किशनगंज पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने थानों में बढ़ती प्रशासनिक शिथिलता पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सभी थानाध्यक्षों को आदेश जारी किया है कि अब जिले के हर थाने में प्रतिदिन सुबह 10 बजे अनिवार्य रॉल कॉल लिया जाएगा। इसके साथ ही, 11 बजे तक रॉल कॉल की तस्वीर व्हाट्सएप पर साझा करना भी अनिवार्य होगा। निर्देशों का पालन न करने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जारी आदेश के अनुसार, रात्रि गश्ती या रात्रि ओडी ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को छोड़कर सभी पदस्थापित/प्रतिनियुक्त पुलिस पदाधिकारियों को थाना सिरिस्ता कक्ष में उपस्थित रहना अनिवार्य होगा। यह नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। अधिकारी कर्तव्यों का ठीक से नहीं करते निर्वहन एसपी संतोष कुमार ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि अक्सर यह देखा गया है कि थानों में तैनात पुलिस अधिकारी समय पर उपस्थित नहीं होते और अपने कर्तव्यों का ठीक से निर्वहन नहीं करते। इससे थाना कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने इसे खेदजनक और अस्वीकार्य प्रशासनिक शिथिलता बताया। रॉल कॉल के दौरान थानाध्यक्ष सभी पदाधिकारियों को दैनिक कार्यों की विस्तृत जानकारी देंगे। इनमें विधि-व्यवस्था संधारण, अपराध अनुसंधान, केस डायरी लेखन, कोर्ट में भेजना, जख्म जांच रिपोर्ट व पोस्टमार्टम रिपोर्ट लाना, सीसीटीएनएस और ई-साक्ष्य पर अपलोड करना, वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी, वारंट-कुर्की का निष्पादन, शिकायतकर्ताओं के आवेदनों की जांच, प्रभावी गश्ती, बैंक व वित्तीय संस्थानों की जांच, सघन वाहन चेकिंग और आगंतुकों से आवेदन लेकर अग्रिम कार्रवाई जैसे कार्य शामिल हैं। 11 बजे तक रॉल कॉल की तस्वीर करनी होगी व्हाट्सएप एसपी संतोष कुमार ने बताया कि सभी थानाध्यक्षों को प्रतिदिन सुबह 11 बजे तक रॉल कॉल की तस्वीर व्हाट्सएप के “Action Group” में अनिवार्य रूप से साझा करनी होगी। यदि किसी थानाध्यक्ष द्वारा इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया, तो उनके विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और अंचल निरीक्षक को इस आदेश का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। उन्हें शिथिलता बरतने वाले थानाध्यक्षों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन समर्पित करना होगा। एसपी ने दोहराया कि यह आदेश जिले के सभी थानों पर लागू होगा और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मिली जानकारी के अनुसार, यह कदम थानों में समयबद्धता, जवाबदेही और कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए उठाया गया है। इससे जिले में कानून-व्यवस्था, अपराध अनुसंधान और आम जनता की शिकायतों के त्वरित निस्तारण में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। किशनगंज पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने थानों में बढ़ती प्रशासनिक शिथिलता पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सभी थानाध्यक्षों को आदेश जारी किया है कि अब जिले के हर थाने में प्रतिदिन सुबह 10 बजे अनिवार्य रॉल कॉल लिया जाएगा। इसके साथ ही, 11 बजे तक रॉल कॉल की तस्वीर व्हाट्सएप पर साझा करना भी अनिवार्य होगा। निर्देशों का पालन न करने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जारी आदेश के अनुसार, रात्रि गश्ती या रात्रि ओडी ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को छोड़कर सभी पदस्थापित/प्रतिनियुक्त पुलिस पदाधिकारियों को थाना सिरिस्ता कक्ष में उपस्थित रहना अनिवार्य होगा। यह नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। अधिकारी कर्तव्यों का ठीक से नहीं करते निर्वहन एसपी संतोष कुमार ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि अक्सर यह देखा गया है कि थानों में तैनात पुलिस अधिकारी समय पर उपस्थित नहीं होते और अपने कर्तव्यों का ठीक से निर्वहन नहीं करते। इससे थाना कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने इसे खेदजनक और अस्वीकार्य प्रशासनिक शिथिलता बताया। रॉल कॉल के दौरान थानाध्यक्ष सभी पदाधिकारियों को दैनिक कार्यों की विस्तृत जानकारी देंगे। इनमें विधि-व्यवस्था संधारण, अपराध अनुसंधान, केस डायरी लेखन, कोर्ट में भेजना, जख्म जांच रिपोर्ट व पोस्टमार्टम रिपोर्ट लाना, सीसीटीएनएस और ई-साक्ष्य पर अपलोड करना, वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी, वारंट-कुर्की का निष्पादन, शिकायतकर्ताओं के आवेदनों की जांच, प्रभावी गश्ती, बैंक व वित्तीय संस्थानों की जांच, सघन वाहन चेकिंग और आगंतुकों से आवेदन लेकर अग्रिम कार्रवाई जैसे कार्य शामिल हैं। 11 बजे तक रॉल कॉल की तस्वीर करनी होगी व्हाट्सएप एसपी संतोष कुमार ने बताया कि सभी थानाध्यक्षों को प्रतिदिन सुबह 11 बजे तक रॉल कॉल की तस्वीर व्हाट्सएप के “Action Group” में अनिवार्य रूप से साझा करनी होगी। यदि किसी थानाध्यक्ष द्वारा इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया, तो उनके विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और अंचल निरीक्षक को इस आदेश का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। उन्हें शिथिलता बरतने वाले थानाध्यक्षों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन समर्पित करना होगा। एसपी ने दोहराया कि यह आदेश जिले के सभी थानों पर लागू होगा और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मिली जानकारी के अनुसार, यह कदम थानों में समयबद्धता, जवाबदेही और कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए उठाया गया है। इससे जिले में कानून-व्यवस्था, अपराध अनुसंधान और आम जनता की शिकायतों के त्वरित निस्तारण में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।


