गोपालगंज के मांझागढ़ थाना क्षेत्र में एक युवती से छेड़खानी के मामले में पुलिस कार्रवाई न होने पर पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनय तिवारी से गुहार लगाई है। परिवार का आरोप है कि आरोपियों ने उन पर झूठा मुकदमा दर्ज कराकर मारपीट की और उनके सदस्यों को गिरफ्तार भी करवा दिया। आरोपी पहले भी पॉक्सो एक्ट के एक मामले में जेल जा चुका पीड़ित परिवार ने एसपी को दिए आवेदन में बताया कि मई माह में उनकी बेटी के साथ गांव के एक 60 वर्षीय व्यक्ति ने छेड़खानी की थी। यह व्यक्ति पहले भी पॉक्सो एक्ट के एक मामले में जेल जा चुका है। इस घटना के संबंध में मांझागढ़ थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। परिवार का आरोप है कि उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि आरोपियों ने उन पर झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया। इस झूठे मामले में पुलिस ने उनके बेटे और दामाद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पीड़ित परिवार ने एसपी को बताया कि आरोपी लगातार उन्हें परेशान कर रहे हैं और अलग-अलग लोगों से झूठे मुकदमे दर्ज कराकर फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें लगातार धमकियां भी मिल रही हैं कि जब तक वे घर छोड़कर नहीं जाते, उन्हें परेशान किया जाएगा। इससे परिवार मानसिक रूप से प्रताड़ित है। गोपालगंज के मांझागढ़ थाना क्षेत्र में एक युवती से छेड़खानी के मामले में पुलिस कार्रवाई न होने पर पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनय तिवारी से गुहार लगाई है। परिवार का आरोप है कि आरोपियों ने उन पर झूठा मुकदमा दर्ज कराकर मारपीट की और उनके सदस्यों को गिरफ्तार भी करवा दिया। आरोपी पहले भी पॉक्सो एक्ट के एक मामले में जेल जा चुका पीड़ित परिवार ने एसपी को दिए आवेदन में बताया कि मई माह में उनकी बेटी के साथ गांव के एक 60 वर्षीय व्यक्ति ने छेड़खानी की थी। यह व्यक्ति पहले भी पॉक्सो एक्ट के एक मामले में जेल जा चुका है। इस घटना के संबंध में मांझागढ़ थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। परिवार का आरोप है कि उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि आरोपियों ने उन पर झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया। इस झूठे मामले में पुलिस ने उनके बेटे और दामाद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पीड़ित परिवार ने एसपी को बताया कि आरोपी लगातार उन्हें परेशान कर रहे हैं और अलग-अलग लोगों से झूठे मुकदमे दर्ज कराकर फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें लगातार धमकियां भी मिल रही हैं कि जब तक वे घर छोड़कर नहीं जाते, उन्हें परेशान किया जाएगा। इससे परिवार मानसिक रूप से प्रताड़ित है।


