कटिहार एक्सीडेंट में एक गांव के 7 लोगों की मौत:पूर्णिया में 500 घरों में नहीं जला चूल्हा, मां के इंतजार में बच्चे; परिजन बोले- लाशों से गहने तक उठा ले गए लोग

कटिहार एक्सीडेंट में एक गांव के 7 लोगों की मौत:पूर्णिया में 500 घरों में नहीं जला चूल्हा, मां के इंतजार में बच्चे; परिजन बोले- लाशों से गहने तक उठा ले गए लोग

चाची की सड़क हादसे में मौत हो गई। जबकि, चाचा हंज़ू हांसदा, उनके दामाद, नाती और नतनी के अलावा बहन के पति जख्मी हैं। वो पूर्णिया जीएमसीएच में भर्ती है। मौत के बाद लोग लाशों से गहने चोरी करके ले गए। हमारी सरकार से मांग है कि हमारे सामान वापस करें और हमें मुआवजा दें। ये कहना मृतका बिटिया मरांडी के भतीजे राजा टुड्डू का है। दरअसल, कटिहार में शनिवार को बस और पिकअप की टक्कर में 13 लोगों की जान चली गई। बस ने 100 की स्पीड में पिकअप को उड़ा दिया। इस हादसे में मरने वालों में 11 लोग पूर्णिया, जबकि 2 कटिहार के हैं। एक ही गांव के 7 लोग इस हादसे में मारे गए। सभी पूर्णिया के रानीपतरा के सुहुबा गांव के रहने वाले थे। मरने वालों में 5 महिला, एक बच्ची और एक पुरुष शामिल हैं। पोस्टमॉर्टम के बाद रविवार को रानीपतरा के सुहुबा गांव में एक साथ 7 लाशें पहुंची। इसमें एक लाश पड़ोस के गांव मझुवा के रहने वाले पिकअप ड्राइवर की थी। लाश पहुंचते ही गांव में चीख पुकार मच गई। 500 की आबादी वाले संथाली आदिवासियों के इस गांव में रविवार को चूल्हे नहीं जले। आदिवासी रीति रिवाज से गांव में ही सभी शवों को दफनाया गया। मृतकों में सुहुबा गांव की रहने वाले बबलू हांसदा की बेटी वाली राधिका हांसदा (13), बबलू हांसदा की पत्नी तेलमी देवी (40), ताला हांसदा की पत्नी तलपु सोरेन, देना टुडू की पत्नी ताला, अंजु हांसदा की पत्नी बिटिया मरांडी, ननकू हांसदा की पत्नी पप्पू देवी उर्फ अपनमय टुड्डू (45) शामिल हैं। एक्सीडेंट में पिकअप ड्राइवर चिंतामणि महतो (35) की भी जान चली गई। भास्कर रिपोर्टर हादसे में मारे गए सुहुबा गांव के सभी मृतकों के घर पहुंचे और गमजदा परिजनों से बातचीत की। झारखंड में मन्नत पूरी होने पर जा रही थी पत्नी हादसे में सास अपनमय टुड्डू (45) और बहू ललिता मुर्मू (25) की जान चली गई। अपनमय टुड्डू के पति ननकू हांसदा ने बताया कि उनके 8 बच्चे हैं। सभी की शादी हो चुकी है। सावन में जैसे हिंदू भगवान शिव को जलाभिषेक करने बैद्यनाथ धाम और दूसरे ज्योतिर्लिंग जाते हैं, ठीक उसी तरह संथाली समुदाय के लोग अप्रैल महीने में झारखंड पचकटिया स्थित जियन मारांग बुरु जय शंकर भगवान के धाम पूजा के लिए जाते हैं। पत्नी अपनमय टुड्डू ने पोते-पोती के लिए मन्नत मांगी थी। मन्नत पूरी होने पर धाम दर्शन के लिए बच्चों की मां ललिता मुर्मू संग धाम पर गई थी। दोनों के साथ परिवार के दो अन्य सदस्य गए थे। तीर्थ से लौटते वक्त पत्नी की छोटी बहू से बात हुई। फोन पर मछली-चावल बनाकर रखने को कहा था। वे लोग दोनों के आने का इंतजार कर रहे थे। कुछ ही देर बाद एक्सीडेंट की खबर आई। अस्पताल पहुंचने पर पत्नी और बहू की बॉडी खून से लथपथ मिली। ललिता की मौत के बाद से उसके बच्चे नरेश कुमार और नेहा कुमारी मां को खोज रहे हैं।
बस का ड्राइवर नशे में था कोढा हादसे में पिकअप पर सवार मां तेलमी देवी (40) और बेटी राधिका हांसदा (14) की मौत हो गई। तेलमी देवी के बेटे अजय हांसदा ने बताया कि मैं पिकअप में था। बस का ड्राइवर बंगाल से आ रहा था और नशे में भी था। लाशों से जेवर चुराए अजय हांसदा ने आगे बताया कि मां और बहन की मौत के बाद लोगों ने उनके पहने हुए गहने चुरा लिए। पर्स के पैसे तक लोगों ने गायब कर दिए। दोनों के लौटने पर घर में पूजा होनी थी। हमें अब भी यकीन नहीं हो रहा है कि मां और बहन इस दुनिया में नहीं रहे। हादसे में बिटिया मरांडी (45) की भी जान चली गई। धाम से लौटकर बिटिया मरांडी को पति हंज़ू हांसदा के साथ बेटी के घर शादी समारोह में जाना था। उनकी 4 बेटियां हैं। सभी की शादी हो गई है। बड़ी बेटी की ननद की बेटी की 15 अप्रैल को शादी थी। नाती-नतिनी की डिमांड थी कि नए कपड़े और खिलौने ले आना। बच्चों के लिए शॉपिंग हो चुकी थी। धाम से लौटकर बेटी के घर जाना था। एक ही परिवार के 5 लोग हॉस्पिटल में भर्ती बिटिया मरांडी घर के 5 सदस्यों के साथ धाम पर गई थीं। पति हंज़ू हांसदा, दामाद, नाती और नतनी के अलावा बहन के पति भी धाम पर गए थे। हादसे में परिवार के बाकी सभी 5 सदस्य घायल हैं। गंभीर हालत में सभी का इलाज पूर्णिया GMCH में जारी है। सरकार हमारे जेवर वापस करें बिटिया मरांडी के भतीजे राजा टुड्डू ने भी कहा कि लाश से गहने चुरा लिए गए। हमारी सरकार से मांग है कि हमारा जेवर हमें वापस करें। सरकार से मुआवजे की भी मांग करते हैं। कोढ़ा हादसे में पिकअप पर सवार फूलमणि सोरेन 45 की जान चली गई। फूलमणि घर के 6 सदस्यों के साथ घर की सुख समृद्धि के लिए धाम पर गई थीं। पत्नी की मौत के बाद से पति ताला हांसदा और उनके बच्चों को रो-रोकर बुरा हाल है। दाह संस्कार के बाद संथाली परंपराओं से हल्दी, पानी, तेल और दूध से आत्मा की शांति के लिए पूजा की जा रही है। बच्चे मां को खोज रहे हैं कटिहार हादसे में जख्मी हुए 8 लोगों का इलाज पूर्णिया GMCH में डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है। डगरूआ के कुरसेलबाड़ी गांव के रहने वाले जीतू टुड्डू फिलहाल खतरे से बाहर हैं। मगर पत्नी कला सुरेन की हादसे में जान चली गई है। बच्चे घर पर मां पिता की राह देख रहे थे। फफकते हुए पति जीतू टुडे ने कहा कि पत्नी की मौत हो गई है। अब बच्चों को कौन देखेगा। मेरा सबकुछ खत्म हो गया है। डगरूआ के लौरिया के रहने वाले सुफल मुर्मू की पत्नी रंजिता हेंब्रम की इस एक्सीडेंट में इलाज के क्रम में पूर्णिया GMCH में मौत हो गई। रंजीता के साथ उनकी 5 साल की बेटी रेशमी कुमारी भी धाम पर गई थी। घटना के वक्त बच्ची मां की गोद में थी। बच्ची की जान मां ने बचाई, खुद नहीं बची पिकअप पैसेंजरों से खचाखच भरी थी। पिकअप में सवार अधिकांश यात्री झारखंड से लौट रहे थे। हादसे में पिकअप पलट गई। मां ने किसी तरह बच्ची को बचा लिया, लेकिन वो खुद हादसे में अपनी जान गवा बैठी। बड़ी बेटी घर पर आज मां, पिता और अपनी छोटी बहन का इंतजार कर रह थी। मेले से मां बेटी के लिए खिलौने लेकर आ रहे थे। मगर सुबह घर पर लाश पहुंची। चाची की सड़क हादसे में मौत हो गई। जबकि, चाचा हंज़ू हांसदा, उनके दामाद, नाती और नतनी के अलावा बहन के पति जख्मी हैं। वो पूर्णिया जीएमसीएच में भर्ती है। मौत के बाद लोग लाशों से गहने चोरी करके ले गए। हमारी सरकार से मांग है कि हमारे सामान वापस करें और हमें मुआवजा दें। ये कहना मृतका बिटिया मरांडी के भतीजे राजा टुड्डू का है। दरअसल, कटिहार में शनिवार को बस और पिकअप की टक्कर में 13 लोगों की जान चली गई। बस ने 100 की स्पीड में पिकअप को उड़ा दिया। इस हादसे में मरने वालों में 11 लोग पूर्णिया, जबकि 2 कटिहार के हैं। एक ही गांव के 7 लोग इस हादसे में मारे गए। सभी पूर्णिया के रानीपतरा के सुहुबा गांव के रहने वाले थे। मरने वालों में 5 महिला, एक बच्ची और एक पुरुष शामिल हैं। पोस्टमॉर्टम के बाद रविवार को रानीपतरा के सुहुबा गांव में एक साथ 7 लाशें पहुंची। इसमें एक लाश पड़ोस के गांव मझुवा के रहने वाले पिकअप ड्राइवर की थी। लाश पहुंचते ही गांव में चीख पुकार मच गई। 500 की आबादी वाले संथाली आदिवासियों के इस गांव में रविवार को चूल्हे नहीं जले। आदिवासी रीति रिवाज से गांव में ही सभी शवों को दफनाया गया। मृतकों में सुहुबा गांव की रहने वाले बबलू हांसदा की बेटी वाली राधिका हांसदा (13), बबलू हांसदा की पत्नी तेलमी देवी (40), ताला हांसदा की पत्नी तलपु सोरेन, देना टुडू की पत्नी ताला, अंजु हांसदा की पत्नी बिटिया मरांडी, ननकू हांसदा की पत्नी पप्पू देवी उर्फ अपनमय टुड्डू (45) शामिल हैं। एक्सीडेंट में पिकअप ड्राइवर चिंतामणि महतो (35) की भी जान चली गई। भास्कर रिपोर्टर हादसे में मारे गए सुहुबा गांव के सभी मृतकों के घर पहुंचे और गमजदा परिजनों से बातचीत की। झारखंड में मन्नत पूरी होने पर जा रही थी पत्नी हादसे में सास अपनमय टुड्डू (45) और बहू ललिता मुर्मू (25) की जान चली गई। अपनमय टुड्डू के पति ननकू हांसदा ने बताया कि उनके 8 बच्चे हैं। सभी की शादी हो चुकी है। सावन में जैसे हिंदू भगवान शिव को जलाभिषेक करने बैद्यनाथ धाम और दूसरे ज्योतिर्लिंग जाते हैं, ठीक उसी तरह संथाली समुदाय के लोग अप्रैल महीने में झारखंड पचकटिया स्थित जियन मारांग बुरु जय शंकर भगवान के धाम पूजा के लिए जाते हैं। पत्नी अपनमय टुड्डू ने पोते-पोती के लिए मन्नत मांगी थी। मन्नत पूरी होने पर धाम दर्शन के लिए बच्चों की मां ललिता मुर्मू संग धाम पर गई थी। दोनों के साथ परिवार के दो अन्य सदस्य गए थे। तीर्थ से लौटते वक्त पत्नी की छोटी बहू से बात हुई। फोन पर मछली-चावल बनाकर रखने को कहा था। वे लोग दोनों के आने का इंतजार कर रहे थे। कुछ ही देर बाद एक्सीडेंट की खबर आई। अस्पताल पहुंचने पर पत्नी और बहू की बॉडी खून से लथपथ मिली। ललिता की मौत के बाद से उसके बच्चे नरेश कुमार और नेहा कुमारी मां को खोज रहे हैं।
बस का ड्राइवर नशे में था कोढा हादसे में पिकअप पर सवार मां तेलमी देवी (40) और बेटी राधिका हांसदा (14) की मौत हो गई। तेलमी देवी के बेटे अजय हांसदा ने बताया कि मैं पिकअप में था। बस का ड्राइवर बंगाल से आ रहा था और नशे में भी था। लाशों से जेवर चुराए अजय हांसदा ने आगे बताया कि मां और बहन की मौत के बाद लोगों ने उनके पहने हुए गहने चुरा लिए। पर्स के पैसे तक लोगों ने गायब कर दिए। दोनों के लौटने पर घर में पूजा होनी थी। हमें अब भी यकीन नहीं हो रहा है कि मां और बहन इस दुनिया में नहीं रहे। हादसे में बिटिया मरांडी (45) की भी जान चली गई। धाम से लौटकर बिटिया मरांडी को पति हंज़ू हांसदा के साथ बेटी के घर शादी समारोह में जाना था। उनकी 4 बेटियां हैं। सभी की शादी हो गई है। बड़ी बेटी की ननद की बेटी की 15 अप्रैल को शादी थी। नाती-नतिनी की डिमांड थी कि नए कपड़े और खिलौने ले आना। बच्चों के लिए शॉपिंग हो चुकी थी। धाम से लौटकर बेटी के घर जाना था। एक ही परिवार के 5 लोग हॉस्पिटल में भर्ती बिटिया मरांडी घर के 5 सदस्यों के साथ धाम पर गई थीं। पति हंज़ू हांसदा, दामाद, नाती और नतनी के अलावा बहन के पति भी धाम पर गए थे। हादसे में परिवार के बाकी सभी 5 सदस्य घायल हैं। गंभीर हालत में सभी का इलाज पूर्णिया GMCH में जारी है। सरकार हमारे जेवर वापस करें बिटिया मरांडी के भतीजे राजा टुड्डू ने भी कहा कि लाश से गहने चुरा लिए गए। हमारी सरकार से मांग है कि हमारा जेवर हमें वापस करें। सरकार से मुआवजे की भी मांग करते हैं। कोढ़ा हादसे में पिकअप पर सवार फूलमणि सोरेन 45 की जान चली गई। फूलमणि घर के 6 सदस्यों के साथ घर की सुख समृद्धि के लिए धाम पर गई थीं। पत्नी की मौत के बाद से पति ताला हांसदा और उनके बच्चों को रो-रोकर बुरा हाल है। दाह संस्कार के बाद संथाली परंपराओं से हल्दी, पानी, तेल और दूध से आत्मा की शांति के लिए पूजा की जा रही है। बच्चे मां को खोज रहे हैं कटिहार हादसे में जख्मी हुए 8 लोगों का इलाज पूर्णिया GMCH में डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है। डगरूआ के कुरसेलबाड़ी गांव के रहने वाले जीतू टुड्डू फिलहाल खतरे से बाहर हैं। मगर पत्नी कला सुरेन की हादसे में जान चली गई है। बच्चे घर पर मां पिता की राह देख रहे थे। फफकते हुए पति जीतू टुडे ने कहा कि पत्नी की मौत हो गई है। अब बच्चों को कौन देखेगा। मेरा सबकुछ खत्म हो गया है। डगरूआ के लौरिया के रहने वाले सुफल मुर्मू की पत्नी रंजिता हेंब्रम की इस एक्सीडेंट में इलाज के क्रम में पूर्णिया GMCH में मौत हो गई। रंजीता के साथ उनकी 5 साल की बेटी रेशमी कुमारी भी धाम पर गई थी। घटना के वक्त बच्ची मां की गोद में थी। बच्ची की जान मां ने बचाई, खुद नहीं बची पिकअप पैसेंजरों से खचाखच भरी थी। पिकअप में सवार अधिकांश यात्री झारखंड से लौट रहे थे। हादसे में पिकअप पलट गई। मां ने किसी तरह बच्ची को बचा लिया, लेकिन वो खुद हादसे में अपनी जान गवा बैठी। बड़ी बेटी घर पर आज मां, पिता और अपनी छोटी बहन का इंतजार कर रह थी। मेले से मां बेटी के लिए खिलौने लेकर आ रहे थे। मगर सुबह घर पर लाश पहुंची।  

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