौकरी नहीं लग रही थी। आराेपी ने नवंबर 2022 में उससे संपर्क किया। एक रिश्तेदार के जरिए वे अरुण के संपर्क में आए थे। उसने अरुण की सचिवालय में नौकरी लगवाने का झांसा दिया। अरुण रोज उन्हें झूठे वादे करता- ‘सुभाष और आपको परेशान होने की जरूरत नहीं हैं। आपका बेटा सचिवालय में ही नौकरी करेगा। अगर कोई परेशानी आएगी तो मै हूं ना। सारा काम मेरी देख रेख में हो रहा हैं। आप समय-समय पर पैसा डाल दिया करो।’ आरोपी अरुण समय-समय पर सुभाष का नाम लिखे कुछ सरकारी कागज भी उन लोगों को भेज देता। इससे उन्हें विश्वास हो जाता। दो साल में आरोपी उनसे 3 लाख 20 हजार रुपए ले चुका था। इस बीच आरोपी निरंतर पीड़ित परिवार के सम्पर्क में था। उन्हें सचिवालय में बैठ कर सचिवालय के कक्षों की फोटो भेजता। इससे परिवार को विश्वास हो जाता कि वह उनके काम में लगा हुआ है। वर्ष 2025 में जब उन्हें लगा कि आरोपी उनके साथ धोखा कर रहा है तो 17 फरवरी को आरोपी के खिलाफ ब्रह्मपुरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। घर से मिली फर्जी डिग्रियां, स्टाम्प, एग्रीमेंट गिरफ्तारी के बाद ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने आरोपी के घर और अन्य ठिकानों की जांच की। वहां बड़ी संख्या में फर्जी डिग्री, बिना नोटरी से सत्यापित कराए गए स्टांप पेपर, फर्जी मोहर, सरकारी लैंग्वेज में लिखे गए कई ऑर्डर और एग्रीमेंट मिले। आरोपी को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है। इधर, मीडिया में गिरफ्तारी की रिपोर्ट आने के बाद कई थानों में ठगी के शिकार हुए लोग अपनी परेशानी लेकर पहुंच रहे हैं। 5 साल पहने पुलिस ने पकड़ा तो खा लिया ईनो का पैकेट 2020 में ब्रह्मपुरी थाने में आरोपी अरुण कुमार के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज हुआ था। एफआईआर दर्ज होने के बाद से आरोपी फरार हो गया। पुलिस टीम को मुखबिर से आरोपी के घर के आसपास होने की जानकारी मिली। पुलिस टीम आरोपी को डिटेन करने के लिए मौके पर पहुंची। अरुण कुमार उस दौरान सड़क पर अपने बेटे के साथ था। अरुण को भनक लग गई कि पुलिस उस के आसपास है। उसने बेटे को घर के पास छोड़ा और मौके से भागने लगा। पुलिस टीम भी उसका पीछा करने लगी। जैसे ही पुलिस करीब पहुंची तो आरोपी ने ईनो खा लिया। कुछ ही सेकेंड में मुंह से झाग आने लगे। लोगों का लगा कि आरोपी ने जहर खा लिया। मौके पर भीड़ जमा हो गई। इसी का फायदा उठाकर आरोपी फरार हो गया। ड्रग इंस्पेक्टर बनकर मेडिकल स्टोर वालों से वसूली पुलिस पूछताछ में आरोपी अरुण ने कबूल किया कि उसने मेडिकल स्टोर संचालकों से भी वसूली की। वह अपने एक साथी को मेडिकल स्टोर पर भेजता। वह बोगस ग्राहक बनकर दुकानदार से MTP किट( गर्भपात कराने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवा है) मांगता। ये किट बिना डॉक्टर की प्रिस्क्रिप्शन के नहीं मिल सकता। मेडिकल स्टोर संचालक किट दे देता तो ये लोग उसका वीडियो बना लेते। इसके बाद अरुण ड्रग इंस्पेक्टर बनकर मेडिकल स्टोर संचालक को काॅल करता। मेडिकल स्टोर संचालक डर जाते और कार्रवाई न करने के एवज में जितने रुपए मांगते, दे देते। सरकारी नौकरी लगाने की पूरी जिम्मेदारी,नहीं लगी तो पैसा डलब ब्रह्मपुरी थाने की सीआई हेमंत ने बताया कि आरोपी अरुण कुमार के पास मिली फाइलों में कई ऐसे दस्तावेज हैं जो हैरान करने वाले हैं। लेखनी पूरी सरकारी है। नौकरी के नाम पर झांसा देने के लिए आरोपी इन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल करता। इसके बाद भी किसी को भरोसा नहीं होता तो फर्जी एग्रीमेंट दिखा देता। जिसमें काम नहीं होने पर पैसा डबल कर देने की बात लिखी होती। सीएसटी का जवान बन कर सटोरियों को धमका कर लिया पैसा नाहरगढ़ थाना इलाके में भी आरोपी के खिलाफ मामले दर्ज हैं। आरोपी अरुण कुमार ने खुद को सीएसटी का जवान बता कर सट्‌टा खिलाने वाले से रुपए वसूल लिए। सच सामने आने के बाद आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। ब्रह्मपुरी थाने के सीआई हेमंत ने बताया कि आरोपी ने विद्याधर नगर के एक निजी कॉलेज से नर्सिंग किया हुआ है। वर्ष 2016 से 2019 तक नर्सिंग करने के बाद आरोपी अरुण ने कुछ दिन निजी अस्पतालों में प्रेक्टिस भी की। इस दौरान अरुण कुमार की संगत सट्टोरियों के साथ हो गई। सट्‌टे और नशे का शौक पूरा करने के लिए उसने ठगी का रास्ता चुना।

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